अला मासो रिफ्यूजियों से कहते हैं: आप एक सर्वाइवर हैं, किसी से भी निराश न हों

एक तैराकी कोच का बेटा, अला मासो एक नए जीवन के लिए सीरिया से भाग कर जर्मनी चला गया। अब वो 2021 में टोक्यो 2020 में आईओसी रिफ्यूजी ओलंपिक टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए अपने खेलों की शुरुआत की तैयारी कर रहा है। वो बताते हैं कि कैसे खेल उन्हें अपने परिवार से जोड़ता है, खेल उन्हें बहुत से लोगों से मिलने में मदद करता है, और उन्हें कभी कभी अतीत की यादों से विचलित करता है। एक दृढ़ और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ, तैराक और आईओसी स्कॉलरशिप होल्डर को लगता है कि वो ओलंपिक में सभी रिफ्यूजियों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, और दुनिया को को बता देना चाहते हैं कि रिफ्यूजियों के भी सपने और लक्ष्य होते हैं।

अला मासो रिफ्यूजियों से कहते हैं: आप एक सर्वाइवर हैं, किसी से भी निराश न हों

एक तैराकी कोच का बेटा, अला मासो एक नए जीवन के लिए सीरिया से भाग कर जर्मनी चला गया। अब वो 2021 में टोक्यो 2020 में आईओसी रिफ्यूजी ओलंपिक टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए अपने खेलों की शुरुआत की तैयारी कर रहा है। वो बताते हैं कि कैसे खेल उन्हें अपने परिवार से जोड़ता है, खेल उन्हें बहुत से लोगों से मिलने में मदद करता है, और उन्हें कभी कभी अतीत की यादों से विचलित करता है। एक दृढ़ और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ, तैराक और आईओसी स्कॉलरशिप होल्डर को लगता है कि वो ओलंपिक में सभी रिफ्यूजियों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, और दुनिया को को बता देना चाहते हैं कि रिफ्यूजियों के भी सपने और लक्ष्य होते हैं।

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