अपना देश छोड़ने के बाद शरणार्थी जुडोका पोपोल मिसेंगा के लिए खेल जरूरी हो गया

रिफ्यूजी जुडोका पोपोल मिसेंगा रियो में पहली बार रिफ्यूजी ओलंपिक टीम के एथलीटों के साथ जुड़े थे। अब टोक्यो में इस दूसरे ओलंपिक और पिता के रूप में पहले ओलंपिक के लिए, वो अपनी तकनीक में सुधार करने और अपने परिवार और दुनिया भर के शरणार्थियों को अपने सपनों को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं।

अपना देश छोड़ने के बाद शरणार्थी जुडोका पोपोल मिसेंगा के लिए खेल जरूरी हो गया

रिफ्यूजी जुडोका पोपोल मिसेंगा रियो में पहली बार रिफ्यूजी ओलंपिक टीम के एथलीटों के साथ जुड़े थे। अब टोक्यो में इस दूसरे ओलंपिक और पिता के रूप में पहले ओलंपिक के लिए, वो अपनी तकनीक में सुधार करने और अपने परिवार और दुनिया भर के शरणार्थियों को अपने सपनों को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं।

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