जोहान्स स्ट्रोल्ज़: "मुझे लगता है कि मैं कभी हार न मानने का एक अच्छा उदाहरण हूं।"

जब जोहान्स स्ट्रोल्ज को पिछले सीजन के अंत में आस्ट्रिया की स्की टीम से बाहर बैठा दिया था, तब उनके लिए बीजिंग 2022 में हिस्सा लेने की संभावना कम हो गई। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और टीम में वापसी करते हुए विंटर ओलंपिक में तीन पदक हासिल किए। उनके पिता ने कैलगरी 1988 में स्वर्ण पदक अपने नाम किया था। उन्होंने उसकी भी बराबरी की।

जोहान्स स्ट्रोल्ज़: "मुझे लगता है कि मैं कभी हार न मानने का एक अच्छा उदाहरण हूं।"

जब जोहान्स स्ट्रोल्ज को पिछले सीजन के अंत में आस्ट्रिया की स्की टीम से बाहर बैठा दिया था, तब उनके लिए बीजिंग 2022 में हिस्सा लेने की संभावना कम हो गई। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और टीम में वापसी करते हुए विंटर ओलंपिक में तीन पदक हासिल किए। उनके पिता ने कैलगरी 1988 में स्वर्ण पदक अपने नाम किया था। उन्होंने उसकी भी बराबरी की।