वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2022: नीरज चोपड़ा ने रचा इतिहास, भारत के लिए जीता पहला रजत पदक

साल 2003 में पेरिस में अंजू बॉबी जॉर्ज ने लॉन्ग जंप में कांस्य जीता था, अब ओरेगन 2022 में भारतीय जैवलिन थ्रोअर ने रजत पदक जीतकर वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारत को दूसरा पदक दिलाया।

लेखक मनोज तिवारी
फोटो क्रेडिट 2022 Getty Images

भारत के नीरज चोपड़ा टोक्यो 2020 ओलंपिक में जैवलिन थ्रो चैंपियन ने शनिवार को ओरेगन में वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2022 में रजत पदक जीत लिया है। इसके साथ ही उन्होंने वर्ल्ड स्टेज पदक के लिए भारत के 19 साल के लंबे इंतजार को समाप्त कर दिया।

यह वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारत का दूसरा पदक है, इससे पहले लॉन्ग जम्पर अंजू बॉबी जॉर्ज ने पेरिस 2003 में भारत को वर्ल्ड स्टेज पर पहला पदक कांस्य के रूप में दिलाया था।

हेवर्ड फील्ड में फाइनल में नीरज चोपड़ा का 88.13 मीटर का सर्वश्रेष्ठ रहा, वहीं एंडरसन पीटर्स ने 90.54 मीटर की दूरी निकालकर स्वर्ण पदक जीता। टोक्यो 2020 के रजत पदक विजेता जैकब वडलेज ने 88.09 मीटर के साथ कांस्य पदक जीता।

नीरज चोपड़ा ने ओरेगन 2022 पुरुषों की जैवलिन थ्रो यानी भाला फेंक के क्वालीफिकेशन राउंड में 88.39 मीटर की दूरी निकालकर फाइनल में जगह बनाई थी। फाइनल में उनका पहला थ्रो फॉल था। फाइनल के अपने पहले थ्रो में ग्रेनाडा के मौजूदा चैंपियन एंडरसन पीटर्स ने 90.21 मीटर की दूरी निकालकर हाई बेंचमार्क सेट कर दिया।

नीरज चोपड़ा ने पिछले महीने स्टॉकहोम डायमंड लीग में अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 89.94 मीटर की दूरी निकालकर राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी तोड़ा था। ओरेगन में उन्होंने अपने दूसरे और तीसरे प्रयास में क्रमशः 82.39 मीटर और 86.37 मीटर की दूरी निकाली।

हालांकि थ्रो की तीसरी सीरीज के बाद भी भारतीय पदक की रेस से बाहर था।फिर भी नीरज चोपड़ा को तीन अतिरिक्त थ्रो करने थे, जहां वह खुद को पदक की स्थिति में बरकरार रख सकते थे। क्योंकि वह तीसरे राउंड के बाद चौथे स्थान पर थे। वहीं नीचे के चार थ्रोअर पहले तीन थ्रो के बाद ड्रॉप आउट हो गए।

वहीं पीटर्स ने अपने दूसरे प्रयास में 90.46 मीटर की दूरी निकालकर अपना प्रदर्शन और बेहतर कर लिया।

नीरज चोपड़ा ने आखिरकार चौथे प्रयास में 88.13 मीटर की दूरी निकालकर शीर्ष तीन में पहुंच गए। इस तरह उन्हें अब चेक गणराज्य के जैकब वाडलेज और जर्मनी के जूलियन वेबर से रजत पदक के मुकाबला करना था।

24 वर्षीय नीरज चोपड़ा ने अपने पांचवें और छठे प्रयास में असफल रहे और उनका थ्रो फॉल रहा। लेकिन वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारत को अपना पहला रजत पदक दिलाने के लिए उनका चौथा प्रयास पर्याप्त सााबित हुआ।

पीटर्स ने जीत के अंतर को बढ़ाने के लिए अंतिम थ्रो के साथ 90.54 मीटर दूरी निकाली और वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में पुरुषों के जैवलिन थ्रो यानी भाला फेंक के सरताज बन गए। यही नहीं उन्होंने सफलतापूर्वक अपने खिताब का बचाव भी किया। ऐसा करने वाले वह दिग्गज जान जेलेजनी के बाद पहले जैवलिन थ्रोअर बन गए।

यह केवल पांचवीं बार था जब वर्ल्ड चैंपियनशिप के 18 संस्करणों में जैवलिन थ्रो के फाइनल में 90 मीटर से अधिक मार्क के साथ जीता गया है।

इस बीच नीरज चोपड़ा के हमवतन रोहित यादव 78.72 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ 10वें स्थान पर रहे, जो उन्होंने अपने तीसरे प्रयास में फेंका था। उनके पहले दो प्रयास क्रमशः 77.96 मीटर और 78.05 मीटर की दूरी तक गए थे।

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