निकहत जरीन ने मैरी कॉम के साथ मनाया अपने बॉक्सिंग खिताब की जीत का जश्न, कहा- 'आपके आदर्श के आशीर्वाद के बिना कोई जीत पूरी नहीं होती'

दोनों विश्व चैंपियन मुक्केबाजों का इतिहास इतना अच्छा नहीं रहा है, लेकिन दोनों एथलीटों ने एक साथ आकर एक असाधारण जीत का जश्न मनाया।

लेखक ओलंपिक
फोटो क्रेडिट NIkhat Zareen / Twitter

पिछली कड़वाहट को भुलाकर निकहत जरीन ने अपनी पहली विश्व खिताब जीत का जश्न अपनी आदर्श और छह बार की विश्व चैंपियन एमसी मैरी कॉम के साथ मनाया।

निकहत जरीन ने दिग्गज भारतीय मुक्केबाज के साथ एक तस्वीर ट्वीट करते हुए लिखा, "आपके आदर्श के आशीर्वाद के बिना कोई भी जीत पूरी नहीं होती है।"

इस्तांबुल में आयोजित विश्व चैंपियन का खिताब जीतने वाली पांचवीं भारतीय महिला मुक्केबाज बनने के एक दिन बाद निकहत जरीन को मैरी कॉम ने भी उनकी इस शानदार उपलब्धि के लिए बधाई दी।

मैरी कॉम ने ट्विटर पर लिखा, “निकहत को स्वर्ण पदक जीतने पर बधाई। आपके ऐतिहासिक प्रदर्शन पर हम सभी को गर्व है।”

निकहत ने ओलंपिक कांस्य पदक विजेता की पोस्ट का जवाब दिया और लिखा, "यह मुझे और अधिक मेहनत करने और हमारे देश को अधिक गौरवान्वित करने के लिए प्रेरित करता है जैसा कि आपने किया है।"

इन दोनों मुक्केबाजों का आखिरी बार साल 2019 में टोक्यो ओलंपिक क्वालीफायर के लिए 51 किग्रा ट्रायल में आमना-सामना हुआ था। उस मुकाबले में मैरी कॉम को सीधे प्रवेश दिया गया था जिसे निकहत जरीन ने नहीं माना था और सार्वजनिक रूप से एक परीक्षण और टोक्यो 2020 क्वालीफायर में प्रतिस्पर्धा करने का मौका मांगा था।

निकहत जरीन की बात मान ली गई लेकिन ट्रायल में उन्हें मैरी कॉम से 9-1 से हार का सामना करना पड़ा। जिसके बाद मैरी कॉम ने बाउट के बाद निकहत जरीन से हाथ मिलाने से इनकार कर दिया था।

मैरी कॉम ने पीटीआई के साथ एक इंटरव्यू में निकहत जरीन के साथ अपनी प्रतिद्वंद्विता पर कहा, "इसमें कोई शक नहीं है कि मैं थोड़ा गुस्से में थी। लेकिन अब यह सब खत्म हो गया है, मैं आगे बढ़ चुकी हूं। मैं बस इतना कहना चाहती हूं कि आपको एक बार परफॉर्म करने के बाद बात करनी चाहिए, उससे पहले नहीं। हर कोई देख सकता है कि आप रिंग में क्या कर सकते हैं।"

आपको बता दें विश्व चैंपियनशिप में निकहत जरीन ने 52 किग्रा वर्ग में थाईलैंड की जितपोंग जुतामास को 5-0 से हराकर खिताब पर कब्जा जमाया था। साल 2018 में मैरी कॉम ने यह खिताब जीता था जिसके बाद यह विश्व मंच पर भारत का पहला स्वर्ण पदक है।

विश्व चैंपियन निकहत जरीन अब जून में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों के ट्रायल में अपनी दावेदारी पेश करेंगी। निकहत जरीन 50 किग्रा वर्ग में प्रतिस्पर्धा करेंगी।

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