कॉमनवेल्थ गेम्स 2022, एथलेटिक्स: अविनाश साबले ने 3000 मीटर स्टीपलचेज रजत पदक जीतने के लिए तोड़ा नेशनल रिकॉर्ड

अविनाश साबले ने बर्मिंघम में चल रहे राष्ट्रमंडल खेलों में 8:11.20 समय के साथ 3000 मीटर स्टीपलचेज में भारत का पहला पदक जीता। साबले गोल्ड मेडल विजेता से महज 0.05 सेकेंड पीछे रहे।

लेखक मनोज तिवारी
फोटो क्रेडिट 2022 Getty Images

भारत के अविनाश साबले ने शनिवार को बर्मिंघम में जारी कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में 3000 मीटर स्टीपलचेज में 8:11.20 समय दर्ज करते हुए रजत पदक जीता और एक नया नेशनल रिकॉर्ड बनाया।

एक घंटे के भीतर भारत ने ट्रैक एंड फील्ड में दूसरा पदक जीता। प्रियंका गोस्वामी के रजत पदक जीतने के बाद अविनाश साबले ने 3,000 मीटर स्टीपलचेज में रजत पदक जीता।

इस रजत पदक के महत्व को अच्छी तरह से समझा जाना चाहिए। क्योंकि 28 वर्षों में ऐसा पहली बार हुआ है जब केन्याई एथलीट पोडियम पर तीनों स्थान (स्वर्ण, रजत और कांस्य) हासिल नहीं कर सके।

साल 1994 में भी केन्या के एथलीट इस इवेंट में सभी पदक नहीं जीत सके थे, उस समय कनाडा के ग्रीम विंसेंट फेल ने इस इवेंट में कांस्य पदक जीता था।

अविनाश साबले ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने नेशनल रिकॉर्ड को भी बेहतर किया। उन्होंने 8:11.20 का समय दर्ज करते हुए अपने पिछले रिकॉर्ड 8:12.48 से बेहतर समय में रेस को खत्म किया।

आपको बता दें कि राष्ट्रमंडल खेलों में स्टीपलचेज में ये भारत का पहला पदक है।

केन्या के अब्राहम किबिवोट ने साल 2018 गोल्ड कोस्ट में रजत पदक जीता था। इस बार उन्होंने स्वर्ण पदक पर कब्जा किया और वह साबले से महज 0.05 सेकंड आगे रहे। वहीं विश्व जूनियर चैंपियन रहे केन्या के अमोस सेरेम ने 8:16.83 का समय निकालकर कांस्य पदक जीता।

केन्याई ओलंपिक और दो बार के विश्व चैंपियन कॉन्सेसलस किप्रूटो 8:34.96 समय दर्ज करते हुए छठे स्थान पर रहे।

अविनाश साबले धीमी शुरुआत के चलते पिछले महीने ओरेगन में हुए विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 11वें स्थान पर रहे थे। लेकिन एलेक्जेंडर स्टेडियम में वह तेज रहे और तीन केन्याई एथलीटों के साथ रेस में आगे रहे, वहीं शुरू में केन्याई एथलीट सबसे आगे चल रहे थे।

बाकी फील्ड में साबले केन्याई तिकड़ी के साथ रेस में बने रहे और अच्छा प्रदर्शन किया। केन्याई एथलीट हर बार पोडियम में तीनों स्थान हासिल करते थे और इस बार भी इस इवेंट में पदक जीतने के प्रबल दावेदार थे।

रेस के आखिरी पलों में भारतीय एथलीट ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी और मेडल जीतने की स्थिति में आ गए।

अंतिम 150 मीटर फिनिश लाइन की स्प्रिंट में ही विजेताओं का फैसला हो सका। क्योंकि साबले ने तकरीबन पहले स्थान के लिए किबिवोट को पीछे छोड़ ही दिया था। भारतीय एथलीट अविनास साबले महज .05 सेकंड से स्वर्ण पदक से चूक गए।

अविनाश साबले 5000 मीटर की दौड़ पूरी करने में नाकाम रहे

3000 मीटर स्टीपलचेज में पदक हासिल करने के बाद अविनाश साबले ने पुरुषों के 5000 मीटर दौड़ के लिए फिर से ट्रैक पर उतरे लेकिन वह दौड़ पूरी नहीं कर सके।

अविनाश साबले ने इस साल की शुरुआत में यूएसए मीट में 13: 25.65 सेकेंड के समय के साथ 5000 मीटर में 30 साल पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा था।

वह इस टूर्नामेंट में 20 एथलीटों की इस इवेंट में 4000 मीटर तक ही पहुंच सके और 12वें स्थान पर रहे।

हाफ-मैराथन में विश्व रिकॉर्ड धारक और टोक्यो 2020 में 10,000 मीटर कांस्य पदक विजेता युगांडा के जैकब किप्लिमो ने 13: 08.08 समय के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया।

केन्या के निकोलस किमेली (13:08.19) और ओरेगन 2022 के विश्व चैंपियनशिप के रजत पदक विजेता जैकब क्रॉप (13:08.48) ने क्रमशः रजत और कांस्य पदक जीता।

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