भारत की अदिती अशोक दूसरे राउंड में कोई भी गलती किए बिना मेडल की दौड़ में बरकरार

भारतीय गोल्फर दो राउंड के प्रदर्शन के बाद 9-अंडर 133 के कुल स्कोर के साथ दूसरे स्थान पर बनी रहीं। वहीं दीक्षा डागर 54वें स्थान पर रहीं।

लेखक रितेश जायसवाल
फोटो क्रेडिट 2021 Getty Images

भारतीय गोल्फर अदिति अशोक (Aditi Ashok) ने गुरुवार को कासुमीगासेकी कंट्री क्लब में अपने दूसरे राउंड के प्रदर्शन में कोई भी गलती किए बिना टोक्यो ओलंपिक में अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा।

23 वर्षीय गोल्फर ने दूसरे स्थान पर रहते हुए अपनी प्रतियोगिता को फिर से शुरू किया और दूसरे राउंड का प्रदर्शन करते हुए पांच-अंडर 66 का स्कोर हासिल किया। जिसके चलते वह कुल नौ-अंडर 133 (67, 66) के स्कोर के साथ खुद को लीडरबोर्ड पर उसी स्थान पर कायम रखने में कामयाब रहीं।

वहीं, संयुक्त राज्य अमेरिका की मौजूदा वूमेंस पीजीए चैंपियनशिप विजेता नेली कोर्डा (Nelly Korda) ने जबरदस्त प्रदर्शन किया और दिन के अंत तक नौ-अंडर 62 का सर्वश्रेष्ठ स्कोर हासिल किया। उनके इस प्रदर्शन ने उन्हें कुल 13-अंडर 129 (67, 62) के स्कोर के साथ लीडरबोर्ड पर शीर्ष पर पहुंचा दिया।

अपने दूसरे ग्रीष्मकालीन ओलंपिक खेलों में प्रतिस्पर्धा कर रहीं अदिति अशोक को अपने प्रदर्शन के दौरान पूरे नियंत्रण के साथ खेलते हुए देखा गया। उन्होंने ग्रीन कोर्स के पहले होल पर पार स्कोर के साथ अपने खेल को शुरू किया और पार-4 दूसरे होल पर एक बर्डी लगाते हुए देखा गया।

बेंगलुरु की गोल्फर ने छठे होल पर एक और बर्डी का प्रदर्शन किया और एकबार फिर लीडरबोर्ड पर अपने स्थान पर पहुंच गईं।

बता दें, टोक्यो 2020 में अदिति अशोक की मां उनके साथ कैडी (गोल्फर का सहायक, जो गोल्फ क्लब के बैग को साथ लेकर चलता है और कई मामलों में उसकी मदद करता है) के तौर पर हैं, उन्होंने सुनिश्चित किया कि वह दिन के अंत के बाद क्लब हाउस में जाने से पहले अपनी स्थिति को बरकरार रखें और दूसरे राउंड के अंतिम होल तक कुछ बर्डी के साथ अपने प्रदर्शन को समाप्त करें।

भारतीय गोल्फर के लिए आगे के दिन काफी महत्वपूर्ण होंगे, क्योंकि वह 2016 के रियो ओलंपिक में ऐसी ही स्थिति के बाद लड़खड़ाकर तीसरे और चौथे राउंड में खराब प्रदर्शन करते हुए 41वें स्थान पर पहुंच गईं थीं।

वहीं, दीक्षा डागर की बात करें तो टोक्यो ओलंपिक में दूसरे दिन उन्होंने कुछ खास प्रदर्शन नहीं किया। वह दूसरे राउंड में एक ओवर 72 के प्रदर्शन के साथ ओलंपिक में अपनी स्थिति को मजबूत करने में विफल रहीं।

इस 20 वर्षीय भारतीय गोल्फर ने छह-ओवर 148 (76, 72) के कुल स्कोर के साथ अपने प्रदर्शन को समाप्त किया और 54वें स्थान पर रहीं।