अदिति अशोक

भारत IND

गोल्फ

  • भाग लेना
    3
  • पहला प्रतिभागी
    रियो 2016
  • जन्म का साल
    1998
ओलंपिक रिजल्ट

बायोग्राफी

अदिति अशोक

टोक्यो ओलंपिक में चौथे स्थान पर रहने के बाद अदिति अशोक ने भारत में गोल्फ को अगले स्तर पर पहुंचा दिया, जिसकी वजह से प्रशंसक जल्दी उठे और उनका मुक़ाबला देखने के लिए अपने टेलीविजन सेट से चिपके रहे कि क्या ये युवा भारतीय गोल्फ के लिए इतिहास रचेंगी।

हालांकि उनका सफर आसान नहीं रहा है, अदिति अशोक 2016 में पेशेवर खिलाड़ी बनने के बाद से भारत में महिलाओं के गोल्फ के लिए एक ट्रेलब्लेज़र रही हैं। उन्होंने लेडीज यूरोपियन टूर खिताब जीते और लेडीज प्रोफेशनल गोल्फ टूर (Ladies Professional Golf Tour) में नियमित रूप से भाग लिया।

बेंगलुरु में एक मध्यमवर्गीय घराने में जन्मी अदिति अशोक पांच साल की उम्र में पहली बार गोल्फ की ओर आकर्षित हुई थीं, जब उनका ध्यान कर्नाटक गोल्फ एसोसिएशन में हरे-भरे कोर्स पर गया था। और एक बार जब वो सुबह अपने पिता के साथ कोर्स में गई, तो फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा।

बेंगलुरु के प्रसिद्ध फ्रैंक एंथोनी पब्लिक स्कूल में अपनी पढ़ाई और खेल के प्रति अपने जुनून को देखते हुए, भारतीय गोल्फर ने कोर्स में नियमित रूप से अभ्यास करना शुरू कर दिया और स्थानीय टूर्नामेंट में खेलने लगीं।

अदिति अशोक ने अपनी पहली राज्य स्तरीय ट्राफियां, कर्नाटक जूनियर और दक्षिण भारतीय जूनियर चैंपियनशिप 2011 में 13 साल की उम्र में जीती थी। उन्होंने उस साल राष्ट्रीय अमेच्योर खिताब भी जीता था।

अदिति जल्द ही अगले तीन साल - 2012, 2013 और 2014 – में नेशनल जूनियर चैंपियनशिप जीतकर और 2014 में जूनियर और सीनियर दोनों खिताब जीतकर एक युवा खिलाड़ी के रूप में प्रसिद्धी हासिल की।

वो 2013 में एशियन यूथ खेलों और 2014 में यूथ ओलंपिक और एशियन खेलों में खेलने वाली एकमात्र भारतीय गोल्फर बन गईं।

अदिति अशोक का प्रभावशाली अमेच्योर करियर अपने चरम पर तब पहुंच, जब उन्होंने 2015 में लेडीज ब्रिटिश एमेच्योर स्ट्रोक प्ले चैंपियनशिप जीती। वो 1 जनवरी 2016 को प्रोफेशनल खिलाड़ी बन गईं।

इसके छह महीने बाद ही उन्होंने रियो ओलंपिक में इतिहास रच दिया।

अदिति समर गेम्स में खेलने वाली पहली भारतीय महिला गोल्फर बनीं और 18 साल की उम्र में महिला स्पर्धा में सबसे कम उम्र की प्रतिभागी भी थीं।

जहां अनिर्बान लाहिड़ी और एसएसपी चौरसिया भारत में जाने-माने और स्थापित पेशेवर थे, बहुत कम लोगों ने गोल्फिंग समुदाय में अदिति अशोक के बारे में सुना था।

इसलिए, ये वास्तव में उल्लेखनीय था कि उन्होंने कम समय के लिए ओलंपिक गोल्फ कोर्स में दूसरे दौर में सबसे आगे रही थीं, सबसे बड़ी बात ये थी कि वो टूर्नामेंट में 60 में से 57 वें रैंक की खिलाड़ी थीं।

लेकिन रियो 2016 में कम अनुभव की वजह से अदिति अशोक अंततः 60 गोल्फरों में से 41 वें स्थान पर रहीं।

उनके इस शानदार प्रदर्शन की वजह से भारत में एक नए खेल की लहर चल पड़ी, जिससे कई युवा प्रेरित हुए और उस लहर की बदौलत भारत में गोल्फ के लिए गूगल सर्च में वृद्धि देखी गई।

अदिति अशोक ने अक्टूबर में अपना पहला लेडीज यूरोपियन टूर (Ladies European Tour) खिताब जीता था और ये खिताब उन्होंने अपने घरेलू टूर्नामेंट इंडियन ओपन में जीता था, जिसने उन्हें और खास बना दिया।

शौक के लिए इस खेल को खेलने वाली बेंगलुरू की इस लड़की ने पहले खिताब के एक हफ्ते बाद कतर ओपन में अपना दूसरा खिताब जीता और अपने इस दमदार प्रदर्शन की बदौलत लेडीज यूरोपियन टूर रूकी ऑफ द ईयर' का पुरस्कार जीता।

2017 में अदिति अशोक ने इस खेल में कई नए आयाम को छूआ, जिसमें एलपीजीए टूर पर भारत का पहली बार किसी का प्रतिनिधित्व करना सबसे खास था।

टोक्यो 2020 में अदिति के सराहनीय प्रदर्शन के बाद उनका कद और बढ़ गया है। वो कासुमीगासेकी कंट्री क्लब में गोल्फ टूर्नामेंट के अंतिम दौर तक पदक की दौड़ में थीं।

भारतीय गोल्फर महिला मेजर्स में नियमित हैं और टोक्यो 2020 के अपने शराहनीय प्रदर्शन के बाद आने वाली चुनौतियों और उम्मीदों को देखते हुए वो आने वाले समय में गोल्फ कोर्स पर राज करने की कोशिश करेंगी।

ओलंपिक रिजल्ट

और
ओलंपिक रिजल्ट
परिणाम इवेंट खेल

टोक्यो 2020

#4
Women's Individual Stroke Play
Women's Individual Stroke Play Golf
ओलंपिक रिजल्ट
परिणाम इवेंट खेल

रियो 2016

#41
Individual
Individual Golf

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