साइना नेहवाल और किदांबी श्रीकांत की टोक्यो ओलंपिक की उम्मीदें हुईं खत्म

BWF ने टोक्यो क्वालिफिकेशन प्रक्रिया को बंद कर दिया है। भारत से सिर्फ पीवी सिंधु, बी साई प्रणीत, चिराग शेट्टी-सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी ओलंपिक में जगह बनाने के लिए योग्य हैं।

लेखक विवेक कुमार सिंह
फोटो क्रेडिट 2015 Getty Images

टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करने की साइना नेहवाल (Saina Nehwal) और किदांबी श्रीकांत (Kidambi Srikanth) की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है, बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (Badminton World Federation) ने शुक्रवार को घोषणा की है कि टोक्यो 2020 क्वालीफाइंग विंडो के अंदर कोई और टूर्नामेंट नहीं खेला जाएगा।

बीडब्ल्यूएफ पर जारी विज्ञप्ति में कहा गया है, "क्वालिफिकेशन अवधि आधिकारिक तौर पर संशोधित टोक्यो 2020 क्वालिफिकेशन सिस्टम के अनुसार 15 जून 2021 को बंद होने वाली है, ऐसे में वर्तमान रेस टू टोक्यो रैंकिंग सूची में बदलाव नहीं होगा।"

BWF की रेस टू टोक्यो रैंकिंग वो कार्यक्रम है जो तय करता है कि कौन से शटलर टोक्यो की यात्रा करेंगे।

एक देश पुरुष और महिला सिंगल्स स्पर्धाओं के लिए दो-दो शटलर भेज सकता है, अगर उनके दो या दो से अधिक खिलाड़ी 'रेस टू टोक्यो' सूची के शीर्ष 16 में रहते हैं। लेकिन बर्थ की संख्या घटकर एक हो जाएगी अगर दो से कम खिलाड़ी शीर्ष 16 में जगह बनाते हैं।

फिलहाल जिस तरह की स्थिति नजर आ रही है उसमें सिर्फ पीवी सिंधु (PV Sindhu) महिला सिंगल्स में और बी साई प्रणीत (B Sai Praneeth) पुरुष सिंगल्स में शीर्ष 16 में हैं। जहां सिंधु सातवें स्थान पर हैं, तो वहीं बी साई प्रणीत पुरुष सिंगल्स में 13वें स्थान पर हैं, दोनों अपने-अपने स्पर्धाओं में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।

युगल स्पर्धाओं में, एक देश को दो कोटा मिलते हैं, अगर उसके पास 'रेस टू टोक्यो' रैंकिंग सूची के शीर्ष आठ में दो या दो से अधिक युगल जोड़े हैं। अगर युगल जोड़ी नौवें या उससे कम स्थान पर है तो कोटा स्थान कम होकर एक हो जाएगा।

पुरुष युगल में नौवें स्थान पर काबिज चिराग शेट्टी (Chirag Shetty) और सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी (Satwiksairaj Rankireddy) टोक्यो के लिए जगह बनाने वाली एकमात्र भारतीय जोड़ी हैं।

एक देश किसी विशेष आयोजन के लिए अधिकतम दो खिलाड़ी या जोड़े भेज सकता है, भले ही कट-ऑफ मार्क्स के अंदर एथलीटों की संख्या कुछ भी हो।

लंदन 2012 की कांस्य पदक विजेता साइना नेहवाल महिला सिंगल्स रैंकिंग में 22 वें स्थान पर हैं, और पूर्व पुरुष विश्व नंबर 1 किदांबी श्रीकांत पुरुष सिंगल्स सूची में 20वें स्थान पर हैं। दोनों क्वालिफिकेशन इवेंट में प्रवेश करना चाह रहे थे, लेकिन अब उनकी संभावनाएं खत्म हो गई हैं।

एचएस प्रणय (HS Prannoy), पारुपल्ली कश्यप (Parupalli Kashyap), अश्विनी पोनप्पा (Ashwini Ponnappa) एन सिक्की रेड्डी (N Sikki Reddy),और लक्ष्य सेन (Lakshya Sen) जैसे अन्य भारतीय शटलर भी 23 जुलाई से टोक्यो में शुरू होने वाले ग्रीष्मकालीन ओलंपिक खेलों से बाहर हो गए हैं।

इंडिया ओपन, मलेशिया ओपन और सिंगापुर ओपन जैसे कई ओलंपिक क्वालीफाइंग आयोजनों के रद्द होने से रेस टू टोक्यो रैंकिंग अंक की मांग की गई थी। COVID-19 महामारी के कारण साइना नेहवाल, किदांबी श्रीकांत और अन्य शटलर्स की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। आयोजनों के रद्द होने से वो रैंकिंग में ऊपर चढ़ने में असफल रहे।

उम्मीद है कि बीडब्ल्यूएफ जल्द ही अंतिम टोक्यो भागीदारियों की सूची और सीडिंग प्रकाशित करेगा।

“ओलंपिक क्वालिफिकेशन प्रक्रिया प्रभावी रूप से बंद है, क्योंकि खिलाड़ियों के लिए अंक अर्जित करने के लिए कोई अतिरिक्त अवसर नहीं हैं।

बीडब्ल्यूएफ के महासचिव थॉमस लुंड ने कहा है कि, "हालांकि, हमें अभी भी राष्ट्रीय ओलंपिक समितियों और सदस्य संघों से पुष्टि करने की आवश्यकता है।"

टोक्यो 2020 में एंट्री करने की समय सीमा 5 जुलाई है।

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