टोक्यो ओलंपियन डिस्कस थ्रोअर कमलप्रीत कौर डोप टेस्ट में हुईं फेल

एथलेटिक्स इंटीग्रिटी यूनिट ने भारतीय डिस्कस थ्रोअर का स्टैनोजोलोल के लिए पॉजिटिव टेस्ट आने के बाद उन्हें अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है।

लेखक सतीश त्रिपाठी
फोटो क्रेडिट Christian Petersen/ Getty Images

टोक्यो ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करने वाली भारत की डिस्कस थ्रोअर कमलप्रीत कौर को प्रतिबंधित दवा का उपयोग करने के कारण एथलेटिक्स इंटीग्रिटी यूनिट (AIU) ने अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है।

AIU, वर्ल्ड एथलेटिक्स द्वारा बनाई गई एक स्वतंत्र संस्था है, जो डोपिंग और उम्र धोखाधड़ी सहित जैसी चीजों पर नजर रखती है। AIU के मुताबिक 26 वर्षीय कमलप्रीत कौर का स्टैनोजोलोल के लिए टेस्ट किया गया था, जिसमें वो पॉजिटिव पाई गई हैं। स्टैनोजोलोल वर्ल्ड एथलेटिक्स द्वारा प्रतिबंधित एनाबॉलिक स्टेरॉयड है।

इस स्टेरॉयड का इस्तेमाल 1984 के ओलंपिक कांस्य पदक विजेता बेन जॉनसन ने सियोल 1988 के दौरान 100 मीटर रेस में प्रदर्शन बढ़ाने के लिए किया था, जिसके बाद ये काफी चर्चा में आ गई।

कमलप्रीत इस साल एक बार एक्शन में दिखाई दी थीं। उन्होंने 23 मार्च को केरल में दूसरे इंडियन ग्रां प्री में स्वर्ण पदक जीता था। AIU की वेबसाइट के मुताबिक उन पर अस्थायी प्रतिबंध 29 मार्च से लागू हुआ है।

पिछले साल, 26 वर्षीय कमलप्रीत कौर डिस्कस थ्रो में 65 मीटर का निशान पार करने वाली पहली भारतीय बनी थीं। कमलप्रीत कौर ने टोक्यो गेम्स में क्वालीफाई करने के लिए फेडरेशन कप में 65.06 मीटर प्रयास के साथ

नेशनल रिकॉर्ड बनाया था। उसके बाद उन्होंने इंडियन ग्रां प्री में 66.59 मीटर का थ्रो करके अपने रिकॉर्ड में सुधार किया था।

टोक्यो ओलंपिक में कमलप्रीत कौर ने अपने 63.70 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ वूमेंस डिस्कस थ्रो फाइनल में छठा स्थान हासिल किया था। क्वालिफिकेशन राउंड में कमलप्रीत कौर ने 64 मीटर के थ्रो के साथ दूसरा स्थान हासिल किया था।

अस्थायी निलंबन का मतलब है कि वर्ल्ड एथलेटिक्स एंटी-डोपिंग नियमों या इंटीग्रिटी कोड ऑफ कंडक्ट के तहत अंतिम फैसले से पहले कमलप्रीत कौर एथलेटिक्स के किसी भी प्रतियोगिता में शामिल नहीं हो सकेंगी।

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