ISSF विश्व कप 2022 काहिरा: सौरभ चौधरी ने गोल्ड जीता, तो ईशा सिंह ने रजत पर लगाया निशाना

19 वर्षीय सौरभ चौधरी शूटिंग वर्ल्ड कप में अब तक 19 गोल्ड मेडल जीत चुके हैं। विश्व चैंपियन एना कोराकारी से हारने को बाद ईशा सिंह को रजत से करना पड़ा संतोष।

लेखक मनोज तिवारी
फोटो क्रेडिट 2021 Getty Images

मिस्र के काहिरा में चल रहे ISSF वर्ल्ड कप में मंगलवार को यूथ ओलंपिक चैंपियन सौरभ चौधरी ने स्वर्ण पदक जीता, वहीं ईशा सिंह ने रजत पदक पर निशाना लगाया।

सौरभ चौधरी ने मेंस 10 मीटर एयर पिस्टल शूटिंग इवेंट के गोल्ड मेडल मैच में जर्मनी के माइकल श्वाल्ड को 16-6 से हराया, जबकि वूमेंस 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट में ईशा सिंह वर्ल्ड चैंपियन और ग्रीस की मौजूदा वर्ल्ड नंबर-1 अन्ना कोराकाकी से 4-16 से हार गईं।

भारत अब एक स्वर्ण और एक रजत पदक के साथ पदक तालिका में शीर्ष पर है।

सौरभ चौधरी ने फाइनल में 11 में से आठ सिंगल शॉट लगाकर मौजूदा वर्ल्ड कप में भारत को पहला पदक दिलाया।

नए प्रारूप के अनुसार फाइनल में सिंगल-शॉट के विजेता को दो अंक दिए जाते हैं और जो सबसे पहले 16 अंक हासिल करता है वही कंटेस्ट का विजेता होता है।

सौरभ की जीत के साथ एक-एक गोल्ड के साथ भारत, फ्रांस और इटली के साथ पहले स्थान पर है।

यह सौरभ चौधरी का तीसरा व्यक्तिगत ISSF वर्ल्ड कप का गोल्ड भी है। टोक्यो ओलंपिक के सिल्वर मेडल विजेता आर्टेम चेर्नौसोव ने क्वालीफाइंग दौर में 591 अंकों के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया और वह 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा के मेडल मैच में ब्रॉन्ज मेडल जीतने में कामयाब रहे।

नए प्रारूप के मुताबिक क्वालीफाइंग दौर में शीर्ष आठ निशानेबाजों को चार-चार निशानेबाजों के दो समूहों में बांटा जाता है।

प्रत्येक ग्रुप से शीर्ष दो निशानेबाज मेडल मैच में पहुंचते हैं और इस तरह चार निशानेबाजों के बीच मेडल मैच खेले जाते हैं। फोर-मैन फील्ड से शीर्ष दो निशानेबाजों के बीच गोल्ड मेडल के लिए जंग होती है, जबकि तीसरे स्थान पर रहने वाले निशानेबाज को ब्रॉन्ज मेडल से सम्मानित किया जाता है।

इससे पहले क्वालीफाइंग दौर में 19 वर्षीय सौरभ चौधरी कुल 584 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहे थे। सौरभ ने 38 अंकों के साथ सेमीफाइनल में शीर्ष स्थान हासिल किया और फिर मेडल मैच में 42.5 अंक हासिल करके गोल्ड मेडल मैच के लिए क्वालीफाई किया।

10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में भाग लेने वाले अन्य भारतीयों में गौरव राणा, प्रद्युम्न सिंह और केदारलिंग बालकृष्ण उचगानवे भी थे।

गौरव राणा 31वें स्थान पर रहे जबकि प्रद्युम्न सिंह और केदारलिंग बालकृष्ण उचगानवे 92 प्रतिभागियों में क्रमश: 66वें और 67वें स्थान पर रहे।

इस बीच, ईशा सिंह ने सीनियर सर्किट में भारत के लिए अपना पहला पदक हासिल किया।

कोराकाकी के अलावा टोक्यो 2020 में शीर्ष दो में शामिल 80-स्ट्रॉन्ग टॉप फील्ड में शूटिंग करते हुए ईशा सिंह 60-शॉट क्वालीफाइंग राउंड में छठे स्थान पर रहीं और दूसरे सेमीफाइनल में जगह बनाई।

सेमीफाइनल में, ईशा सिंह ने कोराकाकी और टोक्यो 2020 की रजत पदक विजेता विटालिना बत्सारशकिना को हराकर राउंड में शीर्ष स्थान हासिल किया और कोराकाकी के साथ मेडल राउंड में प्रवेश किया।

मेडल राउंड में, दोनों का सामना बुल्गारिया के ओलंपिक चैंपियन एंटोनेटा कोस्टाडिनोवा और जर्मनी के सैंड्रा रिट्ज से हुआ, जिन्होंने पहले सेमीफाइनल के साथ फाइनल में जगह बनाई थी। कोराकाकी ने ईशा के साथ फील्ड में शीर्ष स्थान हासिल किया। एंटोनेटा कोस्टाडिनोवा को ब्रॉन्ज़ मेडल के साथ संतोष करना पड़ा।

ईशा सिंह ने फाइनल के पहले पांच शॉट के लिए 4-6 के स्कोर के साथ विश्व चैंपियन का पीछा किया, लेकिन कोराकाकी ने अंत में अपना शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज कर ली। उन्होंने अगले पांच शॉट में लगातार इनर 10 का स्कोर हासिल करते हुए महत्वपूर्ण 16 अंक हासिल करते हुए मैच अपने नाम कर लिया। 

वहीं सोमवार को ही हुए राइफल व पिस्टल निशानेबाजों के लिए सीजन के पहले ISSF वर्ल्ड कप के मेंस व वूमेंस 10 मीटर एयर राइफल इवेंट में भारत को खाली हाथ रहना पड़ा।

काहिरा वर्ल्ड कप में 60 देशों के 500 से अधिक निशानेबाज मैदान में हैं। नौ दिवसीय चैंपियनशिप इवेंट में 24 भारतीय निशानेबाज व्यक्तिगत और टीम मेडल स्पर्धाओं में भाग ले रहे हैं।

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