पूर्व भारतीय टेनिस खिलाड़ी और लिएंडर पेस के मेंटर नरेश कुमार का निधन

भारतीय डेविस कप में नरेश कुमार ने शिरकत की है और बतौर कप्तान भी खेले हैं। वह एक टेनिस कोच भी थे और उन्होंने द्रोणाचार्य लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार भी हासिल किया।

लेखक शिखा राजपूत
फोटो क्रेडिट Getty Images

पूर्व भारतीय टेनिस खिलाड़ी और डेविस कप कप्तान नरेश कुमार का बुधवार को कोलकाता में 93 वर्ष की आयु में निधन हो गया। नरेश ओलंपिक पदक विजेता लिएंडर पेस और कई अन्य लोगों के मेंटर भी रह चुके हैं।

नरेश कुमार 1949 में भारतीय अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप और उत्तरी चैंपियनशिप के बाद के स्टेज में उभर कर सामने आएं। उन्होंने 1952 में डेविस कप में भारत के लिए डेब्यू किया और टीम के मुख्य खिलाड़ी थे।

ओपन एरा से पहले के दिनों में खेलते हुए, विंबलडन में नरेश कुमार का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 1955 में आया जब उन्होंने पुरुष एकल में चौथे राउंड में जगह बनाई।

पुरुष युगल में वह 1953 में नरेंद्र नाथ के साथ और 1955, 1958 में रामनाथन कृष्णन के साथ तीन बार क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने में कामयाब रहे।

कुमार ने साल 1969 में संन्यास लेने से पहले पांच खिताब अपने नाम किए। इसके बाद उन्होंने टेनिस कोर्ट के बाहर बतौर कोच, लेखक और कमेंटेटर के तौर पर भूमिका निभाई।

भारत के साथ डेविस कप के फाइनल में जगह बनाने वाले पूर्व खिलाड़ी जयदीप मुखर्जी ने स्पोर्ट्सस्टार से बात करते हुए कहा, “हम नरेश कुमार को टेनिस स्टार के रूप में देखते हुए बड़े हुए हैं। मैं, प्रेमजीत लाल और दिलीप बोस उनसे काफी प्रभावित थे क्योंकि हम साउथ क्लब (कोलकाता में) में युवा के रूप में टेनिस के गुर सीख रहे थे।”

जयदीप ने कहा, “वह हमारी बहुत मदद करते थे और खेल के बारीक पहलुओं को बताने के लिए अक्सर युगल मैच खेलने में हमारे साथ शामिल होते थे। वह एक अच्छे इंसान थे जो हमेशा देश में टेनिस के विकास के लिए काम कर रहे थे।”

नरेश कुमार 1990 में भारतीय डेविस कप टीम के नॉन-प्लेइंग कप्तान थे, जब लिएंडर पेस ने टूर्नामेंट में अपना डेब्यू किया था।

नरेश कुमार को 2020 में भारत सरकार द्वारा द्रोणाचार्य लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वह यह सम्मान प्राप्त करने वाले पहले टेनिस कोच बने।

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