कॉमनवेल्थ गेम्स 2022: पैरा पावरलिफ्टिंग में स्वर्ण पदक जीतकर सुधीर ने रचा इतिहास

भारत का पैरा पावर लिफ्टिंग में कॉमनवेल्थ गेम्स का यह पहला पदक है।

लेखक रौशन कुमार
फोटो क्रेडिट 2022 Getty Images

ब्रिटेन के बर्मिंघम में जारी राष्ट्रमंडल खेल 2022 में भारतीय पैरा पावरलिफ्टर सुधीर ने पुरुषों की हेवीवेट कैटेगरी में 212 किग्रा वजन उठाकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया है। सुधीर भारत के लिए पैरा पावरलिफ्टिंग में गोल्ड मेडल हासिल करने वाले पहले एथलीट बन गए हैं। इसी के साथ भारत ने अभी तक छह स्वर्ण पदक अपने नाम किया है।

87.30 किलो वजन वाले सुधीर रैक हाइट 14 के साथ पहले प्रयास में 208 किग्रा वजन उठाने में कामयाब रहे। जबकि दूसरे प्रयास में उन्होंने 212 किग्रा का वजन उठाया। अपने आखिरी प्रयास में सुधीर ने 217 किग्रा वजन उठाने की कोशिश की लेकन वह इस प्रयास में नाकाम रहे।

सुधीर 134.5 अंक के साथ शीर्ष स्थान पर रहे और स्वर्ण पदक अपने नाम किया। नाइजीरिया के इकेचुकवु क्रिस्टियन उबिचुकवु ने 133.6 अंक के साथ रजत जबकि स्कॉटलैंड के मिकी यूले ने 130.9 अंक हासिल करके कांस्य पदक पर अपना कब्जा जमाया। सुधीर ने जहां 212 किग्रा वजन उठाया वहीं क्रिस्टियन ने 197 किग्रा और यूले 192 किग्रा वजन उठाने में कामयाब रहे।

बता दें कि पैरा स्पोर्ट्स में भारत के लिए यह पहला पदक है। भारतीय पैरा पावरलिफ्टर सुधीर ने मेंस पैरा स्पोर्ट्स इवेंट में 134.5 प्वाइंट हासिल कर नया गेम रिकॉर्ड स्थापित किया। उन्होंने अपने दूसरे प्रयास में 212 किग्रा का भार उठा कर स्वर्ण पर मुहर लगा दी।

छह बार के राष्ट्रीय चैंपियन और एशियन गेम्स के कांस्य पदक विजेता सुधीर महज चार वर्ष की उम्र में पोलियो के शिकार हो गए थे। गुरुवार को सोनीपत के इस पैरा पावरलिफ्टर ने राष्ट्रीय प्रदर्शनी केंद्र में स्वर्ण पदक जीतकर सिर्फ हरियाणा का ही नहीं बल्कि पूरे भारतवर्ष का सम्मान बढ़ाया है।

 इस बीच वूमेंस लाइटवेट पावरलिफ्टिंग में भारत की मनप्रीत कौर (89.6 प्वाइंट) और सकिना खातून (86.5 प्वाइंट) क्रमशः पांचवें और छठे स्थान पर रहीं। जबकि एक अन्य पावरलिफ्टर परमजीत कुमार मेंस लाइटवेट इवेंट के फाइनल में अपने प्रयास से चूक गए।

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