कॉमनवेल्थ गेम्स 2022, कुश्ती: रोमांचक मुकाबले में साक्षी मलिक ने कनाडा की पहलवान को हराकर जीता स्वर्ण पदक

भारतीय महिला पहलवान साक्षी मलिक का राष्ट्रमंडल खेलों में यह पहला स्वर्ण पदक है। उन्होंने ग्लासगो 2014 में रजत और गोल्ड कोस्ट 2018 में कांस्य पदक जीता था।

लेखक सतीश त्रिपाठी
फोटो क्रेडिट 2022 Getty Images

भारतीय पहलवान साक्षी मलिक ने राष्ट्रमंडल खेल 2022 के वूमेंस 62 किग्रा फ्रीस्टाइल रेसलिंग फाइनल में कनाडा की एना गोंजालेज को हराकर भारत के लिए आठवां स्वर्ण पदक हासिल किया। राष्ट्रमंडल खेलों में यह साक्षी मलिक का पहला स्वर्ण पदक है।

कॉमनवेल्थ गेम्स में साक्षी मलिक इससे पहले दो और पदक जीत चुकी हैं। इससे पहले उन्होंने ग्लासगो 2014 में 58 किग्रा में रजत और गोल्ड कोस्ट 2018 में कांस्य पदक जीता था।

ब्रिटेन के बर्मिंघम में जारी कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 के आठवें दिन भारतीय पहलवानों ने खेल प्रशंसकों का दिल जीत लिया। शुक्रवार को अंशु मलिक के रजत पदक और बजरंग पुनिया के स्वर्ण पदक के बाद भारतीय महिला पहलवान साक्षी मलिक ने भी 62 किग्रा भार वर्ग में शानदार जीत दर्ज करते हुए भारत के लिए स्वर्ण पदक हासिल किया।

2016 रियो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता पहलवान साक्षी मलिक ने बर्मिंघम 2022 में 62 किग्रा भार वर्ग के फाइनल में कनाडा की पहलवान गोदिनेज गोंजालेज को हराया।

इसके साथ ही उन्होंने राष्ट्रमंडल खेल 2022 में महिलाओं की कुश्ती स्पर्धा में भारत को पहला स्वर्ण पदक दिलाया। उन्होंने कोवेंट्री एरिना रेसलिंग के मैट बी पर खेले गए मुकाबले में कनाडाई पहलवान को 4-4 से अंक बराबर करने के बाद पिन/चित करते हुए शानदार जीत हासिल की और इसी के साथ भारत के लिए आठवां स्वर्ण पदक पक्का कर दिया।

पहले राउंड में साक्षी कनाडाई पहलवान से 4-0 से पिछड़ गई थीं लेकिन दूसरे राउंड में उन्होंने दमदार वापसी करते हुए गजब का दांव लगाया और स्कोर को 4-4 से बराबर कर दिया। इसके अगले ही पल उन्होंने अपनी प्रतिद्वंद्वी पहलवान को कोई भी मौका न देते हुए दिल जीतने वाला दांव-पेच लगाते हुए गोंजालेज को चित कर दिया और राष्ट्रमंडल खेलों की कुश्ती स्पर्धा में अपना पहला स्वर्ण पदक जीता।

इससे पहले साक्षी ने सेमीफाइनल मुकाबले में कैमरून की पहलवान बर्थे एमिलिन एटेन नगोले को भी 10-0 से करारी शिकस्त दी थी। इसके बाद उन्होंने फाइनल में भी अपना जोरदार प्रदर्शन जारी रखा और स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया।

ओलंपिक में पदक हासिल करने वाली पहली भारतीय महिला बनकर देश को गौरवान्वित करने वाली साक्षी मलिक ने क्वार्टर-फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड की केल्सी बार्नेस को टेक्निकल सुपीरियॉरिटी से हराया था।

साक्षी ने बाउट में 10 अंक हासिल किया जबकि उन्होंने इंग्लैंड की प्रतिद्वंदी को एक अंक भी बनाने का मौका नहीं दिया। एक मिनट से भी कम चले अपने बाउट में जीत हासिल करके साक्षी मलिक ने सेमीफाइनल में जगह बनाई थी।

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