बीजिंग: दोनों ओलंपिक खेलों की मेज़बानी करने वाला पहला शहर

साल 2015 में 2022 शीतकालीन खेलों की मेज़बानी बोली जीतने के बाद बीजिंग विश्व इतिहास का पहला शहर बनेगा जो शीतकालीन और ग्रीष्मकालीन खेलों का मेज़बान होगा। इन दोनों खेल प्रतियोगिताओं के बीच समानता और संबंध के बारे में Olympics.com आपको बताएगा।

लेखक Lingcheng Meng and Virgilio Neto
फोटो क्रेडिट Tim De Waele/Getty Images

आज से 100 दिन बाद बीजिंग विश्व इतिहास का पहला शहर बनेगा जो ग्रीष्मकालीन अथवा शीतकालीन ओलंपिक खेलों की मेज़बानी करेगा। साल 2008 में ग्रीष्मकालीन खेलों की मेज़बानी करने के बाद, बीजिंग 4 फरवरी 2022 को शुरू होने वाले शीतकालीन खेलों की मेज़बानी करने के लिए तैयार है। 

दो अलग ओलंपिक खेलों (ग्रीष्मकालीन और शीतकालीन) की मेज़बानी करने वाला बीजिंग पहला शहर है जबकि ग्रीष्मकालीन खेलों की एथेंस (1896, 2004),  पेरिस (1900, 1924 और 2024 में होने वाले खेल), लंदन (1908, 1948, 2012), लॉस एंजेलेस (1932, 1984, और 2028 में ) और टोक्यो (1964, 2020) ने एक से ज़्यादा बार मेज़बानी की है।

आज से 13 साल पहले बीजिंग ने पूरे विश्व को अपनी मेज़बानी से मंत्रमुग्ध कर दिया था और 2008 ग्रीष्मकालीन खेलों में अनेक अद्भुत खेल क्षण दर्शकों अथवा देशों ने देखे।

बीजिंग 2008 ने चीन को अनेक अमूल्य क्षण विरासत में दिए और इसी कारण से पूरे देश में खेल ने बहुत प्रगति करने के साथ 2022 शीतकालीन खेलों की तैयारी भी की है।

खेल परिसरों से लेकर मशाल अथवा मैस्कॉट तक, olympics.com आपको बताएगा की बीजिंग 2008 और बीजिंग 2022 में क्या समानता है।

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फोटो क्रेडिट IOC

मशाल

बीजिंग 2008 मशाल: लक क्लाउड

बीजिंग 2022 मशाल: फ्लाइंग

साल 2008 में आयोजित हुए बीजिंग ग्रीष्मकालीन खेल और 2022 में होने वाले शीतकालीन खेल को जोड़ने वाली कड़ियों में शायद मशाल सबसे प्रमुख है। आकृति और आकार में समानता के साथ इन दोनों मशालों के पीछे का मूल भाव, विरासत, परंपरा और चीन के लोगों का जोश भी एक समान है।

ग्रीष्मकालीन और शीतकालीन ओलंपिक खेलों की मेज़बानी करने वाला इतिहास का पहला शहर बनने के बाद बीजिंग को सम्मान देने के लिए 2022 की मशाल और 2008 खेलों के मुख्य कॉलड्रॉन में समानता रखी गयी है।

डिज़ाइन टीम के अनुसार मशाल के हैंडल पर बने बादलों के आकार की प्रेरणा भी साल 2008 के मुख दर्शनीय भाग से ली गयी है।

साल 2008 की मशाल के समान रंग और कलाकारी का उपयोग करते हुए आयोजन समिति ने पूरे विश्व को बीजिंग की भव्य ओलंपिक परंपरा का संदेश देने का प्रयास किया है। 

बीजिंग 2022 की ओलंपिक ज्योत को 18 अक्टूबर 2021 के दिन प्राचीन ओलंपिया (ग्रीस में स्थित) प्रज्वलित किया गया था और 'फ्लाइंग' मशाल ने अगले दिन हैंडओवर समारोह में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और आने वाले दिनों अथवा सप्ताहों में यह मशाल उस पवित्र ज्योत को चीन जनवादी गणराज्य के लोगों तक पहुंचाएगी।

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फोटो क्रेडिट IOC

मैस्कॉट

बीजिंग 2008 मैस्कॉट: फुवा

बीजिंग 2022 मैस्कॉट: बिंग ड्वेन ड्वेन

साल 2008 खेलों के पांच मैस्कॉट "फुवा" ( बेईबेई, जिंगजिंग, हुआनहुआन यिंगयिंग, निनी) की तरह बीजिंग 2022 शीतकालीन खेलों के मैस्कॉट Bing Dwen Dwen का संबंध भी बच्चों से है। पांडा चीन के लिए एक राष्ट्रिय धरोवर है और यह 13 साल बाद फिर से हर ज़रूरी कार्य के केंद्र में होगा।

अपने 2008 के मित्रों की तरह Bing Dwen Dwen का प्रकृति से संबंध है और खिलाड़ियों को ऊर्जा भेजता है।

प्रतीक

बीजिंग 2008 प्रतीक: "डांसिंग बीजिंग"

बीजिंग 2022 प्रतीक: "विंटर ड्रीम"

यह दोनों ही प्रतीक बीजिंग से जुड़े होने के साथ कार्य और आगे बढ़ने का प्रतीक भी हैं। इन दोनों में हमें देश और उसकी राजधानी के साथ उसके चारों ओर स्थित पहाड़ दिखाई देते हैं।

इसके साथ दोनों प्रतीक स्थानीय संस्कृति, परंपरा और पूर्वजों के लिए सम्मान दर्शाते हैं।

सिद्धांत

बीजिंग 2008 सिद्धांत: एक विश्व, एक सपना

बीजिंग 2022 सिद्धांत: टुगेदर फॉर ए शेयर्ड फ्यूचर

दोनों सिद्धांतों के बीच की समानता समझी जा सकती है। एकता, एकजुटता और बांटने का मूल भाव दोनों ही सिद्धांतों में है।

बीजिंग 2008 खेलों का सिद्धांत चीन का विश्व विचार प्रकट करता है और पूरे संसार के देशों के साथ मिल कर एक सुखी अथवा मैत्रीपूर्ण समाज के निर्माण की ओर दृढ निश्चय को दर्शाता है।

बीजिंग 2022 का सिद्धांत इस बात को और आगे ले कर जाता है। चीन का विश्व विचार प्रकट करने के साथ यह 'टुगेदर फॉर ए शेयर्ड फ्यूचर' के माध्यम से अपने कार्यों की ओर संकेत भी देता है। इस सिद्धांत में बहुत जूनून और एक गहरी सोच है जो विश्व पर अपनी छाप छोड़ने की आशा रखती है।

एक विश्व, एक सपना, एक भविष्य। सब जुड़े हुए हैं।

National Aquatics Centre
फोटो क्रेडिट Feng Li/Getty Images

प्रतियोगिता स्थल

बीजिंग 2008 में जिन प्रतियोगिता स्थलों ने कुछ ऐतिहासिक क्षण देखें जिनमे Michael Phelps के आठ स्वर्ण और Usain Bolt की पहला स्वर्ण शामिल हैं, वही स्थान अब बीजिंग 2022 खेलों में प्रतिस्पर्धाओं की मेज़बानी करेंगे।

'बर्ड नेस्ट' कहलाया जाने वाला ओलंपिक स्टेडियम विश्व इतिहास का पहला स्थल होगा जो ग्रीष्मकालीन अथवा शीतकालीन खेलों के उद्घाटन और समापन समारोह दोनों की मेज़बानी करेगा। बीजिंग 2008 में इस स्टेडियम में एथलेटिक प्रतियोगिताएं आयोजित हुई थी लेकिन इस बार यहां सिर्फ समारोह का आयोजन होगा।

बीजिंग 2008 खेलों में राष्ट्रिय जलीय केंद्र का प्रयोग तैराकी, डाइविंग और कलात्मक तैराकी के लिए किया गया था और बीजिंग 2022 के दौरान यहां कर्लिंग प्रतिस्पर्धा खेली जाएगी। शीतकालीन खेलों की शुरुआत से पहले इस प्रतियोगिता स्थल ने कुछ महत्वपूर्ण कार्यक्रमों की मेज़बानी की है जिनमे औपचारिक प्रतीक अथवा मशाल आकृति के अनावरण शामिल हैं। 

ऊपर लिखे गए प्रतियोगिता स्थलों के अलावा राष्ट्रिय इंडोर स्टेडियम (2008 में ट्रैम्पोलिन और जिम्नास्टिक्स, 2022 में आइस हॉकी), कैपिटल इंडोर स्टेडियम (2008 में वॉलीबॉल, 2022 में फिगर स्केटिंग और शार्ट ट्रैक) वू के सॉन्ग खेल केंद्र (2008 में बास्केटबॉल, 2022 में आइस हॉकी) भी ऐसे स्थान हैं जो दोबारा प्रायोजित होंगे। 

नवनिर्माणित राष्ट्रिय स्पीड स्केटिंग ओवल जिसे 'आइस रिबन' भी कहा जाता है उसी स्थान पर बनाया गया है जहां तीरंदाज़ी और हॉकी के मैदान 2008 में स्थित थे। आधुनिक आइस निर्माण तकनीक का प्रयोग करते हुए बनाया गया यह विश्व का पहला ऐसा ओलंपिक स्थल है और एशिया का सबसे विशाल आइस केंद्र भी है।

मैदान तैयार हैं, शानदार क्षणों का इंतज़ार हैं। अब सिर्फ 100 दिन शेष।

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