भारत का हरियाणा राज्य मुक्केबाजों और पहलवानों के नाम से जाना जाता है, यहां कि मिट्टी से निकले एथलीटों ने पूरी दूनिया में अपना परचम फहराया है। हमारी इस कहानी में हम बात करेंगे शूटिंग गर्ल मनु भाकर की, हरियाणा के झज्जर में जन्मीं मनु भाकर ने स्कूल के दिनों में टेनिस, स्केटिंग और मुक्केबाजी मुकाबलों में हिस्सा लिया। इसके अलावा उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाली 'थान टा' नामक एक मार्शल आर्ट में भी भाग लिया।
14 साल की उम्र में उन्होंने शूटिंग में अपना करियर बनाने का फैसला किया, उस वक्त रियो ओलंपिक 2016 खत्म ही हुआ था। इसके एक हफ्ते के अंदर ही उन्होंने अपने पिता से शूटिंग पिस्टल लाने को कहा।
उनके हमेशा साथ देने वाले पिता राम किशन भाकर ने उन्हें एक बंदूक खरीदकर दी और वो एक ऐसा फैसला था जिसने एक दिन मनु भाकर को ओलंपियन बना दिया।
2017 की राष्ट्रीय शूटिंग चैंपियनशिप में मनु भाकर ने ओलंपियन और पूर्व विश्व नंबर-1 हीना सिद्धू को चौंकाते हुए 242.3 के स्कोर के साथ एक नया रिकॉर्ड बनाया। इसकी बदौलत उन्होंने 10 मीटर एयर पिस्टल के फाइनल में हीना को हरा दिया।
इसके अलावा उन्होंने साल 2017 एशियन जूनियर चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीता और इसके अगले साल मनु भाकर ने बता दिया कि वह एक खास खिलाड़ी है।
मेक्सिको के ग्वाडलजारा में अपने अंतर्राष्ट्रीय खेल शूटिंग महासंघ (आईएसएसएफ) विश्व कप में डेब्यू करते हुए मनु भाकर ने वुमेंस 10 मीटर एयर पिस्टल फाइनल में पहुंचने के लिए क्वालिफिकेशन राउंड में जूनियर विश्व रिकॉर्ड तोड़ दिया।
अपने डेब्यू में ही मनु ने ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता अन्ना कोराकाकी, तीन बार के विश्व कप पदक विजेता सेलिन गोबर्विले और लोकल फेवरेट अलेजांद्रा ज़वाला को पीछे छोड़ते हुए गोल्ड मेडल जीता। मनु ने गोल्ड मेडल जीतने के लिए कुल 237.5 अंक हासिल किए।
महज 16 साल की उम्र में वह ISSF विश्व कप में स्वर्ण पदक जीतने वाली सबसे कम उम्र की भारतीय बनी।
इसके अलावा उन्होंने मिक्स्ड डबल्स इवेंट में अपने पार्टनर ओम प्रकाश मिथेरवल के साथ मिलकर गोल्ड पर निशाना लगाया।
भास्कर अभी भी आईएसएसएफ जूनियर विश्व कप में भाग लेने के लिए पात्र थी और उन्होंने 10 मीटर एयर पिस्टल में व्यक्तिगत और मिश्रित टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीते।
एक महीने बाद ही साल 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स में कि ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में हुआ था, वहां उन्होंने एक नया रिकॉर्ड बनाते हुए वुमेंस 10 मीटर एयर पिस्टल में गोल्ड मेडल जीता।
इसके बाद उन्होंने अपने दूसरे ISSF जूनियर विश्व कप में 10 मीटर एयर पिस्टल में एक और स्वर्ण पदक जीता तो मिक्स्ड टीम स्पर्धा में कांस्य पदक अपने नाम किया, वहीं 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में वह पदक की रेस से बाहर हो गई।
हालांकि 2018 एशियाई खेलों में उन्होंने पदक नहीं जीता लेकिन मनु भाकर ने ब्यूनस आयर्स अर्जेंटीना में 2018 यूथ ओलंपिक गेम्स में इतिहास रचते हुए वर्ष का अंत किया। उन्होंने 10 मीटर एयर पिस्टल में स्वर्ण जीता और वह ऐसा करने वाली पहली भारतीय शूटर बनीं। इसके अलावा मनु भाकर यूथ ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली महिला भारतीय एथलीट बनीं।
इसके बाद मनु ने सौरभ चौधरी के साथ मिलकर नई दिल्ली में 2019 ISSF विश्व कप में भाग लिया और यह अब तक एक बहुत ही उपयोगी जोड़ी साबित हुई।
इस जोड़ी ने 2019 में तीनों आईएसएसएफ विश्व कप के मिक्स्ड डबल्स में स्वर्ण पदक जीते। वहीं चीन में विश्व कप फाइनल में मनु भाकर ने व्यक्तिगत और मिश्रित टीम इवेंट दोनों में स्वर्ण जीते।
मनु भाकर 2019 म्यूनिख विश्व कप में चौथे स्थान पर रही, इसके साथ ही उन्होंने ओलंपिक कोटा भी हासिल किया।
उन्होंने 2021 नई दिल्ली ISSF विश्व कप में 10 मीटर एयर पिस्टल में स्वर्ण और रजत पदक और 25 मीटर एयर पिस्टल में कांस्य पदक हासिल किया, जिससे वह टोक्यो ओलंपिक में भारत के लिए पदक की पसंदीदा में से एक बन गईं।
हालांकि, खेलों में मनु का पदार्पण उनके अनुसार नहीं हुआ।
युवा खिलाड़ी की पिस्टल ने 10 मीटर एयर पिस्टल योग्यता के बीच में एक रोड़ा विकसित किया, जिससे मनु को बंदूक ठीक करने के लिए प्रतियोगिता से दूर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा।
क्षतिग्रस्त टुकड़े को बदल दिया गया और मनु फायरिंग रेंज में वापस आ गई। लेकिन लय पहले ही टूट चुकी थी और उन्हे अपने बचे हुए 44 शॉट 36 मिनट में पूरे करने थे।
युवा खिलाड़ी ने दबाव में अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन फाइनल में जगह बनाने के लिए उनका शीर्ष आठ में आने के लिए पर्याप्त नहीं था।
अपने अगले कार्यक्रम में - मिश्रित 10 मीटर पिस्टल - मनु भाकर ने साथी सौरभ चौधरी के साथ भागीदारी की। दोनों क्वालीफिकेशन के चरण 1 में शीर्ष पर रहने के बाद भी सातवें स्थान पर रहे।
मनु भाकर का टोक्यो ओलंपिक अभियान 25 मीटर पिस्टल के साथ खत्म हुआ, जिसमें वह फाइनल में जगह बनाने से चूक गईं।
टोक्यो 2020 के बाद, मनु भाकर लीमा में महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल में जूनियर विश्व चैंपियन बनीं और तब से उन्होंने लगातार जूनियर सर्किट में पदक जीते हैं, हालांकि, भारतीय निशानेबाज 2021 के बाद से सीनियर प्रतियोगिताओं में अपनी योग्यता के अनुरूप प्रदर्शन करने में असफल रही हैं।
मनु भाकर ने 2022 काहिरा विश्व चैंपियनशिप में महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल में रजत और हांगझोऊ में 2023 एशियाई खेलों में उसी स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता। लेकिन उनकी एकमात्र व्यक्तिगत सीनियर जीत महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल में 2023 आईएसएसएफ विश्व कप सीरीज के भोपाल चरण में आई। इस प्रतियोगिता में उन्होंने कांस्य पदक जीता था। हालांकि, युवा निशानेबाज ने चांगवान में एशियन शूटिंग चैंपियनशिप 2023 में महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में पांचवें स्थान पर रहीं और भारत के लिए पेरिस 2024 ओलंपिक कोटा हासिल कर लिया है।