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पुरुषों के फ़ीफ़ा विश्व कप में सबसे कम उम्र में गोल करने वाले खिलाड़ी: पेले ने महज़ 17 साल की उम्र में किया है ये कारनामा!

पुरुषों के फ़ीफ़ा विश्व कप में गोल करने वाले सबसे कम उम्र के फ़ुटबॉल खिलाड़ी का रिकॉर्ड पेले के नाम है। इसके अलावा ब्राज़ीलियाई स्ट्राइकर विश्व कप हैट्रिक बनाने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी भी हैं।

6 मिनट द्वारा शिखा राजपूत
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(फोटो क्रेडिट 2014 Getty Images)

फ़ीफ़ा विश्व कप फ़ुटबॉल खिलाड़ियों के लिए सबसे बड़ा मंच हैं, जहां खिलाड़ी अपनी प्रतिभा दिखाने के साथ अपने प्रदर्शन के दम पर आने वाले खिलाड़ियों के लिए एक विरासत छोड़ते हैं।

अक्सर कई युवा खिलाड़ी खेल के इस सबसे बड़े टूर्नामेंट में दबाव में रहते हैं या विश्व मंच पर अपनी छाप छोड़ने से पहले ट्रेनिंग के लिए मैदान पर सालों खेलते रहते हैं। लेकिन पेले और लियोनेल मेसी इन सब से काफी अलग हैं। क्योंकि ये दोनों पसंदीदा शीर्ष वर्ग के फ़ुटबॉल खिलाड़ी में से एक हैं जिन्होंने कम समय में सफलता हासिल की।

जिन खिलाड़ियों ने दबाव की परवाह नहीं की, उनमें से कुछ विश्व कप में गोल करने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी के रूप में शामिल हैं और दिग्गज खिलाड़ियों के बीच उन्होंने अपनी ख़ास जगह बनाई।

पुरुषों के फ़ीफ़ा विश्व कप में गोल करने वाले सबसे कम उम्र के फ़ुटबॉल खिलाड़ी

खिलाड़ीउम्रसंस्करण
1. पेले (ब्राज़ील)17 साल, 239 दिनस्वीडन 1958
2. मैनुएल रोजस (मेक्सिको) 18 साल, 90 दिनउरुग्वे 1930
3. गावी (स्पेन)18 साल, 110 दिन क़तर 2022
4.माइकल ओवेन (इंग्लैंड)18 साल, 190 दिन फ़्रांस 1998
5. निकोलाइ कोवाक्स (रोमानिया)18 साल, 198 दिन उरुग्वे 1930
6. दिमित्री साइशेव (रूस)18 साल, 231 दिनदक्षिण कोरिया / जापान 2002
7. लियोनेल मेसी (अर्जेंटीना)18 साल, 358 दिन जर्मनी 2006
8.अलेक्जेंडर तिर्नानिक (यूगोस्लाविया)18 साल, 365 दिनउरुग्वे 1930
9.जूलियन ग्रीन (यूएसए)19 साल, 25 दिन ब्राज़ील 2014
10. डिवॉक ओरिगी (बेल्जियम)19 साल, 65 दिनब्राज़ील 2014

पेले, ब्राज़ील - 17 साल और 239 दिन

पुरुषों के फ़ीफ़ा विश्व कप में गोल करने वाले सबसे कम उम्र के फ़ुटबॉल खिलाड़ी पेले हैं। महज़ 17 साल और 239 दिन की उम्र में ब्राज़ीलियाई स्ट्राइकर ने स्वीडन में 1958 विश्व कप में वेल्स के ख़िलाफ़ क्वार्टर-फ़ाइनल मुक़ाबले में अपना पहला विश्व कप गोल दागा था।

उनकी वॉली के बाद ब्राज़ील ने वेल्स को एक गोल से हराया। इसके बाद सेमी-फ़ाइनल में फ़्रांस के ख़िलाफ़ मुक़ाबले में ब्राज़ील की 5-2 की जीत में पेले के 3 गोल शामिल थे। इसी के साथ वह विश्व कप में हैट्रिक करने वाले सबसे कम उम्र के फ़ुटबॉल खिलाड़ी बन गए।

शीर्ष पर जगह बनाने के लिए पेले ने मेज़बान स्वीडन के ख़िलाफ़ मुक़ाबले में ब्राज़ील की 5-2 से जीत में ब्रेस किया। इसी के साथ वह फ़ुटबॉल विश्व कप फ़ाइनल में खेलने और गोल करने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन गए। आज तक उनका रिकॉर्ड कोई नहीं तोड़ पाया है और पेले 18 साल की उम्र से पहले फ़ीफ़ा विश्व कप में गोल करने वाले एकमात्र फ़ुटबॉल खिलाड़ी हैं।

पेले 1962 और 1970 फ़ीफ़ा विश्व कप जीतने वाली ब्राज़ील की टीमों का भी हिस्सा थे। उन्हें फ़ुटबॉल को सही तरीक़े से आगे बढ़ाने वाले सबसे महान खिलाड़ियों में से एक माना जाता है।

मैनुएल रोजस, मेक्सिको - 18 साल और 90 दिन

मेक्सिकन डिफ़ेंडर मैनुएल रोजस 18 साल और 90 दिन की उम्र में पुरुषों के विश्व कप में दूसरे सबसे कम उम्र के गोल करने वाले खिलाड़ी हैं। उन्होंने 1930 में उद्घाटन फ़ुटबॉल विश्व कप में चिली के ख़िलाफ़ मेक्सिको के ग्रुप गेम में दुर्भाग्य से अपने ही गोलपोस्ट में गोल किया था। यह फ़ीफ़ा विश्व कप के इतिहास में पहला सेल्फ गोल था।

हालांकि तीन दिन बाद, अर्जेंटीना के ख़िलाफ़ मैच में मेक्सिको की 6-3 की हार में रोजस ने दो गोल करके पिछले मैच की कसर पूरी कर दी। उनका पहला गोल पेनल्टी किक के ज़रिए आया था और यह पुरुषों के फ़ीफ़ा विश्व कप में अब तक का पहला पेनल्टी गोल है।

इससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता कि आप इसे किस तरह से देख रहे हैं, लेकिन इस प्रतियोगिता के इतिहास में सबसे कम उम्र के गोल करने वालों की लिस्ट में रोजस दूसरे स्थान पर काबिज़ है।

गावी, स्पेन – 18 साल और 110 दिन

गावी क़तर में जारी फ़ीफ़ा विश्व कप 2022 में गोल करने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने यह कारनामा ग्रुप E के मैच में कोस्टा रिका के खिलाफ़ किया था। गावी ने खेल के 74वें मिनट में गोल दागा था। इस मैच में स्पेन की टीम ने कोस्टा रिका को 7-0 के बड़े अंतर से मात दिया। गावी से पहले साल 1958 के फ़ुटबॉल विश्व कप में पेले ने यह कारनामा किया था। 
इसके अलावा गावी स्पेन की ओर से किसी भी अंतराष्ट्रीय टूर्नामेंट में खेलने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी भी बन गए हैं। आपको बता दें गावी ने मैच का चौथा गोल दागा था। उनके शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें फ़ीफ़ा प्लेयर ऑफ द मैच के पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
गावी ने मैच के बाद कहा, "मैंने इस बात कि कल्पना नहीं की थी कि इस उम्र में मैं यहां रहुंगा। प्लेयर ऑफ द मैच जीत कर मुझे का काफ़ी अच्छा महसूस हो रहा है। आज हमने शानदार खेल का मुज़ाहिरा पेश किया और इसके लिए मैं सभी के लिए काफ़ी खुश हूं। मुझे पता है कि मैं टीम में सबसे कम उम्र का सदस्य हूं और मैं सभी खिलाड़ियों का आदर करता हूं लेकिन मैदान पर चीजें अलग होती है और तब मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देता हूं।"

माइकल ओवेन, इंग्लैंड - 18 साल और 190 दिन

1998 के विश्व कप में रोमानिया के ख़िलाफ़ मुक़ाबले में इंग्लैंड 1-0 से पीछे था और कुछ समय बाद फ़ॉरवर्ड माइकल ओवेन ने 83वें मिनट में गोल करके 1966 के विश्व चैंपियन की बराबरी की।

लेकिन रोमानिया ने आख़िरी मिनट में गोल कर मैच अपने नाम कर लिया। भले ही इंग्लैंड हार गया हो, लेकिन माइकल ओवेन, 18 साल और 190 दिन की उम्र में, फ़ीफ़ा विश्व कप में गोल करने वाले इंग्लैंड के सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन गए और उन्होंने सर्वकालिक सूची में तीसरे स्थान पर जगह बनाई है।

यूईएफ़ए यूरो 2000, 2002 विश्व कप और यूरो 2004 में गोल करने के साथ माइकल ओवेन इंग्लैंड के लिए लगातार चार बड़े टूर्नामेंट में गोल करने वाले एकमात्र खिलाड़ी हैं।

निकोलाई कोवाक्स, रोमानिया - 18 साल और 198 दिन

रोमानिया के निकोलाइ कोवाक्स फ़ीफ़ा विश्व कप में गोल करने वाले सबसे कम उम्र के फ़ुटबॉल खिलाड़ियों की लिस्ट में चौथे स्थान पर हैं। उन्होंने 1930 के विश्व कप में पेरू के ख़िलाफ़ मैच में रोमानिया के लिए गोल कर अपनी टीम को 3-1 से जीत दिलाई। उस वक़्त उनकी उम्र 18 साल 198 दिन की थी।

निकोलाइ कोवाक्स विश्व युद्ध से पहले तीनों विश्व कप में शामिल होने वाले कुछ चुनिंदा खिलाड़ियों में से एक थे। इसके बाद में कोवाक्स ने हंगरी फ़ुटबॉल टीम का भी प्रतिनिधित्व किया।

फ़ीफ़ा महिला विश्व कप में स्कोर करने वाली सबसे कम उम्र की फ़ुटबॉल खिलाड़ी

एलेना डेनिलोवा, रूस - 16 साल और 107 दिन

ऐलेना डेनिलोवा ने 2003 महिला विश्व कप में रूस की तरफ़ से शिरकत की और क्वार्टर-फ़ाइनल में अंतिम चैंपियन जर्मनी के ख़िलाफ़ मुक़ाबले में गोल किया। हालांकि रूस 7-1 से यह मैच हार गया लेकिन ऐलेना महज़ 16 साल और 107 दिन की उम्र में फ़ीफ़ा महिला विश्व कप में गोल करने वालीं सबसे कम उम्र की महिला फ़ुटबॉलर बनीं।

चोटों से जूझते हुए ऐलेना डेनिलोवा ने अपने करियर में रूस के लिए कुल 52 मैच खेले। उन्होंने अपना आख़िरी मुक़ाबला 2018 में बोस्निया और हर्जेगोविना के ख़िलाफ़ खेला था।

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