ओलंपिक शीतकालीन खेल बीजिंग 2022 में कैसे देखें बायथलॉन

शीतकालीन ओलंपिक कार्यक्रम का 1960 से भाग रही बायथलॉन प्रतियोगिता क्रॉस कंट्री स्कीइंग अथवा शूटिंग का एक मिश्रण है। बीजिंग 2022 ओलंपिक शीतकालीन खेलों की बायथलॉन प्रतियोगिता के बारे में हर ज़रूरी बात यहां पढ़िए।

फोटो क्रेडिट Getty Images

बीजिंग 2022 शीतकालीन ओलंपिक खेलों की बायथलॉन प्रतियोगिता में 11 वर्ग है जिसमे महिलाओं और पुरुषों के पांच अथवा एक मिश्रित प्रतिस्पर्धा शामिल है।

इस खेल में भाग लेने वाले खिलाड़ी कुल मिला के 33 पदक जीतेंगे और एक खिलाड़ी की धड़कन 180 बीट प्रति मिनट तक पहुंच सकती है। इस खेल में खिलाड़ी को 50 मीटर दूर स्थित 4.5 सेंटीमीटर के लक्ष्य पर निशाना साधना होता है।

शीतकालीन ओलंपिक खेलों की बायथलॉन प्रतियोगिता 5 फरवरी से 19 फरवरी 2022 तक खेली जाएगी।

प्रतियोगिता अनुसूची और इस खेल के प्रसारण अथवा देखने के माध्यम जानने के लिए आगे पढ़िए।

और पढ़िए: बीजिंग 2022 खेलों में ओलंपिक बायथलॉन: पांच ज़रूरी बातें

बीजिंग 2022 में बायथलॉन के वर्ग

शीतकालीन ओलंपिक खेलों की बायथलॉन प्रतियोगिता में 11 वर्ग होंगे:

पुरुष

10 किमी स्प्रिंट

20 किमी व्यक्तिगत

12.5 किमी परसूट

15 किमी मास स्टार्ट

4 x 7.5 किमी रिले

महिला

7.5 किमी स्प्रिंट

15 किमी व्यक्तिगत

10 किमी परसूट

12.5 किमी मास स्टार्ट

4 x 6 किमी रिले

मिश्रित

4x6 किमी (महिला+पुरुष) मिश्रित रिले

प्रतियोगिता का यह प्रारूप टोरिनो 2006 खेलों से चला आ रहा है और उसी वर्ष महिलाओं और पुरुषों के मास स्टार्ट वर्ग को कार्यक्रम में जोड़ा गया था।

बीजिंग 2022 के सबसे बड़े बायथलॉन सितारे

नॉर्वे की Tiril Eckhoff इस समय विश्व की सबसे सफल सक्रीय महिला खिलाड़ी हैं और उन्होंने अभी तक पांच ओलंपिक पदक (एक स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य) जीते हैं और वह एक बार फिर पदक जीतने की प्रबल दावेदार होंगी। उन्होंने साल 2021 की विश्व चैंपियनशिप में अपना वर्चस्व बनाये रखा था और छह पदक अपने नाम किये जिसमे चार स्वर्ण शामिल हैं।

महिला वर्ग में अन्य पदक दावेदारों में 2018 की व्यक्तिगत स्वर्ण विजेता Hanna Öberg (स्वीडन) और 2018 स्प्रिंट रजत पदक विजेता Marte Olsbu Røiseland (नॉर्वे) शामिल हैं। प्योंगचांग 2018 खेलों में दो स्वर्ण जीतने वाली Laura Dahlmeier के साथ कई अन्य महान खिलाड़ी अब सन्यास ले चुकी हैं और इसी कारण से महिला वर्ग में कड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है।

पुरुष वर्ग की बात करें तो बीजिंग 2022 भाग लेने वाले अन्य खिलाड़ियों के लिए राहत की बात यह है की फ्रांस के Martin Fourcade भाग नहीं ले रहे हैं। प्योंगचांग में तीन स्वर्ण जीतने वाले इस महान खिलाड़ी ने खेल से अपने सन्यास की घोषणा 2020 में की थी।

साल 2021 में विश्व चैंपियनशिप कांस्य (12.5 किमी परसूट) जीतने वाले नॉर्वे के Johannes Thingnes Bø बीजिंग 2022 खेलों में अपने स्वर्ण की रक्षा करने का प्रयास करेंगे। इसके साथ नॉर्वे के Sturla Holm Lægreid ने 2021 विश्व चैंपियनशिप में चार स्वर्ण जीते थे और हालांकि उन्होंने आज तक ओलंपिक खेलों में भाग नहीं लिया है, वह निश्चित रूप से पदक दावेदार के रूप में मैदान में उतरेंगे।

बीजिंग 2022 खेलों में बायथलॉन अनुसूची

वेन्यू: राष्ट्रिय बायथलॉन केंद्र

(पूरी अनुसूची स्थानीय समय के अनुसार है)

5 फरवरी

17:00 - मिश्रित रिले 4x6 किमी (महिला और पुरुष)

7 फरवरी

शाम 5:00 - महिला 15 किमी व्यकितगत

8 फरवरी

शाम 4:30 - पुरुष 20 किमी व्यक्तिगत

11 फरवरी

शाम 5:00 - महिला 7.5 किमी स्प्रिंट

12 फरवरी

शाम 5:00 - पुरुष 10 किमी स्प्रिंट

13 फरवरी

शाम 5:00 - महिला 10 किमी परसूट

शाम 6:45 - पुरुष 12.5 किमी परसूट

15 फरवरी

शाम 5:00 - पुरुष 4x7.5 किमी रिले

16 फरवरी

शाम 3:45 - महिला 4x6 किमी रिले

18 फरवरी

शाम 5:00 - पुरुष 15 किमी मास स्टार्ट

19 फरवरी

शाम 5:00 - महिला 12.5 किमी मास स्टार्ट

बीजिंग 2022 खेलों में बायथलॉन कैसे देखें

बायथलॉन एक ऐसा खेल है जिसमे क्रॉस कंट्री की शारीरिक शक्ति और निशानेबाज़ी की एकाग्रता अथवा पैनापन चाहिए होता है। यह दोनों एक दुसरे से बिलकुल विपरीत हैं, चाहे आप किसी भी दृष्टिकोण से देखें। स्कीइंग और शूटिंग एक दुसरे से बहुत ही अलग कलाएं हैं और एक ही प्रतियोगिता में इन दोनों का प्रदर्शन करना किसी भी खिलाड़ी के लिए बहुत कठिन और चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

जब खिलाड़ी निशानेबाज़ी स्थल में आते हैं तो उन्हें बहुत छोटे लक्ष्यों पर निशाना लगाना होता है जो करते समय उनके दिल की धड़कनें भरना अथवा सांस भारी होना बहुत ही आसान है क्योंकि वह सिर्फ अन्य खिलाड़ियों से ही अन्य बल्कि समय से भी मुकाबला कर रहे होते हैं। निशानेबाज़ी प्रतियोगिता में दो शारीरिक स्थितियां होती हैं - प्रोन (ज़मीन पर लेट कर) और स्टैंडिंग (खड़े रह कर) - जिनमे खिलाड़ी निशाना लगाते हैं। अगर कोई खिलाड़ी निशाने से चूक जाये तो उसे पेनल्टी का सामना करना पड़ता है।

जर्मनी और नॉर्वे ने शीतकालीन ओलंपिक इतिहास में बायथलॉन प्रतियोगिता को अपना गढ़ बनाया है और दोनों देशों ने कुल मिला के 52 (जर्मनी) और 41 (नॉर्वे) पदक जीते हैं।

तीन लगातार बायथलॉन स्वर्ण (वैंकूवर 2010, सोची 2014 और प्योंगचांग 2018) जीतने वाली Anastasiya Kuzmina कहती हैं, "आप कभी कभी इतने भावुक हो जाते हैं की आपको सांस रोकनी पड़ती है। रोमांच रेस की शुरुआत से लेकर अंत तक बना रहता है। जब आप एक खिलाड़ी का समर्थन करते हैं तो आपको इस खेल का मज़ा आता है और जब आपका मनपसंद खिलाड़ी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दिखाए तो आनंद चरम सीमा पर पहुंच जाता है।"

"अगर मैं बायथलॉन का औपचारिक अर्थ देखूं तो यह खेल क्रॉस कंट्री अथवा निशानेबाज़ी का मिश्रण है लेकिन मेरे दृष्टिकोण से यह एक ऐसा खेल है जो स्कीइंग में भार जोड़ देता है और निशानेबाज़ी करते समय खिलाड़ियों की धड़कनें बढ़ा देता है।"

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