इतिहास के सबसे खास पैरालंपिक पल

टोक्यो 2020 के साथ, यह समय सबसे महत्वपूर्ण पैरालंपिक खेलों के खास पलों को फिर से याद करने का है।

Wheelchair Rugby
फोटो क्रेडिट 2012 Getty Images

पैरालंपिक खेल यादगार और अभूतपूर्व पलों से भरा है, और कुछ ही दिनों में टोक्यो 2020 पैरालंपिक में नए पलों को जोड़ने के लिए तैयार है।

33 खेलों में एक्शन से भरपूर शेड्यूल के साथ यह एक पैरा स्पोर्टिंग समारोह की तरह होने वाला है, जिसमें 4,400 से अधिक एथलीटों के गोल्ड के लिए प्रतिस्पर्धा करने की उम्मीद है।

उद्घाटन समारोह की तारीख नजदीक आती जा रही है, उससे पहले आइए इतिहास के कुछ महान पलों पर एक नजर डालते हैं।

रियो 2016 में बेबे वियो की जीत

पैरालंपिक खेलों में एकमात्र व्हीलचेयर फेंसर ने हाथों और पैरों के बिना प्रतिस्पर्धा की और बेबे वियो ने रियो 2016 में अपने पैरालंपिक डेब्यू में अपनी पहली जीत हासिल की। ​​जब 19 वर्षीय इटालियन ने पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना के झोउ जिंगजिंग के खिलाफ जीत के लिए स्कोर हासिल किया, दर्शकों ने उसकी हौसलाअफजाई की, वियो चिल्लाई और फूट-फूट कर रोने लगी।

उस भावनात्मक क्षण को पीछे मुड़कर देखते हुए, वियो ने डॉक्यूमेंट्री राइजिंग फीनिक्स में कहा: "आपको बस खुद पर विश्वास करने की जरूरत है। बस आगे बढ़ें - जो चाहें करें।"

वूमेंस सिटिंग वॉलीबॉल में यूएसए का पहला स्वर्ण पदक

पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना एथेंस 2004 के बाद से वूमेंस वॉलीबॉल की मौजूदा चैंपियन रही है। लेकिन रियो 2016 में, यूएसए ने, जो लंदन 2012 में रजत पदक विजेता थे, उन्होंने नया पैरालंपिक चैंपियन बनने के लिए अपना रिकॉर्ड तोड़ दिया।

अपनी जीत के बारे में बात करते हुए, स्टार खिलाड़ी कालियो कानाहेल मैकले ने टोक्यो 2020 में बताया: "मुझे उस स्वर्ण पदक मैच में एक टीम के रूप में की गई सभी चीजों पर बहुत गर्व था, और वह मैच एक अच्छे प्रदर्शन और इसका सही उदाहरण था। एक टीम के रूप में हमने जो जरूरी था सब किया।"

और पढ़ें- Kaleo Kanahele Maclay: Be the bar

फुटबॉल-5-ए-साइड के मौजूदा चैंपियन

ब्राजील ने फुटबॉल-5-ए-साइड पर अपना दबदबा बनाया हुआ है, क्योंकि पहली बार एथेंस 2004 में पैरालंपिक कार्यक्रम में वह विजेता बने थे। और रियो 2016 में, उन्होंने दिखा दिया कि वे जीत के हकदार क्यों थे: स्टार खिलाड़ी रिचर्डिन्हो और जेफिन्हो के टागरेट के साथ ब्राजील ने लगातार चौथी जीत हासिल की अपने घरेलू प्रशंसकों के सामने आईआर ईरान पर 1-0 से जीत हासिल कर खिताब जीता।

जेफिन्हो ने Paralympic.org को बताया, "यह कोई संयोग नहीं है कि ब्राजील चार बार का पैरालंपिक चैंपियन है और उसने कई विश्व खिताब जीते हैं। हमारी टीम, दोनों खिलाड़ी और टेक्निक, संगठन और समर्थन के मामले में बहुत अच्छी तरह से तैयार हैं।"

व्हीलचेयर रग्बी में जापान का पहला पदक

जापान की मेंस व्हीलचेयर रग्बी टीम ने रियो 2016 में कांस्य पदक के प्ले-ऑफ में कनाडा को हराकर अपना पहला बड़ा पदक और अपना पहला पैरालंपिक पदक जीता, जिससे वो पैरालंपिक खेलों में इस खेल में जीतने वाले एकमात्र एशियाई राष्ट्र बन गए।

उस जीत को देखते हुए, टीम के प्रमुख खिलाड़ियों में से एक, IKEZAKI Daisuke ने Paralympic.org को बताया: "रियो पैरालंपिक खेलों में कांस्य पदक प्राप्त करना मेरे छह साल के व्हीलचेयर रग्बी जीवन के दौरान सबसे ज्यादा खुशी का मौका था।"

GettyImages-607530932
फोटो क्रेडिट 2016 Getty Images

झेंग ताओ, लंदन 2012 में पहला स्वर्ण

'आर्मलेस तैराक' के रूप में जाने जाने वाले झेंग ने जब 2012 में अपने डेब्यू के दौरान 100 मीटर बैकस्ट्रोक (एस 6) में स्वर्ण पदक जीता तो उन्होंने चीन को पैरालंपिक में जीत का गौरव दिलाया, और चार साल बाद रियो में चोटों के बाद भी इस उपलब्धि को फिर से दोहराया।

लंदन 2012 में तात्याना मैकफैडेन ने स्वर्ण पदक जीता

2004 के एथेंस में डेब्यू करने के बाद से तात्याना मैकफैडेन लगातार पदक हासिल करना जारी रखे हुए थी। लेकिन यह केवल लंदन 2012 में था, जब रूसी मूल की अमेरिकी एथलीट ने 400 मीटर, 800 मीटर और 1,500 मीटर स्पर्धाओं (T54) में तीन स्वर्ण पदक जीते थे।

400 मीटर जीतने के बाद मैकफैडेन ने ट्वीट किया, "खेलों में मेरा पहला स्वर्ण पदक जीता !!" मैकफैडेन ने 400 जीतने के बाद ट्वीट किया। "इस भावना का वर्णन करने के लिए कोई शब्द नहीं है। सभी के समर्थन के लिए धन्यवाद!”

चार साल बाद, मैकफैडेन ने लंदन 2012 में इसी तरह के इवेंट्स के साथ 5,000 मीटर T54 को जीतकर अपनी जीत में जोड़ा।

GettyImages-151632324
फोटो क्रेडिट 2012 Getty Images

रवांडा की मेंस वॉलीबॉल टीम ने लंदन 2012 में क्वालीफाई किया

दो विकलांग एथलीटों द्वारा रवांडा में मेंस सिटिंग वॉलीबॉल टीम का गठन हुआ। यह पैरालंपिक खेलों के लिए क्वालीफाई करने वाली देश की पहली टीम बनीं। हालांकि उन्होंने कोई पदक नहीं जीता, लेकिन मुश्किल परिस्थितियों में जीत की उनकी कहानी ने दुनिया को प्रेरित किया।

टीम के कप्तान एमिल वुनिंगाबो ने मैच के बाद द टेलीग्राफ को बताया, "अगर दुनिया रवांडा को जानती है तो यह संघर्ष के देश के रूप में। हो सकता है कि हमारे माध्यम से वो देखेंगे कि हम एक ऐसा देश बनने के लिए आगे बढ़ रहे हैं जो एकजुट है। ”

बीजिंग 2008 में कुनीडा शिंगो का पहला स्वर्ण

दुनिया के नंबर 1 मेंस व्हीलचेयर टेनिस खिलाड़ी ने बीजिंग 2008 में अपना दबदबा बनाया. उन्होंने सिंगल इवेंट में स्वर्ण पदक जीता। यह उनका पहला पैरालंपिक खिताब था। चार साल बाद, वह लंदन 2012 में वापस आए और उन्होंने एक और स्वर्ण पदक जीता।

लेकिन कुनिदा के लिए बीजिंग में उनकी जीत का एक विशेष महत्व था।

उन्होंने टोक्यो 2020 को बताया, "मुझे लगता है कि यह बीजिंग 2008 पैरालंपिक खेलों के बाद से पैरालंपिक खेलों ने मीडिया का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करना शुरू कर दिया था, और तभी से सभी की रुचि बढ़ रही है।"

GettyImages-82795182
फोटो क्रेडिट 2008 Getty Images

एथेंस 2004 में त्रिशा ज़ोर्न का 55वां स्वर्ण पदक

रिटायर होने से पहले, अमेरिकी स्विमर ट्रिशा ज़ोर्न ने एथेंस 2004 में काफी अच्छा खेला था, जो 1980 में अम्हेम में उनके डेब्यू के बाद आठवां और अंतिम खेल था। ग्रीक राजधानी में उन्होंने अपना 55वां पदक जीता, जिससे वह इतिहास में सबसे सफल पैरा एथलीटों में से एक बन गईं। स्विमिंग में तीन दशकों के बाद, ज़ोर्न को 2012 में इंटरनेशनल पैरालंपियन हॉल ऑफ फेम में शामिल किया गया था।

उन्होंने 2020 में TeamUSA.org से कहा, "मैं विश्वास करना चाहती हूं कि मैंने खेल और पैरालंपिक खेलों पर सकारात्मक प्रभाव डाला है।" "इसके बारे में मैं कभी-कभी सोचती हूं और काश हम उस समय होते, लेकिन अब मुझे लगता है कि उस पीढ़ी के पैरालंपिक एथलीटों का लक्ष्य नए एथलीटों के लिए मार्ग प्रशस्त करना था जिनके पास अब अवसर है।"