ओलिंपिक मशाल रीले के बारे में कुछ अहम् वक्तव्य: दूसरा भाग 

ATHENS, GREECE - MARCH 12: Greek actress Xanthi Georgiou (R), dressed as an ancient Greek high priestess lights the olympic torch during the Flame Handover Ceremony for the Tokyo 2020 Summer Olympics on March 19, 2020 in Athens, Greece. The ceremony was held behind closed doors as a preventive measure against the Coronavirus outbreak. (Photo by Aris Messinis - Pool/Getty Images Europe)
ATHENS, GREECE - MARCH 12: Greek actress Xanthi Georgiou (R), dressed as an ancient Greek high priestess lights the olympic torch during the Flame Handover Ceremony for the Tokyo 2020 Summer Olympics on March 19, 2020 in Athens, Greece. The ceremony was held behind closed doors as a preventive measure against the Coronavirus outbreak. (Photo by Aris Messinis - Pool/Getty Images Europe)

अगर कोई एक ऐसी प्रतिस्पर्धा है जो ओलिंपिक खेलों का सच्चा प्रतीक कहलाई जा सके, वह है ओलिंपिक मशाल रीले। इस दो भाग की श्रृंखला में मिलिए उन लोगों से जो इस मशाल रीले में भाग लेंगे और इसको सफल बनाने में अहम् भूमिका निभाएंगे। इस श्रृंखला के दुसरे भाग में मिलिए एक ऐसे मशालधारक से जिसने 1964 टोक्यो ओलिंपिक खेलों को भी देखा था और एक अधिकारी जो मशाल रीले की सफलता के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं।

KAWABATA Shohei, सरकारी अधिकारी और मियाज़ाकी प्रीफेक्चर कार्यदल के सदस्य

पिछले एक दशक से Kawabata Shohei मियाज़ाकी प्रीफेक्चर सरकार के लिए काम कर रहे हैं और जब उन्हें मशाल रीले के कार्यदल के लिए चुना गया तो उन्होंने 1964 टोक्यो ओलिंपिक खेलों के बारे में अध्ययन किया और अपनी ज़िम्मेदारियों को बेहतर समझने का प्रयास किया।

"हर मशालधारक की अपनी कहानी होती है और एक प्रतिस्पर्धा में कई तरह के लोग होते हैं जिसमे दिव्यांग अथवा वह लोग शामिल होते हैं जिन्होंने अपना जीवन समाज सुधार को समर्पित किया है।"

FUJISHIRO Junichi, वाहन समुदाय प्रबंधक 

Mr. Fujishiro Junichi
Mr. Fujishiro Junichi

ओलिंपिक मशाल रीले के दौरान काम करने वाले अधिकतम कर्मचारियों का कार्य सिर्फ उन दिनों तक सीमित होगा जब ओलिंपिक ज्वाला उनके प्रीफेक्चर का दौरा करेगी लेकिन कई अधिकारी ऐसे हैं जो इस रीले के सारे दिन सक्रीय रहेंगे और टोक्यो के निवासी Fujishiro Junichi उनमे से एक हैं। मशाल रीले के दौरान 120 वाहनचालक और 33 वाहन उनकी देखरेख में कार्य करेंगे।

"जब मेरा कार्य सफलतापूर्वक सम्पूर्ण हो जायेगा तो शायद में ख़ुशी में अपनी मुट्ठी हवा में लेहराऊंगा।"

KITA Yoshitake, कठपुतली चलानेवाले और मशालधारक 

जब वह एक युवा थे तो KITA Yoshitake ने वर्ष 1964 में जापान की ज़मीन पर आयोजित हुई सबसे पहली ओलिंपिक मशाल रीले को देखा था। पांच दशक से ज़्यादा समय बीत गया है और साल 2021 में इशीकावा प्रीफेक्चर के रहने वाले यह कठपुतली चलानेवाला टोक्यो 2020 ओलिंपिक मशाल रीले में मशालधारक के रूप में हिस्सा लेंगे। 

उन्होंने अपना पूरा जीवन जापान में पीढ़ियों से चलती आ रही कठपुतली नाटक को युवा पीढ़ी के समक्ष लोकप्रिय करने को समर्पित किया है।

"मैंने 1964 टोक्यो खेलों की ओलिंपिक मशाल रीले देखी थी और मैं हमेशा से ऐसा कुछ करना चाहता था। चुनौतियों से डरो मत, उनका सामना करो और तुम्हारे सपने सच हो जायेंगे।"

ISHIJIMA Masakazu, लॉज मालिक और मशालधारक 

साल 2019 में Ishijima Masakazu अपनी पत्नी के परिवार द्वारा बनाये गए एक लॉज को चलाने के लिए हिगाशी इज़ू में बस गए और उन्हें अब इस जगह और उसके परिदृश्य से प्रेम हो गया है। एक मशालधारक की भूमिका में Masakazu Atagawa को एक पर्यटन स्थल के रूप में पूरे विश्व के सामने लोकप्रिय करना चाहते हैं।

"मैं इस 200 मीटर की दौड़ के दौरान हर कदम अपने क्षेत्र के लिए आगे बढ़ाऊंगा।"

SAKON Wataru, युबारी शहर कार्यालय कर्मचारी और मशालधारक 

युबारी शहर के सरकारी कार्यालय में काम करने वाले Sakon Wataru के लिए सतत विकास और सामजिक कल्याण बहुत ज़रूरी हैं। सरकार के लिए काम करते हुए उन्होंने युवाओं का सहयोग करते हुए शहर के कल्याण के लिए काम किया है। ओलिंपिक मशाल रीले की सहायता से वह अगली पीढ़ी को संदेश देना चाहते हैं।

"मैं अगली पीढ़ी को बताना चाहता हूँ की हम अपने सपनों का पीछा करते हुए भी एक बेहतर कल बनाने के लिए कार्य कर सकते हैं।"

MURASHITA Koichi, सरकारी कर्मचारी और मशालधारक

पिछले कई सालों से Murashita Koichi हीरोसाकी विश्वविद्यालय में एक ऐसे प्रोग्राम का हिस्सा हैं जो आओमोरी प्रीफेक्चर में स्वास्थय स्तर को बढ़ाने का कार्य कर रहा है। मशाल रीले की सहायता से वह इस प्रोग्राम को पूरे जापान में प्रसिद्ध करना चाहते हैं।

"एक मशालधारक की भूमिका निभाते हुए मैं इस प्रोजेक्ट के बारे में अपने जूनून को पूरे विश्व के सामने दिखाना चाहता हूँ।"