आइए डालते हैं एक नज़र इस हफ्ते की सोशल मीडिया सुर्खियों पर

Neeraj Chopra (Photo by Alexander Hassenstein/Getty Images for IAAF)
Neeraj Chopra (Photo by Alexander Hassenstein/Getty Images for IAAF)

हर हफ्ते, टोक्यो 2020 आपके लिए सोशल मीडिया की दुनिया के सबसे रोमांचक खेल पोस्ट लाएगा। पता करें कि आपके पसंदीदा एथलीट अपने घरों में क्या कर रहे हैं।

(स्पॉयलर अलर्ट: यह ट्रेनिंग के बारे में नहीं है)

सपने सच होते हैं, बस मेहनत और खुद पर भरोसे होना चाहिए

हर किसी के अपने सपने होते हैं और हर कोई चाहता हैं कि, वह उन्हें हासिल करें। लेकिन यह आसान काम नहीं हैं - आपको खुद पर विश्वास होना चाहिए, कड़ी मेहनत करनी पड़ती हैं, ज़िन्दगी के उतार-चढ़ाव से झूझना पड़ता हैं, तब जाकर कहीं सफलता हाथ लगती हैं।

उदहारण के लिए आप CA Bhavani Devi को ही देख लो - जिन्होंने हाल ही में ओलंपिक खेलों 2020 के लिए क्वालीफाई करके भारत के लिए इतिहास रचा, और उनकी मानें तो उन्होंने इस मुकाम तक पहुंचने के लिए बहुत मेहनत की हैं।

उनके द्वारा पोस्ट किया यह नोट पढ़ें।

ओलंपिक पदक के करीब

वर्त्तमान में चल रहे पटियाला में फेडरेशन कप में स्टीपलचेजर Avinash Sable ने अपने नेशनल रिकॉर्ड को पांचवीं बार तोड़ कर एक नया कीर्तिमान बनाया। 

ओलंपिक खेलों के लिए पहले से ही योग्य इस एथलिट ने 8:20.20 के रिकॉर्ड समय के साथ मेंस 3000 मीटर स्टीपलचेज पूरा किया और अपना पूर्व सर्वश्रेष्ठ रिकॉर्ड - 8:21.37 जो उन्होंने 2019 के दोहा में हासिल किया था, उसे तोड़ा।

ओलंपिक खेलों में स्वागत हैं आपका

उसी टूर्नामेंट में एक और भारतीय एथलिट - लॉन्ग जम्पर, Sreeshankar ने भी 8.26 मीटर की रिकॉर्ड जम्प के साथ टोक्यो के लिए अपना टिकट बुक किया।

उन्होंने अपना पूर्व रिकॉर्ड (8.26 मीटर) ही नहीं बल्कि ओलंपिक क्वालीफाइंग मानक (8.22 मीटर) को भी तोड़ा और ओलंपिक खेलों के लिए क्वालीफाई किया।

हालात चाहे जैसे भी हो, रुकना नहीं, थामना नहीं, बस चलते रहना हैं

यह कहने के लिए शायद आसान हैं, लेकिन अगर इस बात पर अमल किया जाए तो इंसान ज़िन्दगी में आने वाली हर मुसीबत का सीना ठान के सामना कर सकता हैं। 

पहलवान Pawan Saroha का भी यही मानना हैं। 

आइए नजर डालते हैं, उनके द्वारा अपलोड़ की गई एक छोटी वीडियो पर।

बच्चों का बचपन से खेल में पढ़ना एक अच्छा संकेत हैं

बच्चों के लिए जितनी पढ़ाई जरूरी हैं, उतना खेलना भी जरूरी हैं। खेलने से बच्चे बहुत कुछ सिखते हैं - नए दोस्त बनाते हैं, टीम में खेलना सिखते हैं, अपने फिजिकल कौशल को बेहतर बना सकते हैं और यह सब चीज़ें उनके जीवन में आगे उन्हें बढ़ने के लिए मदद करता हैं। इसलिए बच्चों को खेलने से न रोकें, बल्कि उन्हें बढ़ावा दे।

अपनी कोर स्ट्रेंथ पर काम करना जरूरी हैं

जेवलिन थ्रोअर Neeraj Chopra न केवल मैदान पर अपना जलवा दिखाते हैं, बल्कि जिम के अंदर कोर स्ट्रेंथ पर काम करके भी सभी को चौंका देते हैं। 

उनकी इस वीडियो को देखे बिना स्क्रोल मत कीजिएगा।