एशियाई रेसलिंग ओलिंपिक क्वॉलिफिएर्स: Sonam, Anshu ने किया टोक्यो खेलों के लिए क्वालीफाई, Sandeep चूके

भारतीय पहलवान Sonam Malik (नीले रंग में) सीनियर एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप के दौरान 62 किलोग्राम वर्ग में कोरिया की Hanbit Lee के खिलाफ कार्रवाई में। (Photo by Vipin Kumar/Hindustan Times via Getty Images)
भारतीय पहलवान Sonam Malik (नीले रंग में) सीनियर एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप के दौरान 62 किलोग्राम वर्ग में कोरिया की Hanbit Lee के खिलाफ कार्रवाई में। (Photo by Vipin Kumar/Hindustan Times via Getty Images)

जहाँ एक तरफ 18 वर्षीय Sonam Malik और 19 साल की Anshu Malik ने टोक्यो खेलों का अपना टिकट बुक किया, तो वहीं दूसरी ओर नेशनल चैंपियन Sandeep Singh Mann अपने भार वर्ग में क्वालीफाई करने से चुके। क्या रही एशियाई रेसलिंग ओलिंपिक क्वॉलिफिएर्स में भारतीय पहलवानों की कहानी, यहाँ जानें।

Sonam ने रचा इतिहास, टोक्यो के लिए किया क्वालीफाई

महज 18 साल की Sonam Malik ने अपने पहले ओलिंपिक खेलों के लिए अपने भार वर्ग- 62 किलोग्राम में क्वालीफाई करके इतिहास रच दिया। न केवल उन्होंने एशियाई ओलिंपिक क्वॉलिफिएर्स के सेमीफइनल मुकाबले में एक शानदार वापसी कर सभी को हक्का-बक्का कर दिया, बल्कि वह ओलिंपिक खेलों के लिए क्वालीफाई करके भारत की आज तक की सबसे काम उम्र की एथलीट भी बन गईं। 

सबसे पहले, Sonam ने चीन की Jia Long को 5-2 से हराया और फिर ताइपे की Hsin Ping Pai के खिलाफ तकनीकी श्रेष्ठता से एक और मैच जीता। सेमीफाइनल मुकाबले में, वह कजाकिस्तान की Ayaulym Kassymova के खिलाफ 0-6 से पीछे चल रही थीं, लेकिन उन्होंने एक शानदार वापसी की और 9-6 के स्कोर से जीत दर्ज की। नतीजतन, वह टोक्यो ओलंपिक खेलों 2020 के लिए क्वालीफाई कर गईं।

अब यह कहना शायद सही रहेगा की ऐसा उत्कर्ष कीर्तिमान स्थापित करने के बाद वह रेसलिंग की दुनिया में और प्रसिद्ध हो गईं।

हालांकि Sonam की इस उपलब्धि ने 2016 की भारत की कांस पदक विजेता, Sakshi Malik का इस साल के ओलिंपिक खेलों के लिए क्वालीफाई करने का सपना तोड़ दिया। इस साल की शुरुआत में Sonam ने Sakshi पर एक बार नहीं बल्कि दो बार जीत दर्ज की थी।

एशियाई ओलिंपिक क्वॉलिफिएर्स में इस जीत के बाद Sonam के निजी कोच, Ajmer Malik ने PTI से उनकी सहराना करते हुए कहा, "उन्होंने दिखाया है कि वह सीनियर सर्किट के लिए तैयार हैं। देखो उन्होंने क्या हासिल किया है। लोगों ने कहा था कि वह अभी भी कैडेट के स्तर पर हैं, लेकिन Sakshi के खिलाफ लगातार जीत ने उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया है।"

Anshu भी भरेंगी टोक्यो की उड़ान

वहीं दूसरी तरफ, 57 किलोग्राम भार वर्ग में प्रतिस्पर्धा करने वाली अन्य भारतीय युवा पहलवान, Anshu Malik ने भी ओलिंपिक कोटा अर्जित किया।

इस टूर्नांमेंट के दौरान, सबसे पहले उन्होंने कोरिया की Jieun Um पर जीत दर्ज की, फिर आगे बढ़ते हुए उन्होंने कज़ाकिस्तान की Emma Tissina को पछाड़ा और आखिर में सेमीफइनल मुकाबले में, उज़्बेकिस्तान की Shokhida Akhmedova पर मिली जीत ने उन्हें उनके पहले ओलिंपिक खेलों के लिए क्वालीफाई करने में मदद की।

अब Vinesh Phogat (53 किलोग्राम) सहित, Sonam और Anshu ने भी महिला वर्ग में ओलिंपिक खेलों के लिए क्वालीफाई कर लिया है। इनके अलावा तीन पुरुष पहलवान (Bajrang Punia (65 किलोग्राम), Ravi Dahiya (57 किलोग्राम) और Deepak Punia (86 किलोग्राम) भी ओलिंपिक के लिए क्वालीफाई करने वालों की सूची में शामिल हैं।

Sandeep ओलिंपिक कोटा अर्जित करने में रहे विफल

राष्ट्रीय चैंपियन Sandeep Singh Mann (74 किग्रा) रविवार को अल्माटी में एशियाई ओलिंपिक क्वालीफायर में ओलंपिक खेलों के लिए क्वालीफाई करने में विफल रहे।

Sandeep ने क्वालीफिकेशन मैच में कतर के Abdullrahman Ibrahim को हराकर अपने अभियान की शुरुआत की, उसके बाद ताजिकिस्तान के Gulomdzhon Sharipov पर 6-2 के स्कोर के साथ जीत दर्ज कर वो आगे बढ़े। हालांकि, सेमीफाइनल मैच में, Sandeep को तकनीकी एकता के कारण ईरान के Yones Aliakbar Emamichoghaaei के ख़िलाफ़ हार का मुँह देखना पड़ा।

इनके अलावा, Satywart Kadiyan (97 किलोग्राम) and Sumit Malik (125 किलोग्राम) भी अपन-अपने भार वर्ग में क्वालीफाई करने में असफल रहे।

हालांकि वर्ल्ड ओलिंपिक क्वालफिएर्स, जो की 6 से 9 मई को सोफ़िया में आयोजित होंगे, वो उन सभी पहलवानों को ओलिंपिक खेलों के लिए क्वालीफाई करने का एक और मौका प्रदान करेंगे।