कैसे ताइक्वांडो ने विकलांग शरणार्थी परफेट हकिज़िमाना के जीवन को बदल दिया

हकिज़िमाना ने अपने बाएं हाथ का अधिकांश हिस्सा खो दिया जब उन्हें अपने शहर बुरुंडी में हुए एक हमले में गोली लग गई, जिसमें उनकी मां की मौत हो गई थी। वर्षों बाद ताइक्वांडो को अपना करियर चुनने के बाद वो रवांडा चले गए और अब टोक्यो 2020 में रिफ्यूजी पैरालंपिक टीम का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

कैसे ताइक्वांडो ने विकलांग शरणार्थी परफेट हकिज़िमाना के जीवन को बदल दिया

हकिज़िमाना ने अपने बाएं हाथ का अधिकांश हिस्सा खो दिया जब उन्हें अपने शहर बुरुंडी में हुए एक हमले में गोली लग गई, जिसमें उनकी मां की मौत हो गई थी। वर्षों बाद ताइक्वांडो को अपना करियर चुनने के बाद वो रवांडा चले गए और अब टोक्यो 2020 में रिफ्यूजी पैरालंपिक टीम का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

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