फेंसिंग
  • ओलंपिक डेब्यू
    एथेंस 1896
और अधिक जानकारी

फेंसिंग स्पॉटलाइट

टोक्यो 2020 के बेहतरीन पल

Olympic Channel

पिछले इवेंट्स को खोजिए और उनका आनंद लीजिए, ओलंपिक चैनल पर फेंसिंग से जुड़े ओरिजिनल फिल्म और सीरीज देखिए

हिस्ट्री ऑफ

फेंसिंग

सवोर्ड फाइटिंग और डूएल

सवोर्डप्ले का उपयोग सालों से हो रहा है और मॉडर्न फेंसिंग को मिलिट्री के ट्रेनिंग के लिए इस्तेमाल किया जाता है। 1190 बीसी से लेकर अब तक सवोर्डप्ले कहीं न कहीं जीवित ही रहा है। इतना ही नहीं मंदिरों में भी इसके चित्र बनाए गए हैं। 16वीं और 18वीं सदी के बीच लोग तरह तरह के हथियार इस्तेमाल किया करते थे और इसमें क्वार्टरस्टाफ और बैकसवोर्ड का भी नाम शामिल था। वह मुकाबले खतरनाक हुआ करते थे।

कब जन्मा खेल

धीरे-धीरे फेंसिंग ने मिलिट्री ट्रेनिंग के साथ-साथ एक खेल का स्वरुप अपना लिया। दोनों इटली और जर्मनी में इस खेल को बहुत पसंद किया गया और यहां तक कि जर्मनी में 15वीं सदी में इसकी पहली गिल्ड भी रखी गई।

खेल के नियम

तीन बड़े बदलावों ने फेंसिंग के खेल को बहुत सा नाम दे दिया। एक बदलाव का नाम है “फॉयल” जिसमें हथियार का मुह सपाट होता था। दूसरा नियम खेल के वार करने की जगह से जुड़ा हुआ था और तीसरे नियम में खिलाड़ियों को मास्क दे दिए गए।