कैनोइ/ कायक स्लैलम
  • ओलंपिक डेब्यू
    म्यूनिख 1972
  • सर्वाधिक स्वर्ण पदक
    Pavol and Peter Hochschorner (SVK)
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कैनोइ/ कायक स्लैलम स्पॉटलाइट

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हिस्ट्री ऑफ

कैनोइ/ कायक स्लैलम

केनोई स्प्रिंट की तरह ही केनोई स्लैलम में भी केनोई और कयाक्स का इस्तेमाल होता था। हालांकि इन दोनों में कुछ अंतर भी है। यह खेल स्की स्लैलम से प्रेरित है इसे 1932 में स्विट्ज़रलैंड में शुरू किया गया था। शुरूआती दौर में यह रुके हुए पानी पर खेला जाता था लेकिन बाद में इसे चलते पानी यानी रैपिड पर खेला जाने लगा।

अलग-अलग क्राफ्ट

केनोई स्लैलम में भी केनोई स्प्रिंट वली राफ्ट का इस्तेमाल किया जाता है बस इनकी बनावट में थोडा अंतर आ जाता है। जहां केनोई स्प्रिंट में बोत को लंबा रखा जाता है। स्लैलम में बोट का साइज़ छोटा हटा है। ऐसे में बोत का भार भी कम होता है यह रैपिड से आसानी से निकल जाती है।

पहली प्रतिस्पर्धा

केनोई स्लैलम विश्व युद्ध II से पहले ही प्रचिलित हो गया था और इसकी पहली प्रतियोगिता को 1933 में अंजाम दिया गया। इसका भार संभालने के लिए (Internationale Repräsentantschaft für Kanusport – IRK) नामक अंतरराष्ट्रीय फेडरेशन को बनाया गया और इक जन्म 1924 में हुआ था। विश्व युद्ध II के बाद इंटरनेशनल केनोई फेडरेशन का जन्म हुआ जिसके अंतर्गत केनोई स्प्रिंट और केनोई स्लेलोम और साथ ही 6 अलग डिसिप्लिन आते हैं। यह लौसाने में स्थित है।