FIH हॉकी वूमेंस जूनियर वर्ल्ड कप 2022: जर्मनी को हराकर क्वार्टरफाइनल में पहुंची भारतीय टीम

भारतीय टीम की ओर से लालरेमसियामी और मुमताज खान ने एक-एक गोल किया जबकि जर्मनी की ओर से एक मात्र गोल ब्लेयूल जूल ने किया।

लेखक रौशन कुमार
फोटो क्रेडिट Hockey India

साउथ अफ्रीका के पोचेफस्ट्रम के नॉर्थ वेस्ट यूनिवर्सिटी में आयोजित वूमेंस FIH हॉकी जूनियर वर्ल्ड कप में रविवार को भारतीय महिला टीम ने जर्मनी को 2-1 से हरा दिया। 

भारतीय टीम की ओर से लालरेमसियामी (दूसरे मिनट में) और मुमताज खान (25वें मिनट में) ने एक-एक गोल किया जबकि जर्मनी की ओर से  एकमात्र गोल ब्लेयूल जूल (57वें मिनट) ने किया।

मैच की शुरुआत पहले क्वार्टर से ही रोमांचक रही। टोक्यो ओलंपियन सलीमा टेटे की अगुवाई में भारतीय टीम ने खेल के 45वें सेकेंड से ही विपक्षी टीम पर दबाव बनाना शुरु कर दिया। इसके कुछ ही मिनट बाद भारतीय टीम को पेनल्टी कॉर्नर मिला, जिसको लालरेमसियामी ने गोल में तब्दील कर टीम के लिए बढ़त हासिल की।

इसके बाद खेल का रोमांच और बढ़ गया जब जर्मनी की टीम ने भारतीय टीम पर पलटवार करते हुए उनके सर्कल तक जा पहुंची लेकिन भारतीय डिफेंडरों ने बेहरीन खेल दिखाते हुए जर्मनी की अटैक को वहीं रोक दिया। 

इसके बाद भी जर्मनी की टीम ने भारतीय टीम की बराबरी करने का प्रयास जारी रखा लेकिन वह ऐसा नहीं कर पाए और मैच का पहला क्वार्टर 1-0 के साथ समाप्त हुआ।

खेल के दूसरे क्वार्टर में जर्मनी के शानदार शुरुआत के बावजूद एक बार फिर भारतीय टीम ने पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया लेकिन उसे गोल में तब्दील करने में असफल रहे। दूसरी ओर से लिसा नोल्टे की अगुवाई वाली जर्मनी की टीम ने भी पेनल्टी कॉर्नर के मौके बनाए लेकिन भारतीय गोलकीपर बिछु देवी ने कमाल का बचाव किया और जर्मनी को बराबरी करने का कोई मौका नहीं दिया। 

इसके बाद भारतीय टीम ने विपक्षी दल पर काउंटर अटैक किया और एक और पेनल्टी कॉर्नर हासिल कर लिया इसके बाद भारतीय खिलाड़ी जर्सी नंबर नौ मुमताज खान ने खेल के 25वें मिनट में एक और पेनल्टी को गोल में तब्दील करते हुए टीम को 2-0 से आगे कर दिया।

दूसरे हाफ के बाद एक बार फिर दोनों टीमों ने गोल की तलाश शुरु कर दी। वापसी करने के लिए जर्मनी की टीम के पास ज्यादा समय नहीं बच गया था जो उनके खेल में साफ झलक रहा था। दूसरी ओर से भारतीय टीम के स्ट्राइकरों के बाद डिफेंडरों ने भी शानदार खेल जारी रखा और जर्मनी को गोल का कोई मौका नहीं दिया। खेल का तीसरा क्वार्टर गोलरहीत रहा।

चौथे क्वार्टर की शुरुआत में ही भारतीय खिलाड़ी रीत को खेल के उल्लंघन के लिए रेफरी ने ग्रीन कार्ड दिखाया जिसके परिणामस्वरूप भारतीय टीम को अगले दो मिनट तक 10 खिलाड़िओं के साथ खेलना पड़ा। 

खेल के 49वें मिनट में जर्मनी की टीम ने एक और पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया लेकिन एक बार फिर बिछु देवी ने शानदार डिफेंस करते हुए जर्मनी को स्कोर करने से रोक दिया।

मैच में जब तीन मिनट का खेल बचा था तब जर्मनी की टीम ने अपने गोलकीपर को हटा दिया और सभी ग्यारह खिलाड़ी गोल करने में जुट गए। इसका परिणाम भी उन्हें मिला, गोल की लगातार खोज में दिख रही जर्मनी की तलाश खत्म हुई। ब्लेयूल जूल ने फील्ड गोल कर अपनी टीम का खाता खोला लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। भारतीय टीम ने इस मैच को 2-1 से अपने कर लिया।

आपको बता दे कि इससे पहले भारतीय टीम ने वेल्स को 5-1 से शिकस्त दी थी। अब भारतीय टीम ग्रुप D में दो जीत के साथ पहले स्थान पर पहुंच गई है और उन्हें 5 अप्रैल को अपने अगले मुकाबले में मलेशिया का सामना करना है।

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