महिला एफआईएच हॉकी विश्व कप: कप्तान सविता पूनिया के शानदार प्रदर्शन से भारत ने शूटआउट में कनाडा को 3-2 से हराया

भारतीय महिला हॉकी टीम ने महिला हॉकी विश्व कप में अपनी पहली जीत दर्ज की। सलीमा टेटे ने रेगुलेशन टाइम (58') में भारत के लिए गोल करते हुए स्कोर को बराबर किया।

लेखक ओलंपिक
फोटो क्रेडिट WORLDSPORTPICS.COM/RODRIGO JARAMILLO

भारत ने सोमवार को स्पेन के एस्टाडी ओलिंपिक डी टेरासा में चल रहे एफआईएच हॉकी महिला विश्व कप 2022 में कनाडा को शूटआउट में हराकर अपनी पहली जीत दर्ज की। कप्तान सविता पूनिया इस रोमांचक मुकाबले की स्टार खिलाड़ी रहीं।

दोनों टीमों ने मैच को तय समय में 1-1 के स्कोर की बराबरी पर समाप्त किया। इसके बाद भारतीय महिला हॉकी टीम ने कनाडा को शूटआउट में 3-2 से हराकर टूर्नामेंट के 9 से 12वें स्थान में अपनी जगह तय कर ली है।

कनाडा के लिए मैडलिन सेको (11') ने गोल किया, जबकि सलीमा टेटे (58') ने रेगुलेशन टाइम में भारत के लिए गोल करते हुए स्कोर को बराबर कर दिया।

सविता पूनिया ने शूटआउट में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल छह गोल रोके। वहीं नवनीत कौर, सोनिका और नेहा ने भारत को इस टूर्नामेंट में अपनी पहली जीत दर्ज करने में मदद करने के लिए शूटआउट में अपने मौके को गोल में बदल दिया।

भारतीय हॉकी टीम ने मैच की आक्रामक शुरुआत करते हुए गेंद को ज्यादातर समय अपने कब्जे में रखा और कनाडा के हाफ में जगह बनाने की कोशिश की। दूसरी ओर कनाडा को मैच में अपना दम दिखाने में थोड़ा समय लगा और काफी देर बाद भारत पर दबाव बनाना शुरू किया। उनकी ओर से पहला अटैक 10वें मिनट में हुआ, जब उन्होंने मैच का पहला पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया। हालांकि वे इसे गोल में बदलने से चूक गए। अगले ही मिनट में उन्होंने मैडलिन सेको के जरिए जगह बनाई और पेनल्टी कॉर्नर में मिले मौके को जाया जाने के बाद इस बार कोई भी गलती न करते हुए गोल कर दिया। 

एक गोल से पीछे होने के बाद भारत ने दूसरे क्वार्टर में आक्रामक शुरुआत की और कई मौके बनाते हुए कनाडा के डिफेंस में प्रवेश किया। एक मौका 25वें मिनट में भी आया, जब वंदना कटारिया और नवनीत कौर ने मिलकर गोल करने का प्रयास किया। लेकिन कनाडा की रोवन हैरिस ने इस खतरे को टाल दिया। अपने विरोधियों पर दबाव डालते हुए, भारत ने पहले हाफ के अंत में गोल के कई अवसर बनाए, लेकिन कनाडा के डिफेंस ने भारतीय अटैक को विफल करते हुए 1-0 की बढ़त बरकरार रखी।

भारत ने तीसरे क्वार्टर में भी आक्रामक खेल जारी रखा और दूसरे हाफ के शुरुआती मिनटों में बराबरी करने का शानदार मौका बनाया। इस बार नवजोत कौर ने गोल करने का शानदार प्रयास किया, लेकिन गेंद गोलपोस्ट से बाहर चली गई। इसके कुछ मिनट बाद, भारत ने एक और पेनल्टी कॉर्नर दे दिया लेकिन सविता पूनिया ने इसका शानदार बचाव किया। भारत ने भी एक के बाद एक कई पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए, लेकिन सभी मौकों का फायदा उठाने में नाकामयाब रहा। अंतिम मिनट में, भारत फिर से गोल करने के सुनहरे अवसर से चूक गया, क्योंकि दाहिनी ओर से सलीमा टेटे के दिए गए पास पर लालरेमसियामी का डाइव लगाते हुए मारा गया शॉट गोल में तब्दील होने से चूक गया।

इसके बाद गोल की बराबरी की तलाश में भारत ने अंतिम क्वार्टर में थोड़ी तेजी दिखाई। पेनल्टी कॉर्नर के कई प्रयासों के बाद भारत ने अंततः 58वें मिनट में सलीमा टेटे के जरिए गोल करते हुए स्कोर को बराबर किया। इसके बाद कनाडा ने तुरंत पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया लेकिन इस मौके को गोल में बदलने से चूक गया और मैच 1-1 की बराबरी पर समाप्त हो गया।

भारत अब 9 से 12वें स्थान के बीच जगह बनाने के लिए महिला हॉकी विश्व कप के अगले मुकाबले में जापान से भिड़ेगा।

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