कौन हैं भारत की उभरती टेबल टेनिस स्टार अर्चना कामथ? जानिए, उनके बारे में पांच बातें 

कामथ और मनिका बत्रा ने विश्व टेबल टेनिस कंटेंडर लास्को में एक साथ अपना पहला महिला युगल खिताब जीता। 

लेखक दिनेश चंद शर्मा
फोटो क्रेडिट Robertus Pudyanto/ Getty Images

भारत की उभरती टेबल टेनिस स्टार अर्चना कामथ (Archana Kamath) ने रविवार को अपना पहला बड़ा टूर खिताब जीता। उन्होंने और मनिका बत्रा (Manika Batra) ने विश्व टेबल टेनिस कंटेंडर लास्को (World Table Tennis Contender Lasko) में महिला युगल का खिताब जीता। भारतीय जोड़ी ने फाइनल में प्यूर्टोरिको की बहनों एड्रियाना (Adriana) और मेलिनी डियाज (Melanie Diaz) को 11-3, 11-8, 12-10 से हराया। 

यह दूसरा सप्ताह था, जब भारतीयों ने टेबल टेनिस में लगातार सफलता का स्वाद चखा है। जी साथियान (G Sathiyan) और हरमीत देसाई (Harmeet Desai) ने पिछले हफ्ते ट्यूनिस में WTT कंटेंडर में पुरुष युगल का खिताब जीता था। 

जैसा कि भारतीय टेबल टेनिस विश्व मंच पर अपनी पहचान बना रहा है। आइए, 21 वर्षीय कामथ की अब तक की यात्रा पर नजर डालें: 

*परिवार और पृष्ठभूमि *

कामथ का जन्म बेंगलुरु में 17 जून, 2000 को हुआ था। उनके माता-पिता, गिरीश और अनुराधा कामथ नेत्र रोग विशेषज्ञ हैं। 

उन्हें नौ साल की उम्र में खेल के बारे में बताया गया था, जब वह मैंगलोर में अपने एक चाचा से मिलने जा रही थी, जिनके घर में एक पिंग पोंग टेबल था। उनके भाई अभिनव खेल के प्रति अधिक उत्साहित थे और उसके साथ अभ्यास करते थे। 

कामथ के हवाले से Scroll.in में कहा था, “वह मुझसे ज्यादा खेल से लगाव रखते थे और मैं बस वहीं रह गई। लेकिन, वह मेरे लिए बहुत अच्छे थे। कभी-कभी वो जानबूझकर मुझसे हार जाता था, ताकि मैं रोऊं नहीं।”  

*प्रारंभिक सफलता *

कामथ ने जिला और स्टेट चैंपियनशिप में अपनी छाप छोड़ने में ज्यादा समय नहीं लगाया। 2011 में उन्होंने स्टेट चैंपियनशिप में अंडर-12 और अंडर-18 के खिताब जीते। दो साल बाद उन्होंने कर्नाटक राज्य रैंकिंग टेबल टेनिस टूर्नामेंट में सभी आयु वर्गों में अभूतपूर्व 30 खिताब जीते। 

नवंबर, 2014 में वह 14 साल और पांच महीने की उम्र में अंडर-21 राष्ट्रीय खिताब जीतने वाली सबसे कम उम्र की खिलाड़ी बनीं। 

कामथ ने 2018 में अपना पहला सीनियर राष्ट्रीय खिताब जीता। उन्होंने सेमीफाइनल में बत्रा को हराया और फाइनल में पश्चिम बंगाल की कृतिका सिन्हा रॉय (Krittwika Sinha Roy) पर 12-10, 6-11, 11-9, 12-10, 7-11, 11-3 से जीत हासिल की।  

*युवा ओलंपिक *

घरेलू स्तर पर काफी सफलता के बाद ब्यूनस आयर्स में 2018 युवा ओलंपिक में चौथे स्थान पर रहने के बाद उन्हें विश्व स्तर पर आत्मविश्वास मिला।  

उन्होंने अजरबैजान की जिंग निंग (Jing Ning) को 4-3 से हराकर टेबल टेनिस में युवा ओलंपिक खेलों के सेमीफाइनल में प्रवेश करने वाली पुरुष और महिलाओं में पहली भारतीय खिलाड़ी बनीं। अंतिम चार के मुकाबले में वह रोमानिया की एंड्रिया ड्रैगोमैन (Andreea Dragoman) से 11-8, 11-13, 9-11, 5-11, 9-11 से हार गईं।

*खेल शैली *

हालांकि, कामथ कद में छोटी हैं, लेकिन आक्रामकता के मामले में वह बड़ी हैं। 

कामथ ने 2017 के एक साक्षात्कार के दौरान आधिकारिक ITTF वेबसाइट को बताया, "मुझे आक्रमण करना पसंद है, मैं हर गेंद पर प्रहार करना चाहती हूं। मुझे लगता है कि जिस तरह से पुरुष खेलते हैं, उसे भी वैसे ही खेलना पसंद है। मेरा दृष्टिकोण यह है कि मेरे पास खोने के लिए कुछ नहीं है। दूसरी ओर, वे एक छोटी लड़की से हारना नहीं चाहते हैं।” 

वह 2014 से जर्मनी में कोच पीटर एंगेल (Peter Engel) के नेतृत्व में प्रशिक्षण ले रही हैं और TSV 1909 लैंगस्टैड के लिए भी खेली हैं। उन्होंने टूर्नामेंट के अनुभव के बारे में कहा, "बहुत सारे दर्शक थे, लगभग 150 लोग। भीड़ के सामने खेलना वाकई बहुत अच्छा लगता है। प्रतियोगिता का स्तर इतना ऊंचा है। वास्तव में इस प्रदर्शन ने मुझे अपने खेल में सुधार करने में मदद की।" 

वर्तमान में वह बेंगलुरु में पादुकोण-द्रविड़ सेंटर फॉर स्पोर्ट्स एक्सीलेंस में बोना थॉमस जॉन (Bona Thomas John) और सगयाराज (Sagayaraj) के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण ले रही हैं। 

*प्रेरणास्रोत *

साइना नेहवाल (Saina Nehwal), कामथ की प्रेरणास्रोत हैं, जो भारत में महिलाओं के बैडमिंटन के लिए एक पथप्रदर्शक हैं। 

TT स्टार ने कहा, "मेरी आदर्श भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल हैं। उन्होंने देश के लिए जो किया है, उसके लिए वह बहुत महान हैं। वास्तव में वह कड़ी मेहनत करती हैं।" 

नेहवाल बैडमिंटन में ओलंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय थीं। उन्होंने, लंदन 2012 में कांस्य पदक जीता था।

ओलंपिक जाएं। यह सब पायें।

मुफ्त लाइव खेल आयोजन | सीरीज़ के लिए असीमित एक्सेस | ओलंपिक के बेमिसाल समाचार और हाइलाइट्स