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हमने क्या सीखा: टोक्यो 2020 ओलंपिक से जूडो के सबसे यादगार पल

आबे के स्वर्ण पदक जीतने से लेकर टेडी रिनर के लड़खड़ाने तक, हम टोक्यो 2020 जूडो के सबसे यादगार पलों के बारे में चर्चा कर रहे हैं, पदकों की सूची देखिए और पेरिस 2024 की संभावनाओं के बारे में जानिए।

15 मिनट द्वारा olympic-editorialworkflow
ABE Uta Tokyo
(फोटो क्रेडिट 2021 Getty Images)

जूडो का घर माने जाने वाले निप्पॉन बुडोकन में टोक्यो 2020 के दौरान कई शानदार पल देखने को मिले।

आठ दिनों तक रोमांचक मुक़ाबले देखने को मिले, जहां इतिहास के दिग्गजों को पीछे छोड़ते हुए नए चैंपियनों ने खिताब अपने नाम किया।

मेजबान जापान ने संभावित 15 में से नौ स्वर्ण जीतकर अपना दबदबा बरकरार रखा, जो एथेंस 2004 में उनके पिछले सर्वश्रेष्ठ आठ स्वर्ण से एक अधिक था।

कोसोवो और फ्रांस ने दो-दो खिताब जीते, और जॉर्जिया और चेक गणराज्य ने एक-एक खिताब अपने नाम किया।

टेडी रिनर और इडालिस ऑर्टिज़ ने अपनी व्यक्तिगत पदक तालिका को चार तक पहुंचाया, जो दिग्गज तानी रयोको से ही पीछे हैं। रिनर ने पहली मिश्रित टीम स्पर्धा में फ्रांस को स्वर्ण पदक दिलाया और अपना +100 किग्रा खिताब बरकरार नहीं रख पाने की निराशा को भी दूर किया।

सबसे यादगार पलों को जानने के लिए यहां पढ़िए, पदक विजेताओं का संक्षिप्त विवरण, और पेरिस 2024 की संभावनाओं के बारे में जानिए।

टोक्यो में फ्रांस की मिक्स्ड टीम की हुई जीत
टोक्यो में फ्रांस की मिक्स्ड टीम की हुई जीत (2021 Getty Images)

टोक्यो 2020 से जूडो के 5 सबसे यादगार पल

यहां 2021 में आयोजित हुए टोक्यो 2020 ओलंपिक खेलों के कुछ खास पलों के बारे में बताया गया है।

1: आबे भाई-बहनों ने रचा इतिहास

एक परिवार में एक ओलंपिक चैंपियन होना बहुत बड़ी बात है।

और एक ही परिवार में दो ओलंपिक चैंपियन होना असाधारण है।

लेकिन जब एक ही परिवार में दो ओलंपिक चैंपियन एक ही दिन में स्वर्ण पदक जीतकर चैंपियन बनें तो वो अद्भुत होता है।

25 जुलाई को आबे उता और भाई हिफुमी ने ऐसा ही किया, जो सदियों तक याद किया जाएगा।

पहले आबे उता अमांडाइन बुचार्ड के साथ महिला -52 किग्रा फाइनल में प्रवेश किया।

चार मिनट में आबे ने शिडो पेनल्टी हासिल की, जो आगे चलकर गोल्डन स्कोर बन गया।

दोनों जूडोका एक ही जैसा प्रदर्शन कर रहे थे, हालांकि 21 वर्षीय जापानी ने एक्स्ट्रा पीरियड में अधिक आक्रमण करना शुरू कर किया।

गोल्डन स्कोर हासिल करने के चार मिनट बीतने के बाद उन्होंने निर्णायक मूव के जरिए शानदार ढंग से फ्रांसीसी प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ इप्पोन स्कोर कर स्वर्ण हासिल किया।

बात अगर हिफुमी की करें तो उनका टोक्यो में स्वर्ण पदक के सफर का सबसे कठिन मैच तब हुआ जब वो दिसंबर में -66 किग्रा विश्व चैंपियन मारुयामा जोशीरो से भिड़े, जहां उन्होंने जीत हासिल की।

मारुयामा ने जून में बुडापेस्ट में अपना विश्व खिताब बरकरार रखा, जिसके बावजूद जापान ने विश्व चैंपियनशिप और ओलंपिक खेलों के लिए पूरी तरह से एक अलग टीम भेजी।

ओलंपिक प्रतियोगिता में ही आबे ने ब्राजील के डेनियल कारगिन के खिलाफ शानदार सेओई नेज शोल्डर थ्रो किया और फाइनल में जगह बनाई।

जॉर्जिया के वाज़ा मार्गवेलशविली के खिलाफ एक स्कोर स्वर्ण लेने के लिए पर्याप्त था, लेकिन मिड-वे प्वॉइंट से ठीक पहले वाज़ा-एरी हाफ ओ-सोटो-गरी लेग स्वीप से नहीं बच सके।

जिसके बाद आबे इतिहास के पहले भाई-बहन बन गए जिन्होंने एक ही दिन में व्यक्तिगत स्पर्धाओं में ओलंपिक स्वर्ण पदक जीता।

ये अब तक का सबसे बड़ा दिन साबित हुआ है। मुझे नहीं लगता कि हम भाई और बहन के रूप में, टोक्यो ओलंपिक के इस स्टेज में इससे शानदार प्रदर्शन कर सकते हैं :आबे हिफुमी

आबे हिफुमी ने टोक्यो में जीता स्वर्ण पदक
आबे हिफुमी ने टोक्यो में जीता स्वर्ण पदक (2021 Getty Images)

2: क्लारिस एगबेगनेनोऊ ने आखिरकार स्वर्ण पदक जीता

क्लेरिस एगबेनेनो पर उतना ही दबाव था जितना कि टोक्यो के किसी दूसरे जुडोका पर।

पांच बार की विश्व चैंपियन फ्रांस की महिला जुडोका जूडो के घर कह जाने वाले शहर में अपने रियो 2016 के रजत को स्वर्ण में अपग्रेड करने के लिए बेताब थीं।

वो आसानी से फाइनल में पहुंच गई जहां उनका मुक़ाबला टीना ट्रस्टेनजैक के खिलाफ होना था, जिसने पांच साल पहले उन्हें हराकर स्वर्ण जीता था।

स्लोवेनियाई का इस स्वर्ण पदक के मैच तक का सफर कठिन रहा था, लेकिन फाइनल में वो शुरुआती दौर में आक्रामक थीं और एगबेगनेनोऊ अपनी लय में नज़र आ रही थीं।

मुक़ाबले से पहले सबकी पसंदीदा मानी जा रही एगबेगनेनोऊ को सबसे पहले पैसिविटी के लिए शिडो पेनल्टी दी गई थी, लेकिन फिर प्रतियोगिता के गोल्डेन स्कोर तक जाने से पहले ट्रस्टनजैक को दो बार पेनल्टी दी गई।

अतिरिक्त समय में सिर्फ 37 सेकंड का समय बढ़ाया गया, एक तेज सूमी-ओटोशी थ्रो की बदौलत एगबेजेनौ ने वाजा-अरी हासिल किया और ओलंपिक खिताब अपने नाम कर लिया।

इसके बाद वो अपने प्रतिद्वंद्वी के साथ गले मिली और अपनी जीत का जश्न मनाया, आखिरकार उन्होंने स्वर्ण पदक जीत लिया।

एगबेगनेनोऊ ने ट्रस्टनजैक को पूरा सम्मान दिया और अपनी शानदार जीत का जश्न मनाया।

उन्होंने कहा, "टीना और मैं एक-दूसरे को लंबे समय से जानते हैं। हमारे बीच बहुत मजबूत रिश्ता है क्योंकि वो एक अच्छी इंसान भी हैं।"

इसका जश्न मनाने और आनंद लेने के लिए हमारे पास बहुत समय होगा, क्योंकि जीवन में ऐसी चीजें बहुत मुश्किल से हासिल होती हैं : क्लेरिस एगबेगनेनोऊ

क्लारिस एगबेगनेनोऊ का टोक्यो में प्रदर्शन
क्लारिस एगबेगनेनोऊ का टोक्यो में प्रदर्शन (2021 Getty Images)

3: कृपलेक बने नए हैवीवेट चैंपियन, रिनर की वापसी

एगबेगनेनोऊ और टेडी रिनर टोक्यो में फ्रांस की सबसे बड़ी स्वर्ण पदक की उम्मीदें थीं, बाद में उन्होंने ओलंपिक खिताब की हैट्रिक के लिए दावा किया।

पेरिस ग्रैंड स्लैम में कागुरा कोकोरा से हराने के बाद लगातार 154 जीत के रिनर की लय टूट गई थी, लेकिन वह अभी भी अपने खिताब को डिफेंड करने के लिए फेवरेट थे।

उन्होंने क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली, जहां उनका सामना आरओसी के विश्व नंबर एक टेर्मलेन बेशेव से हुआ।

जनवरी के दोहा मास्टर्स में जब दोनों का सामना हुआ था, तो रिनर ने आराम से जीत हासिल की थी, जहां उन्हें लंबी हाइट और वजन से फायदा मिला था।

बेशेव ने गोल्डेन स्कोर किया, लेकिन जब मुक़ाबले में 30 सेकेंड से भी कम समय बचे थे, तब रिनर ने खुद को खराब स्थिति से बाहर निकाला और शानदार वापसी की।

एक वलजारी ने रिनर को फिर से वापसी करने और मुक़ाबले में बने रहने का मौका दिया।

टेडी रिनर को तामेरलान बाशेव से मिली हार
टेडी रिनर को तामेरलान बाशेव से मिली हार (2021 Getty Images)

32 वर्षीय ने अगले दिन रेपेचेज के लिए खुद को तैयार किया, और एक मिनट के भीतर ब्राजील के राफेल सिल्वा को एक एप्पोन से हरा दिया।

फिर रियो फाइनलिस्ट एक बार फिर आमने-सामने दिखे, जहां पुराने प्रतिद्वंद्वी हरासावा हिसायोशी के साथ उनका कांस्य पदक मैच हुआ। ये एक करीब मुक़ाबला था। हरासावा ने गोल्डेन स्कोर के बाद अपना तीसरा शिडो पेनल्टी हासिल किया लेकिन जीत रिनर को मिली।

इसके साथ ही लगातार खेलों में फ्रेंचमैन के नाम चार पदक हो गए, जबकि अगले दिन पहले ओलंपिक मिश्रित टीम स्पर्धा में पदक की संभावना अभी भी बरकरार थी।

इस बीच बशेव जॉर्जिया को गुरम तुशिशविली के खिलाफ अपने सेमीफाइनल मुक़ाबले में हार का सामना करना पड़ा। यूक्रेन के याकिव खम्मो के खिलाफ जीत के बाद बशेव ने कांस्य पदक हासिल किया।

स्वर्ण पदक मुक़ाबले में तुशीशविली का सामना रियो -100 किग्रा ओलंपिक चैंपियन लुकास कृपलेक से मुकाबला हुआ। चेक के तुशीशविली को सेमीफाइनल में हरासावा को हराने के लिए चार मिनट के गोल्डन स्कोर की जरूरत थी, और जल्द ही उनके खिलाफ दो शिडो पेनल्टी दी गई।

लेकिन जब 30 सेकेंड बचे थे, तब उन्होंने एक अच्छे हिकिकोमी-गेशी थ्रो के सा वाजा-अरी हासिल कर मुक़ाबला जीत लिया।

खुशी की वजह से कृपलेक की आंखों से आंसूओं की बारिश हो रही थी और ऊपर देखकर भगवान का अभिवादन कर रहे थे, क्योंकि वो दूसरे भार वर्ग में अपना दूसरा स्वर्ण जीत हासिल कर चुके थे।

लुकास कृपलेक ने टोक्यो में स्वर्ण पदक जीता
लुकास कृपलेक ने टोक्यो में स्वर्ण पदक जीता (2021 Getty Images)

मिक्स्ड टीम इवेंट में जापान और फ्रांस पदक के लिए प्रबल दावेदार थे और उन्हें फाइनल में देखना कोई आश्चर्य की बात नहीं थी।

एगबेगनेनोऊ ने जापान की 70 किग्रा स्वर्ण पदक विजेता अराई चिज़ुरू का सामना किया और वजन कम होने के बावजूद, 30 सेकेंड शेष रहते हुए दो वाज़ा-अरी की बदौलत जीत हासिल की।

फ्रांस 2-0 से आगे चल रहा था, जहां एक्सेल क्लेरगेट ने -90 किग्रा प्रतिद्वंद्वी मुकाई शोइचिरो को गोल्डन स्कोर से हराया, वहीं सोन अकीरा ने कांस्य पदक विजेता रोमेन डिको के खिलाफ इप्पोन की जीत के साथ + 78 किग्रा में अपना व्यक्तिगत स्वर्ण जीता था।

इसके बाद -100 किग्रा स्वर्ण पदक विजेता आरोन वुल्फ के खिलाफ रिनर की बारी थी। इस जापानी ने लंबी हाइट और वजन में कमी के बावजूद बहादुरी से लड़ाई लड़ी, लेकिन रिनर ने आखिरकार अपना लय हासिल किया और उन्होंने फ्रांस को जीत दिलाने के लिए शानदार हुक के साथ लेग स्वीप का प्रयास किया।

और स्वर्ण तब सुनिश्चित हो गया, जब महिलाओं की -57 किग्रा रजत पदक विजेता सारा-लियोनी सिसिक ने कांस्य पदक विजेता योशिदा सुकासा को हरा दिया।

हो सकता है कि रिनर दो स्वर्ण पदक जीतने से चूक गए हों, हालांकि टोक्यो में एगबेगनेनोऊ ने दोहरी जीत हासिल की, लेकिन उन्होंने अपनी टीम को एक ऐतिहासिक जीत दिलाने में मदद की और टीम को खिताब दिलाया।

टेडी रिनर ने टोक्यो में मिक्स्ड टीम का गोल्ड जीतने के बाद जश्न मनाया
टेडी रिनर ने टोक्यो में मिक्स्ड टीम का गोल्ड जीतने के बाद जश्न मनाया (2021 Getty Images)

4: कोसोवो के लिए दोगुनी खुशी

जब मजलिंडा केल्मेंडी ने देश के पहले ओलंपिक खेलों में महिलाओं की -52 किग्रा का खिताब दिलाकर पहला पदक दिलाया था, तब कोसोवो ने रियो 2016 में शानदार जश्न मनाया मनाया था।

हालांकि केलमेंडी इस बार पोडियम पर जगह बनाने में असफल रहीं, लेकिन दो अन्य महिलाओं ने दिखाया कि कोसोवो जूडो का एक ताकतवर देश बनने वाला है।

जून में विश्व खिताब जीतने वाली महिलाओं की -48 किग्रा वर्ग में, डिस्ट्रिया क्रास्निकी फेवरेट जुडोकाओं में से एक थीं। उस इवेंट में दो बार की विश्व चैंपियन डारिया बिलोडिड ने भाग नहीं लिया था, लेकिन यहां उनका सामना मौजूदा ओलंपिक चैंपियन पाउलो पारेतो से होना तय लग रहा था।

2017 की विश्व चैंपियन टोनाकी फुना ने क्वार्टर फाइनल में पारेतो को हराया और तीन मिनट के गोल्डन स्कोर के बाद यूक्रेनी स्टार को धूल चटाई।

बिलोडिड ने कांस्य पदक जीता और क्रास्निकी ने स्वर्ण पदक मैच में आसानी से जगह बना ली।

कोसोवा की जुडोका फाइनल में थोड़ी दबाव में लग रही थीं लेकिन मुक़ाबले में जब 20 सेकेंड बचे थे, तब उची-माता थ्रो के साथ वाजा-अरी हासिल कर वापसी की।

इस तरह क्रास्निकी ने अपनी ट्रेनिंग पार्टनर केलमेंडी के दिखाए राह पर चलते हुए ओलंपिक पोडियम पर अपना स्थान सुनिश्चित किया।

डिस्ट्रिया क्रास्निकी का टोक्यो में प्रदर्शन
डिस्ट्रिया क्रास्निकी का टोक्यो में प्रदर्शन (2021 Getty Images)

महिलाओं के -57 किग्रा में कनाडा की मौजूदा विश्व चैंपियन जेसिका क्लिमकाइट और 2017 की विजेता योशिदा सुकासा के बीच शानदार मुक़ाबला देखा गया।

नोरा गजकोवा ने सेमीफाइनल में त्सुकासा को हराकर फाइनल में जगह बनाई, जबकि सारा-लियोनी सिसिक ने क्लिमकाइट को हराया।

फाइनल का एक विवादास्पद अंत हुआ, जहां सिसिक को थ्रो बनाने की कोशिश में मैट पर पहले सिर लगने का दोषी पाया गया।

ये एक खतरनाक कदम होने के कारण उन्हें डिसक्वालीफाई कर दिया गया। जहां फ्रांस की महिला जुडोका को स्वर्ण से सम्मानित किया गया।

ये एक छोटे देश के लिए बहुत बड़ी बता थी, जहां राष्ट्रपति वोजोसा उस्मानी को अपने टोक्यो सफर को खत्म कर घर लौटने के लिए कहा जा रहा था।

कोसोवो की पदक तालिका में अब तीन पदक शामिल हो गए हैं, सभी स्वर्ण, महिला जूडोका ने जीता है।

मैं मजलिंडा को धन्यवाद देना चाहती हूं। उन्होंने रास्ता दिखाया और हम सभी का समर्थन किया। उनके बिना, डिस्ट्रिया का गोल्ड और मेरा गोल्ड कभी नहीं आता: नोरा जाकोवा

नोरा जाकोवा ने जीता टोक्यो में स्वर्ण पदक
नोरा जाकोवा ने जीता टोक्यो में स्वर्ण पदक (2021 Getty Images)

5: ओनो एक बार फिर रहीं हावी

अपना -73 किग्रा खिताब बरकरार रखने वाली जापान की ओनो शोहेई सबसे पसंदीदा जुडोका में से एक थीं, जो सर्वकालिक महान जुडोकाओं के रूप में गिनी जाती थीं।

ओनो ने पूरे साल के दौरान अपने हिसाब से टूर्नामेंट में खेलने और न खेलने का फैसला किया था जिसकी वजह से वो टोक्यो में सभी भार वर्ग में गैर-वरीयता प्राप्त की थी। खेलों से पहले, उन्होंने इसे "अनुचित" भी कहा था क्योंकि उनके डिवीजन में बहुत सारे एथलीट थे।

हालांकि उनके लिए कोई मायने नहीं रखता क्योंकि 29 वर्षीय ने अपनी शानदार आक्रामकता के साथ ड्रॉ में प्रवेश किया। परिणामस्वरूप क्वार्टर फाइनल में शीर्ष वरीयता प्राप्त रुस्तम ओरुजोव को हराने के लिए उनका ट्रेडमार्क आईपन देखा गया।

सेमीफाइनल में चीजें थोड़ी मुश्किल हो गईं क्योंकि मंगोलिया की सेंड-ओचिर त्सोग्तबातार ने 40 सेकेंड तक गोल्डन स्कोर में शानदार डिफेंड किया, लेकिन बाद में ओनो ने कोसोटो-गेक और वाजा-अरी की बदौलत जीत हासिल कर ली।

फाइनल में लंदन 2012 के स्वर्ण पदक विजेता और रियो 2016 के कांस्य पदक विजेता लाशा शावदतुशविली के बीच मुक़ाबला होने जा रहा था।

जॉर्जियाई के खिलाफ गोल्डन स्कोर में दो शिडो लेने के बावजूद, ओनो ने धैर्य का परिचय दिया। लगभग साढ़े पांच मिनट के अतिरिक्त समय में दोनों जुडोका पूरी तरह से थके हुए थे। लेकिन अंत में शाहोई ओनों ने फुट-स्वीप थ्रो के साथ वाजा-अरी हासिल कर मुक़ाबला जीत लिया।

उनके चेहरे पर दूसरे अन्य स्वर्ण पदक विजेताओं की तरह आंसू नहीं थे न ही वो भावुक हुए, वो अपना लक्ष्य पूरा करने के बाद दुनिया के सामने अपनी मुस्कान पेश कर रहे थे। जैसा कि जूडो दिग्गज और सिडनी 2000 के स्वर्ण पदक विजेता इनोयू कोसेई कहते थे, "शक्ति, सटीकता और तकनीक का सही संयोजन है जूडो।"

ओनो शोहेई ने टोक्यो में जीता स्वर्ण पदक
ओनो शोहेई ने टोक्यो में जीता स्वर्ण पदक (2021 Getty Images)

ये भी जानिए

रियो 2016 की स्वर्ण पदक विजेता पाउला पारेतो जूडो से संन्यास ले चुकी हैं और पहले ही अस्पताल लौट चुकी हैं जहां वो एक डॉक्टर के रूप में काम करती हैं।

अर्जेंटीना की ये स्टार क्वार्टर फाइनल में टोनाकी फुना से हार गई थीं, जहां उन्हें चोट भी लगी थी और पुर्तगाल की कैटरीना कोस्टा के खिलाफ रेपेचेज में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था।

35 वर्षीय अपने देश की एकमात्र व्यक्तिगत महिला ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता बनी हुई हैं और एथलीटों के देश लौटने पर उनका शानदार स्वागत किया गया।

टेडी रिनर ने घरेलू खेलों में प्रतिस्पर्धा करने की बात कही है, जबकि क्यूबा के चार बार के पदक विजेता इडालिस ऑर्टिज़ पांचवें पदक के लिए तैयारी में जुट गए हैं।

टीना ट्रस्टेनजैक ने पुराने प्रतिद्वंद्वी क्लारिस एगबेगनेनोऊ से अपना ओलंपिक खिताब हासिल करने की कोशिश करने के लिए कुछ भी नहीं कहा है।

पहले से ही स्लोवेनिया की सबसे सफल महिला ग्रीष्मकालीन ओलंपियन, ट्रस्टेनजक लगभग 34 वर्ष की हो जाएंगी जब पेरिस खेल आयोजित होंगे।

हमादा शोरी ने मेडेलीन मलोंगा को हराकर -78 किग्रा स्वर्ण जीता और टोक्यो में 2019 विश्व चैम्पियनशिप फाइनल में अपनी हार का बदला लिया।

30 वर्षीय हमादा ने पहले मिनट में फ्रेंचवुमन को होल्ड में डाल दिया और 20 सेकेंड तक इसी तरह होल्ड बनाए रखा और इप्पन से जीत हासिल की।

ओलंपिक चैंपियन बनने के बाद और जापान में प्रतिस्पर्धा को देखते हुए पेरिस उनके लक्ष्य में शायद ही हो।

ओनो शोहेई 29 साल की उम्र में जापान के सीनियर पुरुष जूडो स्वर्ण पदक विजेता बने, और नोमुरा तदुहिरो के लगातार तीन ओलंपिक खिताबों की बराबरी करने का मौका उन्हें निश्चित रूप से पेरिस के लिए प्रेरित करेगा।

पूर्व विश्व चैंपियन सईद मोल्लाई मंगोलिया का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, उन्होंने नागासे ताकानोरी से गोल्डेन स्कोर में हार के बाद -81 किग्रा में रजत पदक जीता था।

मोल्लाई को 2019 विश्व चैंपियनशिप में अपना सेमीफाइनल हारना पड़ा था, जिससे वो फाइनल में इज़राइल के सागी मुकी का सामना नहीं कर सके।

मोल्लाई और मुकी घनिष्ठ मित्र बन गए हैं, जिन्होंने व्यक्तिगत प्रतियोगिता से जल्दी बाहर होने के बाद कहा था, "मैं बहुत खुश हूं कि वो अपने सपने को करने में सफल रहे। वो इसके हकदार हैं; उनकी यात्रा अविश्वसनीय रूप से प्रेरणादायक है।”

29 साल की उम्र में मोल्लाई अगले खेलों में जगह बनाने के लिए संघर्ष कर सकते हैं, लेकिन 25 वर्षीय मुकी का वहां पहुंचना आसान होगा, जिसने मिश्रित टीम स्पर्धा में इज़राइल को कांस्य पदक दिलाने में मदद की था।

हैलो पेरिस 2024

पेरिस 2024 में फ्रांस की महिलाएं अपनी सरजमी पर सबसे बड़ी ताकत बनकर उभर सकती हैं।

टोक्यो में उन्होंने एक स्वर्ण, तीन रजत और दो कांस्य पदक जीते, जहां टेडी रिनर ने कांस्य और मिश्रित टीम का स्वर्ण पदक जीता।

28 साल की उम्र में क्लारिस अगबेगनेनोऊ, अमांडिने बुकार्ड, सारा लियोनी सिसिकी, सेडलेन मलोंगा और रोमन डिको शायद आखिरी बार पेरिस में नज़र आ सकते हैं।

कहा जा सकता है कि अधिकांश जापानी स्टार भी 30 की ऊम्र को पार कर लेंगे और हमदा शोरी तो अभी ही 30 साल की हो चुकी हैं।

आबे भाई-बहन - 21 वर्षीय उता और 24 वर्षीय हिफुमी पेरिस में दिख सकते हैं, हालांकि जापान में ओलंपिक स्थानों के लिए प्रतिस्पर्धा को देखते हुए कुछ भी निश्चित नहीं है।

olympics.com पर जूडो रिप्ले कब और कहाँ देख सकते हैं?

आपके ऐसे सभी सवालों के जवाब olympics.com/tokyo2020-replays पर मिलेंगे।

अब शीर्ष जुडोका अगली बार कब प्रतिस्पर्धा करेंगे?

दुनिया के कुछ बेहतरीन जुडोका 24-26 सितंबर से ज़ाग्रेब ग्रां प्री में वापस आएंगे।

पेरिस ग्रैंड स्लैम 16-17 अक्टूबर को होगा, जिसमें बाकू ग्रैंड स्लैम 2021 का समापन 5-7 नवंबर से होगा।

टोक्यो 2020 जूडो की पूरी पदक सूची

वूमेंस - 48 किग्रा

स्वर्ण - डिस्ट्रिया क्रास्निकी (KOS)

रजत - टोनाकी फुना (JPN)

कांस्य - डारिया बिलोडिड (UKR), मुनखबत उरेंटसेटसेग (MGL)

वूमेंस -52 किग्रा

स्वर्ण - आबे उते (JPN)

रजत - अमांडाइन बुचार्ड (FRA)

कांस्य - ओडेट गिफ्रिडा (ITA), चेल्सी जाइल्स (GBR)

वूमेंस -57 किग्रा

स्वर्ण - नोरा गजकोवा (KOS)

रजत - सारा लियोनी सिसिक (FRA)

कांस्य - योशिदा सुकासा (JPN), जेसिका क्लिमकाइट (CAN))

वूमेंस -63 किग्रा

स्वर्ण - क्लेरिस एगबेग्नेनौ (FRA)

रजत - टीना ट्रस्टेनजक (SLO)

कांस्य - मारिया सेंट्राचियो (ITA), कैथरीन ब्यूकेमिन-पिनार्ड (CAN)

वूमेंस -70 किग्रा

स्वर्ण - अराई चिजुरु (JPN)

रजत - माइकेला पोलेरेस (AUT)

कांस्य - मदीना तैमाज़ोवा (ROC), सन्ने वैन डिजके (NED)

वूमेंस -78 किग्रा

स्वर्ण - हमदा शोरी (JPN)

रजत - मेडेलीन मलोंगा (FRA)

कांस्य - अन्ना-मारिया वैगनर (GER), मायरा अगुइर (BER)

वूमेंस +78 किग्रा

गोल्ड - सोन अकीरा (JPN)

रजत - इडलिस ऑर्टिज़ (CUB)

कांस्य - इरीना किंडज़रस्का (AJE), रोमन डिको (FRA)

हमादा शोरी ने जीता टोक्यो में स्वर्ण पदक
हमादा शोरी ने जीता टोक्यो में स्वर्ण पदक (2021 Getty Images)

मेंस -60 किग्रा

स्वर्ण - ताकातो नौहिसा (JPN)

रजत - यांग युंग वेई (TPE)

कांस्य - येल्डोस स्मेतोव (KAZ), लुका मखेडेज़ (FRA)

मेंस -66 किग्रा

स्वर्ण - अबे हिफुमी (JPN)

रजत - वाज़े मार्गवेलशविली (GEO)

कांस्य - एएन बाउल (KOR), डेनियल कारगनिन (BER)

मेंस -73 किग्रा

स्वर्ण - ओनो शोहेई (JPN)

रजत - लाशा शवदतुशविली (GEO)

कांस्य - एएन चांगरिम (KOR), तसेंड-ओचिर सोग्तबातर (MGL)

मेंस -81 किग्रा

स्वर्ण - नागासे ताकानोरी (JPN)

रजत - सईद मोल्लाई (MGL)

कांस्य - शमील बोरचशविली (AUT), मथायस कासे (BEL)

मेंस -90 किग्रा

स्वर्ण - लाशा बेकौरी (GEO)

रजत - एडुआर्ड ट्रिपेल (GER)

कांस्य - दावलत बोबोनोव (UZB), क्रिस्ज़टियन टोथ (HUN)

मेंस -100 किग्रा

स्वर्ण - हारून वुल्फ (JPN)

रजत - चो गुहम (KOR)

कांस्य - जॉर्ज फोन्सेका (POR), नियाज इलियासोव (ROC)

मेंस +100 किग्रा

स्वर्ण - लुकास कृपालेक (CZE)

रजत - गुरम तुशिशविली (GEO)

कांस्य - टेडी रिनर (FRA), तामेरलान बाशेव (ROC)

हारून वुल्फ ने टोक्यो में जीता स्वर्ण पदक
हारून वुल्फ ने टोक्यो में जीता स्वर्ण पदक (2021 Getty Images)

मिक्स्ड टीम

स्वर्ण - फ्रांस

रजत - जापान

कांस्य - जर्मनी, इज़राइल

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