Bajrang Punia को टोक्यो ओलंपिक रेसलिंग के सेमीफाइनल में Haji Aliyev से मिली हार

भारत के Bajrang Punia टोक्यो ओलंपिक 65 किग्रा फ्रीस्टाइल रेसलिंग सेमीफाइनल में अज़रबैजान के Haji Aliyev से 12-5 से हार गए।

फोटो क्रेडिट 2018 Getty Images

टोक्यो ओलंपिक खेलों में भारत के Bajrang Punia शुक्रवार को मकुहारी मेस्से हॉल में मेंस 65 किग्रा रेसलिंग इवेंट के सेमीफाइनल में अजरबैजान के Haji Aliyev से 12-5 से हार गए।

इस हार का मतलब यह हुआ कि अब बजरंग पुनिया शनिवार को होने वाले इवेंट में कांस्य पदक के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगे। जहां उनका सामना सेनेगल के Adama Diatta और कजाकिस्तान के Daulet Niyazbekov के बीच होने वाले रेपेचेज राउंड मुकाबले के विजेता से होगा।

57 किग्रा में रियो 2016 के कांस्य पदक विजेता और 61 किग्रा में तीन बार के विश्व चैंपियन Haji Aliyev के खिलाफ Bajrang Punia ने जल्दी ही दांव बनाने का प्रयास किया और पैसिविटी पेनल्टी के जरिए जल्द ही पहला प्वाइंट हासिल कर लिया।

इस तरह पीछे जाना अजरबैजान के पहलवान को रास नहीं आया और उन्होंने एक के बाद एक लगातार टेकडाउन लिए और दूसरे पीरियड में 4-1 की बढ़त हासिल कर ली।

इसके बाद Bajrang Punia को एक चेतावनी दी गई। Aliyev ने इस मौके का फायदा उठाया और भारतीय पहलवान के घुटनों को पकड़कर उसे दो बार घुमाते हुए चार अंक और हासिल कर लिए।

Bajrang Punia ने इस मुकाबले में वापसी करने की कोशिश की, लेकिन Aliyev ने अपने दांव लगाकर कुछ और अंक जुटाते हुए 12-5 से यह मुकाबला जीत लिया।

गोल्ड मेडल मैच में Aliyev का सामना 2018 के वर्ल्ड चैंपियन जापान के Takuto Otoguro से होगा।

राउंड ऑफ-16 और क्वार्टर-फाइनल मुकाबला

इससे पहले ओलंपिक डेब्यू में भारत के Bajrang Punia का सामना किर्गिस्तान के Ernazar Akmataliev से हुआ। इस मुकाबले की शुरुआत काफी धीमी हुई। Bajrang ने अपने प्रतिद्वंद्वी पर पैसिविटी पेनल्टी के जरिए पहला प्वाइंट हासिल किया।

इसके बाद Ernazar ने उन्हें पुश-आउट करते हुए स्कोर को बराबर कर लिया। लेकिन Bajrang के दो-प्वाइंट टेकडाउन ने उन्हें पहले राउंड में बढ़त दिला दी, और 3-3 के स्कोर की बराबरी के बावजूद Bajrang को ज्यादा अंक का दांव लगाने के चलते विजेता घोषित कर दिया गया।

अपने शुरुआती मुकाबले में बाल-बाल बचने के बाद क्वार्टर-फाइनल मुकाबले उनका सामना ईरान के Morteza Ghiasi से हुआ।

इस बार दूसरी वरीयता प्राप्त Bajrang को पैसिविटी पेनल्टी दी गई। लेकिन वह एक आक्रामक प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ खुद को बचाने में सफल रहे। मुर्तजा ने Bajrang के चोटिल घुटने को निशाना बनाने की कोशिश की। लेकिन एशियाई चैंपियन ने वापसी करते हुए चतुराई से एक दांव लगाया और ईरानी पहलवान को चित (पिन) करके जीत हासिल कर ली।