स्कीइंग से प्रेम और ओलंपिक जूनून लिए Himanshu Thakur कर रहे हैं बीजिंग 2022 की तैयारी

भारत के लिए 20 वर्ष की आयु में शीतकालीन ओलंपिक खेलों में भाग लेने वाले Himanshu Thakur ने एक खास बातचीत में olympics.com को अपने करियर, परिवार, लक्ष्य और बीजिंग 2022 खेलों के बारे में बताया। 

क्या आपको कभी आपके माता पिता ने कोई भी विषय या कला सीखने के लिए 12 वर्ष की आयु में ऐसे देश भेजा है जहां के बारे में आप कुछ नहीं जानते और न भाषा का ज्ञान हो? शायद, नहीं।

भारत के मनाली शहर से आने वाले अल्पाइन स्कीयर Himanshu Thakur के साथ ऐसा ही कुछ हुआ था और शायद विदेश में घूमते हुए उन्हें ज्ञात हुआ हो कि उन्हें स्कीइंग से कितना प्रेम है। शीतकालीन ओलंपिक खेल बीजिंग 2022 में अपनी जगह बनाने का सपना देखने वाले Himanshu Thakur ने olympics.com को बताया कि वह बहुत कम आयु से ही स्कीइंग करते आये हैं और शायद बर्फ उनके लिए दुसरे घर जैसा है।

Himanshu Thakur

मनाली, परिवार और स्कीइंग

हिमाचल प्रदेश भारत के कुछ चुनिंदा राज्यों में से हैं जहां हिमपात होता है और वहां स्थित एक शहर मनाली के पास Himanshu का जन्म हुआ और यह कहना गलत नहीं होगा कि स्कीइंग उनके खून में थी। उनके पिता भी एक स्कीयर रह चुके हैं और आपको यह बात जान कर हैरानी होगी कि Himanshu का संबंध स्कीइंग से चार वर्ष की आयु से ही हो गया था।

उन्होंने अपने बचपन के बारे में बात करते हुए बताया, "जब मैं तीन या चार वर्ष का था तो मेरी बुआ ने मुझे लकड़ी की स्की दिलाई और उस दिन मैंने पहली बार जाना कि स्कीइंग क्या होती है। बचपन में गाँव में स्कीइंग करते थे लेकिन जब मैं आठ साल का हुआ तो मेरे पिता ने मुझे असली स्की दी और शायद उसी दिन मेरा जीवन हमेशा के लिए बदल गया।"

एक युवा Himanshu ने पहली बार जब प्रतियोगिता में भाग लिया तो उन्होंने दूसरा या तीसरा स्थान प्राप्त किये जिसके बाद उन्हें विश्वास हो गया कि स्कीइंग ही उनके लिए जीवन है।

Himanshu Thakur

मुझे गति से प्रेम है और जब हम स्की कर रहे होते हैं तो हमारा शरीर बहुत तेज़ी से आगे बढ़ता है जिसके कारण हमें उसे नियंत्रण में लाना होता है। मुझे स्कीइंग का यह पहलू बहुत पसंद है।

Himanshu
फोटो क्रेडिट 2017 Getty Images

जापान में कैसे बदला जीवन

हर खिलाड़ी के जीवन में कोई ऐसा दिन या घटना होती है जो वह कभी नहीं भूल पाते और Himanshu के लिए शायद 13 वर्ष की आयु में किया जापान का एक दौरा वह समय साबित हुआ।

"मैं 13 वर्ष का था और 2006 में मेरे पिता ने मुझे स्कीइंग सीखने के लिए जापान भेजा। मुझे अंग्रेजी भी अच्छे से नहीं आती थी और मुझे डायरी में लिख कर दिया गया था कि मुझे क्या कहना है। मुझे वहां के लोगों की भाषा समझ नहीं आयी और न उन्हें मेरी लेकिन मैंने इशारों अथवा अपनी बॉडी लैंग्वेज से गुज़ारा किया। मैंने एक महीना जनवरी में अभ्यास किया लेकिन फरवरी में एक डाउनहिल स्लोप में जब स्की कर रहा था तो एक दुर्घटना में मेरी जांघ टूट गयी। वहां एक स्नोबॉर्डेर आया और उसने मेरी सहायता करते हुए हॉस्पिटल पहुंचाया।"

उस दुर्घटना के बाद उन्होंने वापसी करते हुए कई स्थानीय प्रतियोगिताओं में भाग लिया और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जूनियर प्रतिस्पर्धाओं में भी भाग लिया। साल 2010 और 2011 में मैंने विश्व जूनियर चैंपियनशिप में भाग लिया और उनका प्रदर्शन सुधरता रहा।

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फोटो क्रेडिट 2014 Getty Images

कैसे किया सोची 2014 ओलंपिक खेलों के लिए क्वालीफाई

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रगति करने वाले Himanshu ने 2014 सोची शीतकालीन ओलंपिक खेलों के पहले यूरोप और न्यूज़ीलैंड में अभ्यास किया लेकिन क्वालीफाई करने के स्तर पर शुरुआत में न पहुंच पाने के कारण एक यवा Himanshu निराश हो चुके थे। उनके पिता ने प्रेरणा देते हुए उन्हें ओलंपिक खेलों में अपना स्थान पक्का करने के लिए कहा।

लगभग 80 रेस खेलने के बाद शीतकालीन ओलंपिक खेलों में Himanshu ने अपना स्थान पक्का किया और 2014 के सोची खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया। इतनी बड़ी प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करना ही उनके लिए बड़ी बात थी और 2014 को याद करते हुए उन्होंने कहा, "मुझे ऐसा लगा कि मैं किसी नयी जगह आ गया हूँ। जब रेस का समय आया तो मैं थोड़ा बेचैन ज़रूर हुआ लेकिन विश्व स्तर के खिलाड़ियों के विरुद्ध खेलना मेरे लिए बड़ी बात थी।"

Himanshu ने 2014 सोची ओलंपिक खेलों की जायंट स्लालोम प्रतियोगिता में 72वां स्थान प्राप्त किया।

Himanshu Thakur

बीजिंग 2022 खेलों पर नज़र और बड़ा लक्ष्य

सोची 2014 खेलों के आठ वर्ष बाद एक 28 वर्षीय Himanshu की नज़र बीजिंग 2022 शीतकालीन ओलंपिक खेलों पर है। इस समय वह ऑस्ट्रिया में अभ्यास कर रहे हैं और आने वाले दिनों में उनके लिए प्रतियोगिताएं बहुत महत्वपूर्ण होंगी।

"पिछले लगभग दो वर्षों में स्कीइंग का अभ्यास यूरोप में न कर पाने के कारण हमें आने वाले दिनों में बहुत चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा लेकिन अगर सब ठीक रहा तो बीजिंग खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व। करूँगा"

Himanshu Thakur साल 2021-2022 सीज़न की शुरुआत 19 और 20 नवंबर को होने वाले विश्व कप में करेंगे और उसके बाद दिसंबर में वह विश्लेषण अथवा अभ्यास पर अपना ध्यान केंद्रित करेंगे।

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