मिक्स्ड डबल्स जोड़ीदार रोहन बोपन्ना के साथ सानिया मिर्ज़ा टेनिस में भारत के लिए दूसरा ओलंपिक पदक जीतने के काफी करीब पहुंच गई थीं, लेकिन रियो 2016 में कांस्य पदक के प्लेऑफ में हार गईं।
(2016 Getty Images)
भारतीय टेनिस आइकन सानिया मिर्ज़ा ने दो दशकों से अधिक के शानदार करियर में बहुत सारे खिताब जीते और सुर्खियां बटोरी हैं।
डबल्स में पूर्व विश्व नंबर 1 और छह बार की ग्रैंड स्लैम चैंपियन सानिया मिर्ज़ा ने एशियन और कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीते हैं और वूमेंस सिंगल्स रैंकिंग के शीर्ष-30 में जगह बनाने वाली पहली भारतीय होने का सम्मान भी हासिल कर चुकी हैं। I
चार समर गेम्स में हिस्सा लेने वाली पहली भारतीय महिला होने के बाद भी सानिया मिर्ज़ा प्रतिष्ठित ओलंपिक पदक नहीं जीत सकीं।
वहीं, सानिया मिर्ज़ा ने 2022 सीज़न के बाद अपने रिटायरमेंट का ऐलान कर दिया है। इसी के साथ भारतीय टेनिस की पहली महिला सुपरस्टार के लिए ओलंपिक पदक का सपना अधूरा रह जाएगा।
हम यहां आपके साथ सानिया मिर्ज़ा के ओलंपिक प्रदर्शनों के बारे में जानकारी साझा करेंगे…
सानिया मिर्ज़ा ने वूमेंस सिंगल्स सर्किट में बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर बीजिंग 2008 ओलंपिक में प्रवेश किया था।
भारतीय टेनिस स्टार ने अगस्त 2007 में वूमेंस सिंगल्स की अपनी सर्वोच्च रैंकिंग 27 हासिल की। वहीं, उस साल ऑस्ट्रेलियन ओपन में भी अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन तीसरे राउंड में वह वीनस विलियम्स से हार गईं।
बीजिंग 2008 में सानिया मिर्ज़ा का सिंगल्स अभियान उनके दाहिने हाथ की कलाई की चोट के कारण बाधित हो गया था। यह सानिया मिर्ज़ा का पहला ओलंपिक था।
22 वर्षीय सानिया मिर्ज़ा ने चेक रिपब्लिक की इवेता बेनेसोवा के खिलाफ अपने पहले राउंड के मुकाबले में कोर्ट पर उतरने से पहले चार दर्द निवारक दवाएं लीं, लेकिन इसका फायदा नहीं हुआ और दूसरे सेट के बीच में उन्हें खेल रोकना पड़ा। सानिया के हारने पर चेक खिलाड़ी के पक्ष में स्कोर 6-1, 2-1 था।
वूमेंस डबल्स में सानिया मिर्ज़ा ने सुनीता राव के साथ जोड़ी बनाई थी। उन्हें पहले राउंड में बाई मिला। दूसरे राउंड में स्वेतलाना कुजनेत्सोवा और दिनारा सफीना की रूसी टीम से 6-4, 6-4 से हारने के बाद इस जोड़ी को बाहर कर दिया गया।
बाद में सानिया मिर्ज़ा ने खुलासा किया कि चोट के बाद उनका पहला ओलंपिक समय से पहले समाप्त हो जाने के बाद वह मानसिक रूप से टूट चुकी थीं। वह एक साल तक चोटिल कलाई से जूझती रहीं। उसके बाद उन्होंने डबल्स खेलना शुरू कर दिया।
सानिया मिर्ज़ा ने लंदन 2012 ओलंपिक में मिक्स्ड डबल्स के लिए साथी भारतीय टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस के साथ जोड़ी बनाई। इस जोड़ी ने पहले राउंड में सर्बिया के नेनाद ज़िमोनजिक और एना इवानोविच को 6-2, 6-4 से हराया और क्वार्टर-फाइनल में जगह बनाई।
सानिया मिर्ज़ा और लिएंडर पेस का मुकाबला अंतिम स्वर्ण पदक विजेता बेलारूस की विक्टोरिया अजारेंका और मैक्स मिर्नी की जोड़ी से हुआ। क्वार्टर-फाइनल में भारतीय जोड़ी 5-7, 6-7 (5) से हार गई।
वूमेंस डबल्स में सानिया मिर्ज़ा और रश्मी चक्रवर्ती को वाइल्ड कार्ड एंट्री मिली थी। चीनी ताइपे के चुआंग चिआ-जुंग और हसीह सु-वेई की जोड़ी से 1-6, 6-3, 1-6 से हार गई। यह जोड़ी पहले राउंड से आगे नहीं बढ़ सकी थी।
रियो समर गेम्स में सानिया मिर्ज़ा ओलंपिक पदक जीतने के सबसे करीब थीं। उन्होंने 30 साल की उम्र में रियो 2016 में प्रवेश किया। खुद को दुनिया की नंबर 1 डबल्स खिलाड़ी के रूप में स्थापित किया।
अब तक सानिया मिर्ज़ा ने छह ग्रैंड स्लैम जीते और रियो में मिक्स्ड डबल्स में रोहन बोपन्ना के साथ जोड़ी बनाई थी। इस जोड़ी ने पहले राउंड में जॉन पीयर और सैम स्टोसुर की अनुभवी ऑस्ट्रेलियाई जोड़ी को हराया। वहीं, दूसरे राउंड में एंडी मरे और हीथर वाटसन की ब्रिटिश जोड़ी को हराकर सेमीफाइनल में पहुंचीं।
सेमीफाइनल में वीनस विलियम्स और USA के राजीव राम ने सानिया मिर्ज़ा-रोहन बोपन्ना को हरा दिया। सानिया और बोपन्ना ने पहला सेट जीता, लेकिन दूसरा सेट गंवा दिया। भारतीय जोड़ी 6-2, 2-6, 3-10 से हार गई थी।
अगले दिन अटलांटा 1996 में लिएंडर पेस के कांस्य के बाद टेनिस में दूसरे ओलंपिक पदक के लिए भारत की उम्मीदें धराशायी हो गईं। जब भारतीय जोड़ी ने चेक गणराज्य के राडेक स्टेपानेक और लूसी हेराडेका की जोड़ी से 1-6, 6-7 से हारकर अपना कांस्य पदक प्लेऑफ मैच गंवा दिया।
वूमेंस डबल्स इवेंट में सानिया मिर्ज़ा ने प्रार्थना थोम्बरे के साथ जोड़ी बनाई, लेकिन चीन की जोड़ी झांग शुआई और पेंग शुआई से पहले राउंड में करीबी मुकाबला हार गईं।
2021 में सानिया मिर्ज़ा 34 साल की हो गई थीं। सानिया मिर्ज़ा ने 2018 में अपने बेटे इज़हान को जन्म देने के बाद ब्रेक लिया था। उसके बाद 2020 में होबार्ट के कोर्ट में जीत के साथ वापसी की।
टोक्यो खेलों में वूमेंस डबल्स इवेंट के पहले राउंड में सानिया मिर्ज़ा और अंकिता रैना की जोड़ी हारकर बाहर हो गई थी। भारतीय महिला जोड़ी मैच के एक हिस्से पर हावी होने के बाद भी यूक्रेन की जुड़वां बहनों नादिया और यूडमिला किचेनोक से हार गईं। सानिया और अंकिता तीन सेटों में 0-6, 7-6(0), 10-8 से हार गईं।