धान के खेतों में चलने से लेकर टोक्यो की दौड़ तक कैसे पहुंचे Sandeep Kumar ?

2020 के लॉकडाउन के दौरान धान के खेतों में अभ्यास करने को मजबूर भारतीय रेसवॉकर Sandeep Kumar टोक्यो 2020 में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देने की उम्मीद कर रहे हैं। 

पिछले साल जब कोरोना महामारी ने दस्तक दी, तो निराश और चिंतित भारतीय रेसवॉकर Sandeep Kumar हरियाणा के अपने गांव सुरती जाखड़ लौट आए। इसके कुछ दिनों पहले ही रांची में इंडियन रेसवॉकिंग चैंपियनशिप 2020 में 20 किमी पुरुषों की रेसवॉक स्पर्धा में 1:21:34 के समय के साथ पूरी की, यह समय टोक्यो क्वालीफाइंग मार्क से 34 सेकेंड अधिक था।

उनके हवाले से फरवरी 2021 में हिंदुस्तान टाइम्स ने लिखा था, "मैं बहुत निराश था और इसके तुरंत बाद लॉकडाउन शुरू हो गया और टोक्यो ओलंपिक स्थगित कर दिया गया।"

"सब कुछ अनिश्चित था। तैयारी को फिर से शुरू करने की कोई प्रेरणा नहीं थी। हमारे पास खुद को तैयार करने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। मैं अपने गांव में धान के खेतों में तीन महीने तक पैदल चला और जितना हो सके खुद को फिट रखने की कोशिश कर रहा था।”

गांव में अपनी थोड़ी सी जमीन पर उन्होंने लॉकडाउन के दौरान अकेले ही प्रशिक्षण लिया। एक किसान परिवार में जन्मे Sandeep ने 2006 में जाट रेजिमेंट सेंटर में भर्ती होने के बाद रेसवॉकिंग शुरू की थी। उन्होंने रियो 2016 में 50 किमी रेसवॉक में भी भाग लिया और इस स्पर्धा में 2017 की भारतीय रेसवॉकिंग चैंपियनशिप में 3:55:59:5 समय के साथ राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया।

Kumar को डेढ़ दशक के करियर में लॉकडाउन के दौरान पहली बार खुद को तैयार करने के लिए संघर्ष करना पड़ा।

जुलाई, 2020 में राष्ट्रीय शिविर में शामिल होने पर उनके कोच Gurmeet Singh ने सबसे पहले यही नोटिस किया था की Kumar का वजन बढ़ गया था और मानसिक बढ़त खो दी थी। कोच ने उन्हें प्रेरक वीडियो दिखाये और चोट मुक्त रखने की कोशिश की।

भले ही आगे कोई प्रतियोगिता नहीं थी, लेकिन Kumar उन कार्यों पर अड़े रहे, जो उन्हें दिए गए थे और उन्होंने बेहतर फिटनेस हासिल की। किस्मत से, रांची में भारतीय रेसवॉकिंग चैंपियनशिप के साथ Kumar के लिए राष्ट्रीय एथलेटिक्स सीज़न फरवरी में फिर से शुरू हुआ।

अब रास्ता जाना-पहचाना था, Kumar एक साल पहले की निराशा वाले स्थान पर लौटे और राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा। 34 वर्षीय, ने 1:20:16 का समय लेकर टोक्यो 2020 में अपना स्थान पक्का किया।

आर्मीमैन अब अपने लगातार दूसरे ओलंपिक में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए प्रशिक्षण ले रहे हैं।

उन्होंने जून 2021 में HT सिटी को बताया, “मेरे प्रशिक्षण में 200-250 किमी रेस वॉकिंग शामिल है। मैं रोज सुबह और शाम तीन से चार घंटे प्रशिक्षण लेता हूं।” Kumar भी मानस दर्शन की ताकत पर विश्वास करते हैं और हर सुबह इसका अभ्यास करते हैं। उन्होंने कहा, उनका पहला लक्ष्य दौड़ पूरी करना है।

टोक्यो 2020 में कब एक्शन में नजर आएंगे Sandeep Kumar ?

Sandeep Kumar गुरुवार, 5 अगस्त को पुरुषों की 20 किमी रेसवॉक में प्रतिस्पर्धा करेंगे।