आइस हॉकी को भारत में दे रही नयी पहचान Ritika Pandey के ओलंपिक सपने

दक्षिण भारत से आने वाली इस युवा खिलाड़ी ने olympics.com से बात करते हुए अपने खेल जीवन और लक्ष्य के बारे में बताया।  

भारत के शीतकालीन खेल इतिहास के पन्ने अभी तक बहुत कम भव्य अध्यायों से भरे हैं और स्वर्णिम अक्षरों से किसी भी खिलाड़ी ने अपना नाम नहीं लिखा है। आइस हॉकी उन खेलों में से है जो धीमी गति से ही सही लेकिन भारत में प्रगति कर रहा है और इसकी सफलता के लिए महिला खिलाड़ियों को बहुत बड़ा श्रेय जाता है। शीतकालीन ओलंपिक खेल बीजिंग 2022 में भारत की महिला आइस हॉकी टीम भाग तो नहीं लेंगी लेकिन कई युवा खिलाड़ी इन खेलों पर ध्यान रखेंगे और आने वाले खेलों में भाग लेने का सपना देख रहे हैं। 

दक्षिण भारत से आइस हॉकी की उतना ही संबंध है जितना पहाड़ों का समुद्र तट से है लेकिन 20 वर्षीय Ritika Pandey अपने लिए एक नया अध्याय लिख रही हैं। हैदराबाद की रहने वाली Ritika Pandey तेलंगाना ने पिछले एक वर्ष में भारतीय आइस हॉकी में अपना नया स्थान बना लिया है। इनलाइन हॉकी से शुरुआत करने वाली Ritika ने आइस हॉकी को अपना प्रेम बना लिया है।

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इनलाइन हॉकी से आइस हॉकी तक

उनका परिवार उत्तर प्रदेश के बनारस नगर से है लेकिन Ritika Pandey हैदराबाद में बड़ी हुई हैं और उन्होंने आठ वर्ष की आयु से स्केटिंग कर रही हैं। olympics.com से बात करते हुए उन्होंने बताया, "मैंने आठ वर्ष से स्केटिंग कर रही हूँ और कई प्रतियोगिताओं में भाग लिया है। मैंने स्केटिंग स्कूल में शुरू की थी और धीरे धीरे मेरा लगाव बढ़ता गया।"

भारत की आइस हॉकी टीम से प्रेरित हो कर Ritika ने आइस हॉकी खेलने का सपना देखना शुरू किया और सोशल मीडिया पर उन्होंने कुछ खिलाड़ियों के साथ संपर्क किया। उन्होंने बताया, "दक्षिण भारत के खिलाड़ियों को आइस हॉकी के बारे में इतनी जानकारी नहीं थी इसलिए मैंने कई खिलाड़ियों को संदेश भेजे और उसमे Noor Jahan भी शामिल हैं। वहीं से मुझे कैम्प में खेलने का अवसर मिला और मैंने वहां जाने का निर्णय लिया। मैं बहुत खुश थी कि मुझे इस खेल में भाग लेने का अवसर मिला।"

आठ वर्ष की आयु से स्केटिंग करने वाली Ritika को बर्फ पर स्केटिंग करने में थोड़ी कठिनाई हुई लेकिन वह अब सीख रही हैं।

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आइस हॉकी के ओलंपिक सपने और खेल की प्रगति

हैदराबाद जैसे शहर में आइस हॉकी को लोकप्रिय बनाने के लिए बहुत काम की ज़रुरत है और Ritika Pandey ने कम आयु में ही यह कार्य शुरू कर दिया है। वह अपने राज्य की युवाओं को आइस हॉकी खेलने के लिए प्रेरित करती हैं और उन्हें सिखाने का भी कार्य कर रही हैं। अगर आप उनसे सपने के बारे में पूछें तो वह शीतकालीन खेलों में खेलना चाहती हैं। 

Ritika ने कहा, "मैं भारत को एक दिन शीतकालीन ओलंपिक खेलों में भाग लेते हुए देखना चाहती हूँ और चाहती हूं की मैं उसका भाग बन पाऊं। आने वाले कुछ सालों में अपने आपको मैं भारतीय टीम का हिस्सा बनते हुए देखना चाहूंगी।"

कनाडा की महान आइस हॉकी खिलाड़ी Hayley Wickenheiser को अपना आदर्श मैंने वाली Ritika ने अपना खेल जीवन अभी शुरू किया है लेकिन उन्होंने अभी से ही भारत में आइस हॉकी की प्रगति के लिए कार्य कर रही हैं।

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