पीवी सिंधु विश्व चैंपियनशिप में तेज वापसी करेंगी- विमल कुमार

भारत के पूर्व राष्ट्रीय कोच ने वर्ल्ड टूर फ़ाइनल 2021 में सिंधु के सफर का विश्लेषण किया।

लेखक दिनेश चंद शर्मा

दो ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु (PV Sindhu) सेकंड ईयर एंडर के खिताब से वंचित रह गईं। क्योंकि, वह रविवार को इंडोनेशिया के बाली में विश्व टूर फाइनल 2021 (World Tour Finals 2021) के फाइनल मुकाबले में दक्षिण कोरिया की आन सियोंग (An Se-young) से 16-21, 12-21 से हार गईं।

हालांकि, यह सर्वश्रेष्ठ भारतीय शटलर के लिए मनोबल बढ़ाने वाला प्रदर्शन था। क्योंकि, उन्होंने रजत पदक जीतकर टोक्यो 2020 के बाद अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया। सिंधु इससे पहले डेनमार्क ओपन (Denmark Open) के क्वार्टर फाइनल में पहुंची थीं और फ्रेंच ओपन (French Open), इंडोनेशिया मास्टर्स (Indonesia Masters) और इंडोनेशिया ओपन (Indonesia Open) में तीसरे स्थान पर रही थीं।

ओलंपियन से कोच बने विमल कुमार (Vimal Kumar) का मानना है कि इस अनुभव से सिंधु को विश्व चैंपियनशिप के लिए तेज वापसी करने में मदद मिलेगी, जो 12 दिसंबर से स्पेन के ह्यूएलवा में शुरू होने वाली है।

कुमार ने Olympics.com को बताया, "हमें अन्य परिस्थितियों में ध्यान देने की जरूरत है। सेमीफाइनल में पीवी सिंधु, (अकाने) यामागुची को हराना निश्चित रूप से आत्मविश्वास बढ़ाने वाला था। क्योंकि, वास्तव में वह बाद में अपनी लय में नहीं थी। उम्मीद है, अगले सप्ताह विश्व चैंपियनशिप तक हमें उसका खेल थोड़ा तेज देखने को मिलेगा।"

वहीं, फाइनल मुकाबले में सिंधु के कुछ कमजोर बैकहैंड लिफ्ट और खराब स्मैश के कारण उसका खेल प्रभावित हो रहा था।

पीवी सिंधु
फोटो क्रेडिट Lintao Zhang/ Getty Images

कुमार ने कहा, "मैं थोड़ा चिंतित हूं। उसे (पोर्नपावी चोचुवोंग) हराने के लिए उसके खिलाफ एक अलग रणनीति अपनाने की जरूरत है। क्योंकि, विश्व चैंपियनशिप में वह किसी न किसी स्टेज पर उसका सामना करेगी।"

इसके अलावा, हार का मतलब था कि टोक्यो 2020 कांस्य पदक विजेता, दक्षिण कोरियाई किशोरी से कई अवसरों में से तीन बार खतरे को दूर करने में विफल रही हैं।

कुमार ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि यह धीमी गति का खेल था और शटल की स्थितियां दक्षिण कोरियाई के पक्ष में थीं।

1992 में बार्सिलोना में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले कुमार ने कहा, "मैंने सोचा था कि अगर आप परिस्थितियों को देखें, तो पिछले तीन हफ्तों में शटलकॉक बेहद धीमी थी, जो आन सियोंग के खेल और अकाने यामागुची (Akane Yamaguchi) के लिए भी कुछ हद तक उपयुक्त थीं।"

उन्होंने निष्कर्ष निकाला, "मेरी राय में फाइनल में आन सियोंग के लिए यह एक बड़ा प्लस फैक्टर था और वह उन डीप क्लीयर, स्लो ड्रॉप शॉट्स खेलना पसंद करती है, जिससे वह आपको अपनी लय में लाती है। पीवी सिंधु इसे जारी नहीं रख सकी और यह एक बहुत धीमी गति के खेल में बदल गया। बाली में तीनों टूर्नामेंटों में, उसने उसी रणनीति के साथ जीत हासिल की।"

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