‘मैं टोक्यो 2020 में बेहतर प्रदर्शन कर सकता था’- प्रवीण जाधव 

जाधव टोक्यो 2020 में पुरुषों की व्यक्तिगत स्पर्धा के राउंड ऑफ 32 में अमेरिका के मौजूदा विश्व चैंपियन ब्रैडी एलिसन से हार गए थे। 

लेखक दिनेश चंद शर्मा
फोटो क्रेडिट Getty Images

होनहार भारतीय तीरंदाज प्रवीण जाधव (Pravin Jadhav) यकीनन टोक्यो 2020 में भारतीय पुरुष तीरंदाजों में सबसे पसंदीदा थे। वह अपने वरिष्ठ हमवतन अतानु दास (35वें) और तरुणदीप राय (37वें) से आगे पुरुषों की व्यक्तिगत रैंकिंग में 31वें स्थान पर रहे। ओलंपिक में भारतीय टीम ने जाधव को मिक्स्ड टीम इवेंट में दीपिका कुमारी के जोड़ीदार के तौर पर चुना था।

जाधव पुरुष टीम स्पर्धा में भी बहुत प्रभावशाली थे। इसमें भारत क्वार्टर फाइनल में स्वर्ण पदक विजेता दक्षिण कोरिया से हार गया था। मिश्रित टीम स्पर्धा में जाधव और दीपिका ने चीनी ताइपे को हराकर अच्छी शुरुआत की, लेकिन क्वार्टर फाइनल में स्वर्ण पदक जीतने वाली दक्षिण कोरिया की टीम से फिर से हार गए।

सतारा में जन्मे तीरंदाज ने व्यक्तिगत नॉकआउट स्पर्धा में भी उम्मीदें जगाईं और उन्होंने ROC के विश्व नंबर 2 गैल्सन बाजारचापोव (Galsan Bazarchapov) को शुरुआती दौर में 6-0 से मात दी। हांलाकि, उनका अभियान अमेरिका के मौजूदा विश्व चैंपियन ब्रैडी एलिसन (Brady Ellison) से 0-6 से हारने के बाद दूसरे राउंड में समाप्त हो गया।

जाधव मानते हैं कि यह उनका एक खराब प्रदर्शन था, क्योंकि वह बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद कर रहे थे। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि व्यक्तिगत इवेंट के दौरान हवा ने उनके प्रदर्शन को प्रभावित किया।

जाधव ने Olympics.com को बताया, "मैं व्यक्तिगत स्पर्धा में बेहतर कर सकता था। मैंने यह कभी नहीं सोचा था कि मैं दुनिया में नंबर 2 या नंबर 1 के खिलाफ प्रतिस्पर्धा कर रहा हूं, मैं प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए तैयार था। लेकिन, मैं हवा की दिशा का सही से अनुमान नहीं लगा सका।"

उन्होंने कहा, "जब आप साधते हैं, तो कई बार मानसिक संतुलन बनाए रखना मुश्किल होता है, लेकिन मैंने वर्तमान में बने रहने और अपनी शूटिंग करने की कोशिश की। मैं उस समय अतीत या भविष्य के बारे में नहीं सोचना चाहता था।"

Pravin Jadhav with Deepika Kumari

लेकिन, टोक्यो से दूर सतारा (महाराष्ट्र) में उनके माता-पिता जाधव के परिणामों को लेकर ज्यादा चिंतित नहीं थे। वे 2018 के बाद से उनकी पहली घर वापसी को लेकर बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। जाधव टोक्यो 2020 में अपने आकर्षक प्रदर्शन के बाद स्वदेश लौटने पर भरपूर समर्थन पाकर हैरान हैं।

जाधव ने कहा, "मेरे माता-पिता खेल के बारे में ज्यादा नहीं समझते हैं। वे इस बात से खुश थे कि मैं वर्षों बाद घर लौट रहा हूं। वे खुश थे कि मैं ओलंपिक में खेला। वे ओलंपिक के बारे में जानते हैं, लेकिन यह नहीं जानते कि यह कितना बड़ा है। वे हमेशा मेरा समर्थन करते हैं और कभी भी घर की समस्या मुझे नहीं बताते, ताकि मैं परेशान न हो जाऊं।"  

उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि मेरी वर्तमान समस्याओं के दौरान मुझे लोगों से बहुत सपोर्ट मिला। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मुझे यह मेरे पहले ओलंपिक के बाद मिलेगा और यह अगले खेलों के लिए मेरी मददगार साबित होगा। इससे मुझे बेहतर करने में सहायता मिलेगी।" 

टोक्यो 2020 के बाद मिले ब्रेक को जाधव अपने दोस्तों और करीबी लोगों के साथ बिताकर इसका सबसे अच्छा उपयोग करना चाहते हैं। वह अक्सर उनके साथ कैरम बोर्ड खेलते हैं या अपने इलाके के पास पर्वतारोहण करना पसंद करते हैं।

लेकिन, अपने अधिक उपयोगी छुट्टियों के दौरान वह प्रशिक्षण लेने से चूक रहे हैं और इस कारण जल्द ही एक्शन में लौटना चाहते हैं।

25 वर्षीय कहा, "मेरे घर के पास पहाड़ हैं, हम (दोस्तों के साथ) सप्ताह में एक या दो बार पर्वतारोहण करने जाते हैं। मौसम भी इतना अच्छा है कि यह सुखद लगता है और इससे मुझे मानसिक रूप से शांति महसूस होती है।" 

उन्होंने कहा, "मुझे सेना से संबंधित फिल्में देखना पसंद हैं, हाल ही में मैंने शेरशाह फिल्म देखी। यह मुझे प्रेरित करती है, क्योंकि उनका जीवन शुरू से ही संघर्षों से भरा रहा है।"

जाधव अब अक्टूबर में एशियाई तीरंदाजी चैंपियनशिप के ट्रायल में खेलते नजर आएंगे। इससे पहले वह इस सप्ताह के अंत में फिर से प्रशिक्षण शुरू करेंगे।

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