2021 एशियन यूथ पैरा गेम्स में चमकेंगी पलक कोहली: गौरव खन्ना 

टोक्यो पैरालंपियन ने हाल ही में युगांडा पैरा-बैडमिंटन इंटरनेशनल 2021 में दो स्वर्ण और एक रजत पदक जीता। 

लेखक दिनेश चंद शर्मा
फोटो क्रेडिट @palakkohli2002/Twitter

टोक्यो पैरालंपिक के बाद उभरती भारतीय पैरा-बैडमिंटन खिलाड़ी पलक कोहली (Palak Kohli) ने कोर्ट में विजयी वापसी की। उन्होंने हाल ही में आयोजित कंपाला में युगांडा पैरा बैडमिंटन इंटरनेशनल 2021 में दो स्वर्ण (महिला एकल SU5, महिला युगल SL3-SU5) और एक रजत पदक (मिश्रित युगल SL3-SU5) जीता है।

19 वर्षीय, बहरीन के मनामा में 2 दिसंबर से शुरू होने वाले 2021 एशियाई युवा पैरा खेलों में देश की उम्मीदों को आगे बढ़ाएंगी।

उनके कोच गौरव खन्ना (Gaurav Khanna) का मानना है कि कोहली एक स्टार इन द मेकिंग हैं और कम से कम चार पैरालंपिक खेलों में देश का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं। उन्होंने हार्दिक मक्कड़ (Hardik Makkar) की भी प्रशंसा की, जिन्होंने युगांडा में पुरुष एकल SU5 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था।

खन्ना ने Olympics.com को बताया, “पलक 2021 एशियाई युवा पैरा खेलों में भाग लेने वाली एकमात्र पैरालंपियन हैं और वह अच्छा प्रदर्शन करेंगी। कोहली एक प्रतिभाशाली और मजबूत एथलीट हैं, जो न केवल 2024 के पैरालंपिक में खेलेंगी, बल्कि 2028 और उससे आगे भी खेल सकती हैं। वह कम से कम चार पैरालंपिक खेल सकती हैं।"

दिलचस्प बात यह है कि युगांडा के आयोजन में टोक्यो पैरालंपिक के स्वर्ण पदक विजेता और दुनिया में नंबर 1 प्रमोद भगत (Pramod Bhagat) ने कई फाइनल हारने के बाद तीन रजत पदक जीते। खन्ना का मानना है कि उन्होंने हार से सबक सीखा है और एक मजबूत वापसी करेंगे।

Pramod Bhagat at Tokyo 2020
फोटो क्रेडिट 2021 Getty Images

खन्ना ने कहा, "प्रमोद भगत ने पहले ही बहुत सारे झटके झेले हैं। यह सिर्फ एक मैच है और उन्होंने निश्चित रूप से इससे सीखा है और मजबूत वापसी करेंगे। उन्हें टोक्यो पैरालंपिक के बाद पारिवारिक समारोहों के लिए समय देना था और यह हर एथलीट के जीवन का हिस्सा है, जिसके लिए संतुलन बनाने की जरूरत है।”  

हालांकि, मुख्य भारतीय पैरा-बैडमिंटन कोच युगांडा के कंपाला में भारत के खाते में आए 47 पदक से संतुष्ट हैं, जिसमें 16 स्वर्ण, 14 रजत और 17 कांस्य शामिल हैं। 

उन्होंने अपना ध्यान युवाओं को प्रशिक्षण देने पर केंद्रित कर दिया है। 

45 वर्षीय ने कहा, "यह कभी न खत्म होने वाली संतुष्टि है। लेकिन, युगांडा में 40 से अधिक पदकों के लक्ष्य के साथ टूर्नामेंट से जो उम्मीद की जा रही थी, उसे हासिल कर लिया गया है।" 

उन्होंने कहा, "पैरा-शटलर लंबे समय के बाद खेले (टोक्यो पैरालंपिक के बाद से)। यह हमेशा हर एथलीट के लिए बहुत उत्साह पैदा करता है और इस बार मैं 2028 पैरालंपिक और उससे आगे को लक्ष्य में रख रहा हूं। इसलिए, मैंने फेडरेशन से अधिकतम वर्गीकरण के लिए खुली एंट्री रखने का अनुरोध किया था। इसने बहुत सारे युवाओं को प्रोत्साहन दिया है। कुल मिलाकर इतने पदक मुझे एक कोच के रूप में बहुत संतुष्टि देते हैं।”

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