डॉ क्लॉस बार्टोनिट्ज़ ने खोला राज, बताया कैसे नीरज चोपड़ा ने टोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण के रास्ते आई बाधाओं को दी मात

जर्मन बायोमैकेनिक्स विशेषज्ञ का कहना है कि टोक्यो 2020 से पहले नीरज चोपड़ा की कम समय में सर्जरी से वापस आने की क्षमता काबिले तारीफ है।

लेखक शिखा राजपूत
फोटो क्रेडिट 2021 Getty Images

टोक्यो ओलंपिक में मेंस जैवलिन थ्रो में नीरज चोपड़ा के स्वर्ण पदक जीतने वाले प्रदर्शन को डॉ क्लाउस बार्टोनिट्ज़ (Dr Klaus Bartonietz)  ने एक "महान" उपलब्धि कहा है। नीरज चोपड़ा (Neeraj Chopra) ने टोक्यो 2020 के लिए बायोमैकेनिक्स विशेषज्ञ का देख रेख में प्रशिक्षण लिया। उन्होंने कहा कि 23 वर्षीय भारतीय अपने हाथ की सर्जरी के बाद पूरी तरह ठीक हो गए और ओलंपिक में वह किसी भी तरह से भाला फेंकने के लिए तैयार थे।

जर्मन डॉ के मुताबिक, सर्जरी के बाद रिहैबिलिटेशन के दौर से गुजरने के बाद भी नीरज ने खुद को साबित किया है। कोविड महामारी की वजह से यात्रा में बैन ने उनकी क्षमता को और उभारा है।

बार्टोनिट्ज़ ने Olympics.com को बताया, “यह (ओलंपिक) एक सामान्य प्रतियोगिता नहीं है। मानसिक दबाव बहुत अधिक होता है। ”

"एक ओलंपिक जीत वह है जिसका आप सपना हमेशा से देखते हैं। और ऐसी परिस्थितियों में जब सर्जरी के बाद वापस आना है, और इस तरह की प्रतियोगिताएं होना वास्तव में बहुत अच्छा होता है।

“हम जानते हैं कि वह जूनियर विश्व रिकॉर्ड धारक है, इसलिए वह बहुत शक्तिशाली, प्रतिभाशाली थ्रोअर है। यह सिर्फ उनकी बेहतरीन क्षमता को दिखाता है।"

2018 में कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियाई खेलों में स्वर्ण जीतने के बाद नीरज चोपड़ा ने 2019 में कोहनी की सर्जरी करवाई और विश्व चैंपियनशिप, एशियाई चैंपियनशिप और डायमंड लीग जैसी प्रमुख इवेंट में अच्छा प्रदर्शन किया।

बार्टोनिट्ज़ ने आगे कहा, “नीरज बहुत सारी प्रतियोगिताओं को याद कर रहे थे। वह आश्वस्त था, वह जानता था कि वह क्या कर सकता है, लेकिन पिछले एक-दो वर्षों में चार से छह प्रतियोगिताओं के दौरान अपनी फेंकने की शैली और तकनीक से तालमेल बिठाना संभव नहीं था। ”

"इस साल हमने स्वीडन और पुर्तगाल में जो प्रतियोगिताएं की थीं, वहां की परिस्थितियां हर किसी के पक्ष में नहीं थीं।

"उनकी वास्तव में एक शानदार प्रतियोगिता थी (फिनलैंड में) लेकिन यह (जोहान्स) वेटर के साथ भी अच्छी प्रतियोगिता थी। कोविड के प्रभाव और यात्रा प्रतिबंध की वजह से थोड़ी कमी रह गई थी। ”

बार्टोनिट्ज़ ने कहा, 2017 विश्व चैंपियन में जोहान्स वेटर (Johannes Vetter) टोक्यो 2020 में नीरज चोपड़ा के मुख्य प्रतिद्वंद्वी थे। 28 वर्षीय जर्मन डॉक्टर के पास चोपड़ा के 88.07 की तुलना में 97.76 मीटर का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ स्कोर है। 2021 में वेटर ने सात बार 90 मीटर से अधिक पर भाला फेंका था।

" जब वेटर ने कहा कि उसने बहुत सारी प्रतियोगिताएं की हैं लेकिन नीरज ने शायद उतनी प्रतियोगिताओं में हिस्सा नहीं लिया, लेकिन ज्यादा करने से बेहतर है कि हम कम करें लेकिन अच्छा करें।"

यह सवाल पूछे जाने पर कि क्या किसी दिन नीरज चोपड़ा में विश्व रिकॉर्ड (1996 में चेक गणराज्य के जॉन ज़ेलेजनी द्वारा निर्धारित 98.48 मीटर) को तोड़ने की क्षमता है। इस बारे में बार्टोनिट्ज़ ने टोक्यो ओलंपिक से पहले वेटर के दावों  की ओर इशारा किया और कहा कि जमीन पर बने रहना बेहतर है।

"यह कहना मुश्किल है। हो सकता है कि अगले साल विश्व रिकॉर्ड 99 या 100 मीटर का हो। अभी के लिए इस बारे में सोचना और अटकलें ना लगाना ही बेहतर है। ”

वेटर ने दावा किया था कि नीरज के लिए उसे टोक्यो ओलंपिक में हराना मुश्किल होगा, क्योंकि वह 90 मीटर से अधिक फेंकने की योजना बना रहे थे। वह 82.52 मीटर के थ्रो के साथ नौवें स्थान पर रहे।

बार्टोनिट्ज़ ने कहा, "वेटर ने कहा था कि वह टोक्यो में 100 मीटर पर भाला फेंकेंगे, जिसका अर्थ है कि वह विश्व रिकॉर्ड बना देंगे, और क्या हुआ?"

"जर्मनी में एख कहावत है, जो कि फुटबॉल की है, गेंद को सपाट रखें। इसका मतलब है कि ऐसे ऊंचे पास नहीं खेलना जहां विरोधी गेंद को पकड़ सके। लेकिन इसका मतलब यह भी है कि विनम्र बने रहें और दांव न लगाएं।’’

“मेरा मतलब है कि बेशक सब कुछ संभव है लेकिन इसके लिए तैयार होने में कुछ साल लगेंगे, यह सिर्फ अगले साल या दो साल में संभव नहीं, इसमें और समय लग सकता है। आपको अधिक बल और मेहनत की जरूरत होती है और तकनीक लगभग सटीक होनी चाहिए। फिलहाल अभी बहुत काम करना है।"