मुनीर बीबा: "ब्रोंक्स में शांति के फलस्वरूप ब्रेकिंग का जन्म हुआ था"

ओलंपिक दिवस, 23 जून को यादगार बनाने के लिए, Olypmpics.com मुनीर बीबा के साथ मिलकर ब्रेकिंग की उत्पत्ति को लेकर बात कर रहा है। बीबा रेड बुल बीसी वन का विजेता होने के साथ ही ब्यूनस आयर्स 2018 में जज रह चुके हैं। उन्होंने ब्रेकिंग को पेरिस 2024 ओलंपिक में शामिल करवाने में अहम भूमिका निभाई है। 

लेखक रौशन प्रकाश वर्मा
फोटो क्रेडिट 2022 Getty Images

"शांति के लिए आगे बढ़ें"

2022 ओलंपिक दिवस का स्लोगन, पेरिस 2024 के ओलंपिक कार्यक्रम में शामिल सबसे नए खेल के साथ पूरी तरह फिट बैठता है: ब्रेकिंग।

ओलंपिक खेलों के लिए अभी दो साल से कुछ अधिक का समय बाकी है। इस दौरान दर्जनों बी-बॉय और बी-गर्ल पेरिस के पैलेस डे ला कॉनकॉर्ड में रोमांचक ब्रेकिंग मुकाबलों में हिस्सा लेंगे। ब्रेकिंग, दरअसल एथलेटिक्स को आर्टिस्टिक मूवमेंट के साथ मिलाता है। इन सभी प्रतिभागियों का यह मकसद होगा कि वे पहली बार ओलंपिक ब्रेकिंग का पदक हासिल करें। 

यह एक ऐसा खेल है जिसकी जड़ें शांति आंदोलन से जुड़ी हुईं हैं। दरअसल, 70 के दशक की शुरुआत में न्यूयॉर्क के ब्रोंक्स जिले में सामूहिक हिंसा की घटना के कठिन दौर के बाद एक शांति आंदोलन की शुरुआत की गई थी ताकि नागरिकों के बीच फिर से शांति बहाल की जा सके। इसी बीच इस खेल की शुरुआत हुई थी। 

फ्रांस के बी-बॉय मुनीर बीबा के साथ Olympics.com हिप-हॉप संस्कृति के जन्म के इतिहास पर एक बार फिर से नजर डाल रहा है, जहां से ब्रेकिंग की उत्पत्ति हुई है। उन्होंने 2012 में रेड बुल बीसी वन इवेंट जीता और पेरिस 2024 के प्रेसिडेंट टोनी एस्टांगुएट के साथ काम किया, ताकि इस खेल को ओलंपिक कार्यक्रम में शामिल किया जा सके।

लोगों का एक समूह जो शांति चाहता था

1970 के दशक में, न्यूयॉर्क शहर का उत्तरी इलाका एक सामाजिक संकट की चुनौतियों का सामना कर रहा था। कई पड़ोसी इलाके, विशेष रूप से दक्षिण-ब्रोंक्स में, हम विभिन्न क्षेत्रों में बंटे हुए थे जिन पर अलग-अलग गिरोहों का नियंत्रण था। 

ब्रेकिंग की सबसे प्रभावशाली शख्सियतों में से एक, बीबा ने समझाया, "गेटो में रहने वाले लोगों को छोड़ दिया गया था, क्योंकि शहर का वह हिस्सा ऐसा था जहां एक ही जाति, धर्म आदि के लोग गरीबी की अवस्‍था में रह रहे थे।" बीबा ने वागाबॉन्ड क्रू के लिए 20 साल तक डांस किया था।

“लोग अत्यधिक गरीबी में रहते थे। बेरोजगारी काफी अधिक थी और हर रोज हिंसा की घटनाएं होती थी। यह अलग-अलग गिरोहों के बीच एक युद्ध था। हम जानते हैं कि न्यूयॉर्क शहर में सर्दी कैसी होती है और अधिकांश लोगों के पास गर्म पानी, बिजली या हीटिंग की सुविधा नहीं थी। वह बहुत कठिन समय था।"

दिसंबर 1971 में, गेटो ब्रदर्स गिरोह के एक सदस्य जिसका नाम कॉर्नेल बेंजामिन था, जिसे ब्लैक बेंजी के नाम से भी जाना जाता है, को बेंजी मेलेंडेज़ नामक एक वरिष्ठ ने इन गिरोहों के बीच शांति बहाल करने के लिए कहा। न्यूयॉर्क के पड़ोस का यह इलाका क्षेत्रफल की दृष्टि से पेरिस से डेढ़ गुना बड़ा है।

1970 के दशक में द ब्रोंक्स, न्यूयॉर्क शहर 
फोटो क्रेडिट Courtesy of ©Joe Conzo for "Breaking Life" original series

ब्रोंक्स के एक क्लब में शांति का संधि हुआ

अपने मिशन को पूरा करने के प्रयास के दौरान, बेंजामिन की हत्या कर दी गई। इस घटना के बाद एक बार फिर से ब्रोंक्स में कई अतिरिक्त टकराव हुए।

लेकिन मेलेंडेज़ और गेटो ब्रदर्स के प्रेसिडेंट कार्लोस सुआरेज इस बात को लेकर आश्वस्त थे कि ब्रोंक्स को एक बेहतर जगह बनाने के लिए शांति की आवश्यकता थी।

न्यूयॉर्क पोस्ट में जोस टोरेस ने लिखा, "गेटो ब्रदर्स सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। वे खूनी संघर्ष में विश्वास नहीं करते हैं। वे ऐसा बिल्कुल भी नहीं सोचते हैं कि हिंसा प्रोत्साहन का विकल्प हो सकता है।"

मेलेंडेज़ और सुआरेज़ ने कॉर्नेल की मां से मिलने का फैसला किया, और जैसा कि जेफ चांग ने अपनी किताब Can't Stop Won't Stop: A History of the Hip-Hop Generation में लिखा था, वह इस बारे में स्पष्ट थी कि वह क्या चाहती है:

उन्होंने कहा, "कोई इंतकाम नहीं। बेंजी शांति के लिए जीता था।"

शांति की इच्छा जिसे सुआरेज़ और मेलेंडेज़ ने महसूस किया, वह और मजबूत होती गई। उन्होंने उस समय के सभी गैंग के लीडर को एक साथ मिल-बैठकर शांति समझौते पर बात करने का हर संभव प्रयास किया।

8 दिसंबर को, उनमें से दर्जनों नेता पुलिस और मीडिया की मौजूदगी में ब्रोंक्स के बॉयज क्लब में पहुंचे। लंबी बातचीत के बाद, एक शांति संधि पर हस्ताक्षर किया गया। हालांकि, इस बातचीत के दौरान, कई बार लोग उग्र हो जाते थे और क्लब के अंदर जोर-जोर से आवाजें उठतीं थीं।

"वे आजाद थे," बीबा ने कहा। "वे सड़कों को पार कर सकते थे, एक दूसरे के साथ मिल सकते थे, बात कर सकते थे, एक साथ मिल सकते थे ... यह कुछ ऐसा है जो पहले मौजूद नहीं था।

1970 के दशक के दौरान ब्रोंक्स में ब्लॉक पार्टियां
फोटो क्रेडिट Courtesy of ©Joe Conzo for "Breaking Life" original series

हिप-हॉप संस्कृति की शुरुआत और ब्रेकिंग का जन्म

जैसे-जैसे समय बीतता गया, रचनात्मकता ने संघर्ष की जगह अपना घर बना लिया, क्योंकि गिरोह के सदस्य तात्कालिक पार्टियों में मिले, जिन्हें ब्लॉक पार्टियों के रूप में जाना जाता है।

"उन्होंने संगीत बजाना शुरू किया, पार्कों में इकट्ठा हुए और हम पहले बी-बॉयज और बी-गर्ल्स, पहले एमसी, पहले डीजे को देख रहे थे। अगस्त 1973 में, जब डीजे कूल हर्क ने अपनी पहली पार्टियों की मेजबानी की, तो हिप-हॉप संस्कृति का जन्म हुआ।

डांसर्स 'मुकाबले' में एक-दूसरे का सामना करते थे, जब डीजे द्वारा मिश्रित ट्रैक से स्वरों की आवाज कम हो जाती थी और सिर्फ वाद्ययंत्रों को ही सुना जा सकता था जिसे अब 'ब्रेक' के रूप में जाना जाता है।

रैप, ग्रैफिटी, ब्रेकिंग - शहरी कला के ये सभी प्रारुप 70 के दशक के पहले भाग में शुरु हुए और खूब चर्चा का विषय रहे। इसके बाद वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैल गए और आज हम देख सकते हैं कि वे संस्कृतियां बन गईं हैं।

बीबा ने अपनी बात को खत्म करते हुए कहा, "सबसे पहली और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि, यह एक शांति से पैदा हुई संस्कृति है। यही कारण है कि हिप-हॉप का नारा है 'शांति, एकता, प्रेम और मस्ती'। जब कभी भी डांस की बात आती है तो हिप-हॉप द्वारा शुरू से ही मूल्य और संदेश दिखाए गए हैं।”

ये वैसे संदेश भी हैं जो ओलंपिक दिवस पर सुनाई देते हैं। जिसे एक बार फिर जुलाई 2024 में दुनिया भर में साझा किया जाएगा जब पेरिस में ओलंपिक खेल शुरू होंगे।

ब्रोंक्स में एक डांसर
फोटो क्रेडिट Courtesy of ©Joe Conzo for "Breaking Life" original series

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