Mikaela Shiffrin: अल्पाइन स्कीइंग में वर्ल्ड नम्बर-1 एथलीट को जानिए

दो बार की ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता Mikaela Shiffrin सोमवार सुबह वूमेंस जायंट स्लैलम की अपनी पहली रेस शुरू होने के कुछ ही सेकेंड बाद गिर गईं। आप अल्पाइन स्कीइंग में वर्ल्ड नम्बर-1 एथलीट के बारे में कितना जानते हैं?

लेखक रौशन प्रकाश वर्मा
फोटो क्रेडिट 2018 Getty Images

ये कहना गलत नहीं होगा कि Mikaela Shiffrin इस वक्त पूरी दुनिया में किसी भी स्पोर्ट में एक बेहतरीन और प्रतिभाशाली एथलीट हैं। इस बात को साबित करने का एक मजबूत तर्क ये है कि उन्होंने 2018/19 सीज़न में 26 वर्ल्ड कप रेस में हिस्सा लिया और 17 में जीत हासिल की। ये आंकड़े उस स्पोर्ट के लिए बेहद असाधारण हैं जहां नतीजा मिली सेकेंड्स के अंतर से बदल जाता है और जिस खेल में मौसम और प्रकाश एक अहम भूमिका निभाता है। ऐसे में 40 से अधिक शीर्ष स्तर के प्रतिद्वंदियों के खिलाफ खेलते हुए कई जीत दर्ज करना एक बड़ी उपलब्धि है।

25 वर्षीय एथलीट ने एक सीज़न को बतौर ओवरऑल, स्लैलम, जायंट स्लैलम और सुपर-जी वर्ल्ड कप चैंपियन बेहतरीन तरीके से खत्म किया। ऐसा करने वाली Shiffrin पहली स्कीयर रहीं। इसके अलावा उन्होंने स्लैलम और सुपर-जी 2019 वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी गोल्ड मेडल हासिल किया।

Shiffrin के गेम में शामिल होने पर उनके उपलब्धियों की संख्या बढ़ती रहती है। 24 साल की उम्र में, जनवरी 2020 के अंत में उन्होंने अपनी 66वीं वर्ल्ड कप जीत हासिल की। इस उपलब्धि के बाद उनका नाम ऑल टाइम लिस्ट में तीसरे स्थान पर आ गया। इस लिस्ट में शीर्ष पर मौजूद दिग्गज स्वीडिश रेसर इंगमार स्टेनमार्क का मानना है कि Mikaela Shiffrin एक दिन इस लिस्ट में सबसे ऊपर होंगी। साथ ही वे 100 से अधिक बार वर्ल्ड कप पोडियम पर जगह बनाने वाली पहली और शायद एकमात्र स्कीयर होंगी।

Shiffrin ने अपना 66वां वर्ल्ड कप जीतने के बाद एनबीसी से बातचीत में कहा था, "इस समय मुझे जिस चीज पर सबसे ज्यादा गर्व है, वह यह है कि मैं स्लैलम, जायंट स्लैलम, सुपर-जी और डाउनहिल में जीतना जानती हूं, जिसकी मैंने कभी उम्मीद नहीं की थी।"

Shiffrin के खाते में फिलहाल दो ओलंपिक गोल्ड मेडल और एक सिल्वर मेडल शामिल है और अपने तीसरे ओलंपिक (बीजिंग 2022 विंटर ओलंपिक) में हिस्सा ले रही हैं। इन उपलब्धियों के साथ वे सबसे बेहतरीन अमेरिकी अल्पाइन स्कीयर के रूप में सामने आई हैं। लेकिन ऐसा लगता है कि अभी बहुत कुछ आना बाकी है। सोची 2014 में Shiffrin ने स्लैलम का खिताब जीता था जिसकी कई लोगों ने भविष्यवाणी भी थी। लेकिन प्योंगचांग 2018 में गोल्ड जीतने का उनका सपना पूरा नहीं हो सका।

हालांकि, उन्होंने इसके बावजूद एक ओलंपिक गोल्ड मेडल हासिल किया। ये मेडल उन्हें ऐसे डिसिप्लीन में मिला जिसे उन्होंने 2014 के ओलंपिक के दौरान प्रतिस्पर्धा करने के लिए अयोग्य महसूस किया था। जायंट स्लैलम इवेंट में, प्योंगचांग 2018 में गोल्ड मेडल जीतने के बाद Shiffrin ने कहा, “ये मेरे करियर का सबसे पसंदीदा पल है।” उन्होंने कहा, “जो कुछ भी मिला है इन सभी चीजों की मैंने आशा की थी।”

हालांकि, पिता को खोने के बाद Mikaela Shiffrin की दुनिया बदल गई है। लेकिन स्कीइंग पर हावी होने की उनकी क्षमता अब भी उतनी ही और वैसी ही है। पिता और दादी के निधन के बाद पिछले दो साल में उनके सामने काफी व्यक्तिगत चुनौतियां आई लेकिन वे एक बार फिर से हमेशा की तरह तेजी से स्कीइंग कर रही है और अपने खेल से प्यार करना सीख रही है। 73 वर्ल्ड कप जीत चुकी Shiffrin अब इंगमार स्टेनमार्क द्वारा बनाए गए 86 जीत के रिकॉर्ड को हासिल करने के काफी करीब हैं।

कोविड महामारी से बाधित हुए वर्ल्ड कप सीजन के दौरान Shiffrin ने कई व्यक्तिगत दुखद घटनाओं को झेला। इसके कारण वे एक सीजन में रिकॉर्ड 17 जीत से तीन जीत तक पहुंच गई। हालांकि, उनके अंदर अब भी स्कीइंग की भूख है और वे त्रासदियों से उभर कर बेहतर और मजबूत वापसी के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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