मेंस एशियन चैंपियंस ट्रॉफी हॉकी: सेमीफाइनल में भारत को जापान से 5-3 से मिली हार

जापान के काउंटर-अटैक्स काफी जबरदस्त थे और उनकी मैन-मार्किंग डिफेंस ने भारतीय अटैक को कमजोर कर दिया। भारत अब तीसरे स्थान के लिए पाकिस्तान के साथ खेलेगा। 

लेखक रौशन कुमार वर्मा
फोटो क्रेडिट 2021 Getty Images

मंगलवार को बांग्लादेश के ढाका में मौलाना भाषणी हॉकी स्टेडियम में आयोजित मेंस एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2021 के सेमीफाइनल में भारतीय हॉकी टीम, जापान के खिलाफ खेलते हुए 5-3 से हार गई है।

भारत अब तीसरे स्थान के लिए पाकिस्तान के खिलाफ बुधवार को खेलेगा। वहीं साउथ कोरिया ने पाकिस्तान को सेमीफाइनल में 6-5 से हराकर फाइनल में जगह बना ली है।

संयुक्त गत चैंपियन, भारतीय हॉकी टीम ने मैच के पहले कुछ ही मिनटों में दो गोल किए। 

2018 एशियन गेम्स के गोल्ड मेडलिस्ट जापान ने ब्लॉक से बाहर आते हुए अपने पहले हमले के साथ पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया। दो बार चूकने के बाद जापान को पेनल्टी स्ट्रोक मिला, जिसे शोता यामादा ने गोल में तब्दील कर दिया।

जापान ने अपने प्रयासों के बाद एक और पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया और भारतीय कस्टोडियन सूरज करकेरा, रायकी फुजीशिमा के लो ड्राइव को रोक नहीं सके।

इसके बाद भारतीय टीम ने गेम पर अपनी पकड़ बनाई और गेंद को अपने कंट्रोल में कर लिया लेकिन पहले क्वार्टर के बचे हुए समय में वो जापानी सर्किल में घुसने में नाकाम रहे। हालांकि भारत की ओर से पहले से अधिक मजबूत अटैक ने गोल के अंतर को आधा करने में मदद किया। 

कप्तान मनप्रीत सिंह ने राइट विंग की ओर से अटैक किया, हालांकि वहां पर कुछ कन्फ्यूजन की स्थिति हो गई थी लेकिन बाद में दिलप्रीत सिंह ने गेंद को गोल तक पहुंचा दिया।भारत ने इसके बाद बेहतर अटैक किया और एक पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया लेकिन वरूण कुमार के ड्रैग फ्लिक को जापान ने बचा लिया। वहीं इसके तुरंत बाद सुमित ने एक आसान सा गोल मिस कर दिया।

जापान की ओर से एक रेयर अटैक ने उन्हें एक और पेनल्टी कॉर्नर दिलाया। केंटा तनाका ने योशिकी किरीशता को गेंद दिया और उन्होंने गोल कर जापान को 3-1 से आगे कर दिया।

जापान ने इसके बाद डिफेंस को अधिक मजबूत किया और मैदान में भारत के लिए सभी रास्तों को बंद कर दिया, जिससे मनप्रीत सिंह के क्रिएटिव आउटलेट को दबा दिया।

जापान की ओर से काफी जबरदस्त काउंटर अटैक किए गए, कोसी कावाबे और रयोमा ओका ने दो मौकों को गोल में बदलकर 5-1 के अंतर के साथ मैच को भारत की पकड़ से दूर कर दिया।

टोक्यो 2020 के कांस्य पदक विजेताओं ने इसके बाद गोल के कई प्रयास किए। ललित उपाध्याय की ओर से ड्राइव किया गया जिसे जापानी गोलकीपर ने बचा लिया और सर्किल के अंदर शमशेर सिंह के क्रॉस को खतरनाक करार दे दिया गया।

मैच में 6 मिनट बाकी रहते हुए भारत ने एक पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया जिसे हरमनप्रीत सिंह ने ड्रैग फ्लिक कर गोल में बदल दिया और हार के अंतर को 2-5 तक पहुंचा दिया।

भारत ने मैच के अंतिम क्षणों में और अधिक तेजी के साथ अटैक किया। हार्दिक सिंह ने मैच में एक मिनट बाकी रहते हुए एक गोल किया लेकिन भारतीय टीम की वापसी के लिए काफी देर हो चुकी थी और जापान ने इस मैच को काफी आसानी से अपने नाम कर लिया।

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