मिलिए शीतकालीन ओलंपिक खेल इतिहास के कुछ सबसे सफल खिलाड़ियों से 

कौन हैं वह खिलाड़ी जिन्होंने शीतकालीन ओलंपिक खेलों में अपना वर्चस्व कई सालों तक स्थापित किया? कौन हैं वह खिलाड़ी जो कई पदक जीत चुके हैं?

फोटो क्रेडिट 2018 Getty Images

ओलंपिक खेलों में एक भी पदक जीतना किसी भी खिलाड़ी के लिए बहुत बड़ी बात होती है और शायद उसके जीवन का सर्वश्रेष्ठ क्षण लेकिन कुछ खिलाड़ी ऐसे होते हैं जो इस प्रतियोगिता में वह कर दिखाते हैं जो सदैव इतिहास के पन्नों में लिख दिया जाता है। बीजिंग 2022 आपको बताएगा शीतकालीन ओलंपिक इतिहास के कुछ सबसे सफल खिलाड़ियों के बारे में:

Claudia Pechstein (जर्मनी), स्पीड स्केटिंग - 9 पदक (5 स्वर्ण, 2 रजत, 2 कांस्य) 

Pechstein
फोटो क्रेडिट 2013 Getty Images

यूरोप के देशों का शीतकालीन ओलंपिक खेलों में हमेशा दबदबा रहा है और अगर स्पीड स्केटिंग की बात करें तो किसी भी खिलाड़ी ने Claudia Pechstein की तरह सफलता नहीं पायी है। शीतकालीन ओलंपिक खेलों के इतिहास में सिर्फ पांच खिलाड़ियों ने पांच या अधिक स्वर्ण पदक जीते हैं जिनमे जर्मनी Pechstein शामिल हैं। उन्होंने अपने जीवन के पहली ओलंपिक प्रतियोगिता में 1992 में भाग लिया था और 1500 मीटर वर्ग में रजत पदक अपने नाम किया। एक युवा प्रतिभा से महान खिलाड़ी बनने में Pechstein ने ज़्यादा समय नहीं लगाया।

अपने जीवन का पहला ओलंपिक स्वर्ण 1994 खेलों की 5000 मीटर्स प्रतियोगिता में जीता और उसके बाद 1998 और 2002 में फिर स्वर्ण अपने नाम किया। ओलंपिक सफलता के अलावा वह विश्व सिंगल डिस्टेंस चैंपियनशिप भी कई बार जीत चुकी हैं। उन्होंने अपने अंतिम ओलंपिक पदक 2006 में जीता।

Stefania Belmondo (इटली), क्रॉस कंट्री स्कीयर - 10 पदक (2 स्वर्ण, 3 रजत, 5 कांस्य)

Belmondo

ओलंपिक खेलों में 10 या ज़्यादा पदक जीतने का कमाल इतिहास में सिर्फ 6 खिलाड़ियों ने किया है और इटली की Belmondo उनमे से एक हैं। क्रॉस कंट्री स्कीइंग एक ऐसा खेल है जिसमे नॉर्वे ने अपना दबदबा बनाये रखा है और जब वह एक युवती थीं तो Belmodo के वज़न के कारण उनके इस खेल में सफल होने पर संदेह था। एक बहुत ही छोटे गाँव से आने वाली Belmondo ने 1992 में अपने पहले ओलंपिक खेलों में भाग लिया और महिला क्रॉस कंट्री प्रतियोगिता के 30 किमी वर्ग में स्वर्ण जीता। कई विशेषज्ञ और उनके फैन Belmondo की सहनशक्ति अथवा चोट लगने के बाद उनकी वापसी करने को उनका सबसे बड़ा अस्त्र है।

जब भी Belmondo के सामने जीवन में एक बड़ी चुनौती आयी तो उन्होंने शानदार वापसी करते हुए सबको हैरान किया। इस बात का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है की अपने जीवन के अंतिम ओलंपिक खेलों (2002 साल्ट लेक सिटी) में स्वर्ण अपने नाम किया।

Bjørn Dæhlie (नॉर्वे), क्रॉस कंट्री स्कीयर - 12 पदक (8 स्वर्ण, 4 रजत)

Bjorn Daelhie
फोटो क्रेडिट Bongarts

इतिहास के सबसे सफल शीतकालीन ओलंपिक खिलाड़ियों में से एक Dæhlie ने नॉर्वे को सबसे सफल देश बनाने में बहुत बड़ा योगदान दिया है। अल्बर्टविल्ले में आयोजित हुए 1992 ओलंपिक खेलों में उन्होंने एक रजत और तीन स्वर्ण पदक जीते। उसके बाद उन्होंने विश्व स्तर पर अपना शानदार फॉर्म जारी रखा और जब ओलंपिक खेलों की मेज़बानी उनके देश ने की तो Dæhlie ने चार स्वर्ण जीते और अपने आप को विश्व पटल पर सबसे बेहतरीन खिलाड़ियों में से एक के रूप में स्थापित किया।

चार साल बाद Dæhlie ने अपने जीवन के अंतिम ओलंपिक खेलों और अंतिम रेस में स्वर्ण जीत कर अपनी महानता को पूरे विश्व के सामने एक बार फिर दिखाया।

Ole Einar Bjørndalen (नॉर्वे), बैथलॉन - 13 पदक (8 स्वर्ण, 4 रजत, 1 कांस्य) 

Ole Einar
फोटो क्रेडिट 2010 Getty Images

नॉर्वे शीतकालीन ओलंपिक खेलों के इतिहास का सबसे सफल देश है और Bjørndalen दुसरे सबसे सफल खिलाड़ी हैं। बैथलॉन की दुनिया में एक युवा प्रतिभा के रूप में उभरे Bjørndalen ने 20 वर्ष की आयु में 1994 खेलों में भाग लिया और हालांकि वह पदक नहीं जीत पाए, यह अनुभव उनके लिए बेहतरीन रहा। अपने देश में ओलंपिक पदक जीतने का सपना अधूरा रहने के बाद उन्होंने 1998 में एक स्वर्ण अथवा एक रजत जीता। एक युवा होने के कारण जब Bjørndalen ने अपने तीसरे ओलंपिक खेलों में भाग लिया तो वह चरम पर थे और इसका परिणाम पदक तालिका में नज़र आया।

उन्होंने बैथलॉन में सारे वर्गों में स्वर्ण जीते और इतिहास के सबसे शानदार प्रदर्शनों में से एक दिखाया। साल 2006 में वह स्वर्ण तो नहीं जीत पाए लेकिन Bjørndalen का प्रदर्शन बेहतरीन रहा और उन्होंने दो रजत अथवा एक कांस्य जीता।

Marit Bjørgen (नॉर्वे), क्रॉस कंट्री - 15 पदक (8 स्वर्ण, 4 रजत, 3 कांस्य) 

Marit Bjorgen Photo
फोटो क्रेडिट 2018 Getty Images

खेल विशेषज्ञों से अगर पूछें तो इस बात को उन्हें कहने में कोई संदेह नहीं होगा की नॉर्वे के Marit Bjørgen शीतकालीन ओलंपिक खेलों की दुनिया में Marit Bjørgen वही स्थान पाते हैं जो Michael Phelps का ग्रीष्मकालीन खेलों में है। नॉर्वे की इस महान क्रॉस कंट्री स्कीयर ने अपना करियर सिर्फ 19 वर्ष की आयु में शुरू किया था और वह न केवल व्यक्तिगत बल्कि टीम प्रतियोगिताओं में सफल रह चुकी हैं।

विश्व कप प्रतियोगिताओं में अनेक पदक जीतने वाली Marit Bjørgen ने अपना पहला ओलंपिक पदक 2006 में जीता था लेकिन पहला स्वर्ण जीतने के लिए उन्हें 2010 तक प्रतीक्षा करनी पड़ी। साल 2010 के वैंकूवर खेलों में उन्होंने स्वर्ण अपने नाम किया। सोची 2014 और प्योंगचंग 2018 में उन्होंने अपना शानदार फॉर्म बरक़रार रखा और पांच स्वर्ण जीते। उनका रिकॉर्ड तोड़ पाना किसी भी खिलाड़ी के लिए बराबर करना कठिन होगा।

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