मनु भाकर ने टोक्यो 2020 की विफलता पर चुप्पी तोड़ी 

कई विश्व कप स्वर्ण पदक विजेता ने अपने पहले ओलंपिक प्रदर्शन के दौरान जिस दबाव का सामना किया, उस पर खुल कर बात की। 

लेखक दिनेश चंद शर्मा
फोटो क्रेडिट Getty Images

कई विश्व कप स्वर्ण पदक विजेता मनु भाकर (Manu Bhaker) निराश होकर घर लौटीं। क्योंकि, वह महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल, 25 मीटर पिस्टल और मिश्रित 10 मीटर एयर पिस्टल तीनों स्पर्धाओं के फाइनल में क्वालीफाई करने में विफल रहीं। उन्होंने टोक्यो 2020 में अपनी पहली ओलंपिक उपस्थिति दर्ज की थी।  

वास्तव में, भाकर 2018 से एक जैसा प्रदर्शन करने के बाद टोक्यो 2020 में तीन आयोजनों में देश का प्रतिनिधित्व करने वाली अकेली भारतीय निशानेबाज थीं। उन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों (CWG), विश्व कप और एशियाई शूटिंग चैंपियनशिप में पोडियम स्थान हासिल किया। 

हालांकि, किशोर निशानेबाज ने स्वीकार किया कि उन्होंने ओलंपिक का दबाव झेला था। 

भाकर ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, "यह पहली बार था, जब मैंने इतना दबाव महसूस किया था। मैं रात में सो नहीं सकी। यह एक रोलरकोस्टर था। बिल्कुल, अप्रत्याशित था। मैं अपेक्षा के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर सकी। मैं बहुत निराश थी। दिन में भी मैं चिंतित और अस्तव्यस्त महसूस कर रही थी। प्रतियोगिता को लेकर चिंतित थी। क्योंकि, चीजें मेरे हिसाब से नहीं हुईं।" 

इसके अलावा, महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा के दौरान उनकी पिस्टल में एक तकनीकी खराबी ने टोक्यो 2020 में उनकी परेशानी को और बढ़ा दिया। उन्होंने स्वीकार किया कि ओलंपिक खेलों के दौरान गड़बड़ ने उसे झकझोर दिया था।

मनु भाकर भी इंटरनेशनल ऑनलाइन शूटिंग चैंपियनशिप में लेंगी हिस्सा। तस्वीर साभार: ISSF

भाकर ने कहा, "जब मैंने लीवर को ठीक किया और ग्रिप को एडजेस्ट करके सर्किट डाला, तो उसने काम करना बंद कर दिया। तो यह एक दोहरी समस्या की तरह था। मेरे दिमाग ने काम करना बंद कर दिया था। मैं एक एयर पिस्टल में इतनी सारी समस्याओं की उम्मीद नहीं कर रही थी। मैंने सर्किट भी बदल दिया और अपनी लेन में चली गई और गोले में देखने लगी।"  

"मैंने खुद पिस्टल बदलने के बारे में सोचा था, लेकिन आयोजकों के सिस्टम को कंप्यूटर पर साइटिंग मोड नहीं मिल सका। मेरा समय बीत रहा था, इसलिए मुझे शूट करना पड़ा। मेरे पास कोई विकल्प नहीं था।" 

इसके अलावा, भाकर का मानना है कि अनुभव ने उन्हें आलोचना से निपटने में मदद की है। 

भाकर ने कहा, "मैं समझा नहीं सकती। मैं अपनी भावनाओं को लेकर स्पष्ट नहीं हूं। मैं दुखी और निराश थी। मुझे उस रात नींद नहीं आई। यह भी कोई सवाल है? बेशक यह स्पष्ट है (मैं टूट गई)।”  

उन्होंने कहा, "यह (आलोचना) ठीक है। लोग मेरी सराहना भी करते हैं। कुछ लोग आपको नीचा दिखाने की कोशिश करेंगे, चाहे कुछ भी हो जाए। इसी तरह बहुत से ऐसे भी होंगे, जो किसी के साथ खड़े होंगे चाहे कुछ भी हो। यह मुझ पर है कि मैं किसकी तरफ देखती हूं।”

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