एथलीटों के बारे में जानिए: कौन हैं 4x400 मीटर पुरुष रिले टीम के सदस्य?

भारतीय पुरुषों की 4x400 मीटर रिले टीम ने विश्व रैंकिंग कोटा के माध्यम से टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया। 

लेखक भारत शर्मा

विश्व रैंकिंग कोटे के माध्यम से टोक्यो 2020 के लिए क्वालीफाई करने के बाद भारत लगातार दूसरे ओलंपिक के लिए 4×400 मीटर पुरुष रिले में शामिल होगा।

पुरुषों की रिले टीम रोड टू टोक्यो रैंकिंग में 13वें स्थान पर थी, जिसमें शीर्ष-16 टीमों ने ओलंपिक के लिए कट बनाया हैं। उन्होंने अपनी रैंकिंग बढ़ाने के लिए जून के अंतिम सप्ताह में पटियाला में अंतरराज्यीय एथलेटिक्स मीट में सीजन का सर्वश्रेष्ठ 3:01.89 हासिल किया।

एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (AFI) ने पुरुषों की 4×400 मीटर रिले टीम में मोहम्मद अनस, अमोज जैकब, अरोकिया राजीव, नोह निर्मल टॉम और नागनाथन पांडी को शामिल किया है। 

आइये, जानें उन एथलीटों के बारे में, जो ट्रैक इवेंट में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे:

मोहम्मद अनस याहिया (Muhammed Anas Yahiya)

26 वर्षीय, को 'नीलामेल एक्सप्रेस' के नाम से जाना जाता है। वो पिछले कुछ सालों से भारत के प्रमुख क्वार्टरमिलर रहे हैं। उनके पास वर्तमान में 400 मीटर में 45.21 सेकेंड का राष्ट्रीय रिकॉर्ड है, जो उन्होंने चेक गणराज्य में क्लाडनो एथलेटिक्स मीट में हासिल किया था।

उन्होंने 2018 में जकार्ता के एशियाई खेलों में तीन पदकों के साथ वापसी कर अपनी गुणवत्ता पर मुहर लगाई। उन्होंने मिश्रित 4x400 मीटर रिले में स्वर्ण, पुरुषों की 400 मीटर में रजत और पुरुषों की 4x400 मीटर रिले में रजत पदक पर कब्जा जमाया।

अनस का 2016 में रियो ओलंपिक में प्रदर्शन निराशाजनक रहा था। वह 400 मीटर स्पर्धा के सेमीफाइनल में आगे नहीं बढ़ पाये और 4x400 मीटर पुरुष रिले टीम के लिए अयोग्य घोषित कर दिये गए।

अनस ने न्यू इंडियन एक्सप्रेस को 2020 में बताया था, “यह मेरा दूसरा ओलंपिक होगा। मुझे अब चीजों की बेहतर समझ है। इसलिए जब ओलंपिक आएगा, तो मैं बेहतर तरीके से तैयार रहूंगा। ओलंपिक सबसे बड़ा मंच है। वहां परफॉर्म करना हर एथलीट का सपना होता है और मैं भी इससे अलग नहीं हूं। बिना इंतजार किए, मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की दिशा में काम कर रहा हूं।"

अमोज जैकोब (Amoj Jacob)

जैकब ने पिछले साल के लॉकडाउन की निराशा को दरकिनार करते हुए 2021 में अपनी कुछ बेहतरीन टाइमिंग रिकॉर्ड की।

23 वर्षीय, ने फरवरी में इंडियन ग्रां प्री II में 400 मीटर दौड़ में भाग लेकर सीजन की शुरुआत की, इसमें 46 सेकेंड का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ था। एक महीने बाद, उन्होंने पटियाला में फेडरेशन कप में अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ कम करके 45.68 सेकेंड कर दिया।

जैकब ने जून में द हिन्दू को बताया, “2019 से, मैं मुख्य रूप से ताकत पर ध्यान केंद्रित कर रहा हूं, जो मददगार साबित हुआ था। पहले मैं धैर्य पर ध्यान केंद्रित कर रहा था। खास तौर पर मैं 45 सेकेंड से कम पर दौड़ना चाहता हूं। अगर, इस साल ऐसा होता है, तो यह बहुत अच्छा होगा। 45 से नीचे जाने के लिए मुझे अपनी शुरुआत और अंत पर भी काम करना होगा। 80 से 250 मीटर तक के फ्लोटिंग वाले हिस्से पर भी ध्यान देना होगा।”

यह उनका पहला मल्टी-स्पोर्ट इवेंट होगा, लेकिन जैकब को भरोसा है कि भारत 4x400 मीटर पुरुष रिले इवेंट में अच्छा प्रदर्शन करेगा।

दिल्ली के एथलीट ने कहा, “पहली बार, हमारे पास चार धावक हैं, जो 46 सेकेंड से नीचे गए हैं। अगर हम टोक्यो में ऐसा कर पाते हैं, तो हम 4×400 में शीर्ष पांच में जगह बना सकते हैं।”

अरोकिया राजीव (Arokia Rajiv)

भारतीय सेना में एक जूनियर कमीशंड अधिकारी (JCO) राजीव तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली के एक छोटे से गांव से आते हैं। एक ट्रक ड्राइवर के बेटे राजीव के पास दौड़ के लिए जूते खरीदने तक के पैसे नहीं होते थे। जब, उन्होंने एथलेटिक्स में शुरुआत की, तो एक राज्य मीट में भाग लेने के लिए उन्हें एक दोस्त से जूते मांगने पड़े।

30 वर्षीय, ने एक लंबा सफर तय किया है। 2018 एशियाई खेलों में अनस की तरह उन्होंने ने भी 4x400 मीटर मिश्रित रिले टीम और 4x400 मीटर पुरुष रिले टीम में भाग लेकर क्रमश स्वर्ण और रजत पदक जीता था। उन्होंने इंचियोन में 2014 एशियाई खेलों में 400 मीटर व्यक्तिगत स्पर्धा में कांस्य पदक भी जीता है।

पिछले साल लॉकडाउन के दौरान खुद को तैयार करने के लिए संघर्ष करने वाले राजीव ने मार्च में फेडरेशन कप में अपने सीजन का सर्वश्रेष्ठ 46.52 सेकेंड हासिल किया था। लेकिन, उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ 45.37 सेकेंड है, जो उन्होंने दोहा में 2019 विश्व चैंपियनशिप में हासिल किया था।

नोह निर्मल टॉम (Noah Nirmal Tom)

टॉम आमतौर पर भारतीय रिले टीमों में एंकर की तरह रहे हैं। 2019 विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 4x400 मीटर मिश्रित रिले स्पर्धा के लिए ओलंपिक क्वालीफिकेशन हासिल करने वाले भारत के अंतिम धावक थे।

उन्होंने पिछले साल भारतीय फिल्म स्टार अर्जुन कपूर (Arjun Kapoor) के साथ एक चैट शो के दौरान कहा था, "जब मुझे बैटन सौंपा गया, तो भारत पांचवें स्थान पर था। अंतिम 10 मीटर में हम तीसरे स्थान पहुंचे और क्वालीफाई किया। यह एक लड़ाई थी। यह फुटबॉल मैच के आखिरी मिनट की तरह है। उस भारतीय जर्सी को अपने हाथों में पाकर गर्व का क्षण था।”

फुटबॉल के बहुत बड़े प्रशंसक केरल के एथलीट ने 11वीं कक्षा में एथलेटिक्स को चुना था।

400 मीटर में 26 वर्षीय का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ अगस्त, 2019 में 45.75 सेकेंड है।

नागनाथन पांडी (Naganathan Pandi)

अपने कई साथी भारतीय एथलीटों की तरह ही नागनाथन ने भी संघर्ष भरा जीवन व्यतीत किया है। उनके पिता किसान और मां गृहिणी थीं। उनके पिता छह लोगों के परिवार का मुश्किल से भरण-पोषण कर पा रहे थे। नागनाथन अपने परिवार की मदद के लिए सप्ताहांत में निर्माण मजदूर के रूप में काम करते थे।

उन्होंने जुलाई में न्यू इंडियन एक्सप्रेस को बताया, "जब, मैंने स्कूल में दौड़ में हिस्सा लेना किया, तब मैं जूते नहीं खरीद सकता था। इसलिए, मैं नंगे पैर दौड़ता था। जब, डिस्ट्रिक्ट स्पोर्ट्स मीट में गया, तो स्कूल ने एक जोड़ी जूते गिफ्ट किए।”

खेल ने उन्हें नाम दिया। इंजीनियरिंग कॉलेज की फीस नहीं होने के कारण नागनाथन ने इतिहास में डिग्री ली। उन्हें 2017 में स्पोर्ट्स कोटा के माध्यम से सशस्त्र रिजर्व बल में कांस्टेबल के रूप में भर्ती किया गया था।

पुलिस कांस्टेबल बने 25 वर्षीय ने मार्च में पटियाला के फेडरेशन कप में 400 मीटर में 46.09 सेकेंड का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, जिसकी मदद से उन्होंने पुरुषों की 4×400 मीटर रिले टीम में जगह बनाई।

कब एक्शन में नजर आएगी 4x400 मीटर पुरुष रिले टीम?

टोक्यो 2020 में भारत की 4x400 मीटर पुरुष रिले टीम शुक्रवार शाम हीट में हिस्सा लेगी।