ज्योति सुरेखा वेन्नम ने विश्व चैंपियनशिप की सफलता के बाद लगातार अच्छे प्रदर्शनों की चुनौतियों का किया खुलासा 

भारतीय कंपाउंड तीरंदाज ने हाल ही में अमेरिका में संपन्न विश्व चैंपियनशिप में तीन रजत पदक जीते थे।

लेखक दिनेश चंद शर्मा

भारतीय कंपाउंड तीरंदाज ज्योति सुरेखा वेन्नम (Jyothi Surekha Vennam) अपने करियर में शानदार दौर से गुजर रही हैं। क्योंकि, उन्होंने हाल ही में अमेरिका के यांकटन में संपन्न विश्व चैंपियनशिप में तीन रजत पदक (व्यक्तिगत, मिश्रित टीम, टीम) हासिल किए हैं। 

विजयवाड़ा की तीरंदाज ने व्यक्तिगत स्पर्धा के क्वार्टर फाइनल में उल्लेखनीय रूप से 150 का स्कोर किया था, लेकिन पांच बार की विश्व कप चैंपियन और शीर्ष वरीयता प्राप्त सारा लोपेज (Sara Lopez) से फाइनल में दो अंक (146-144) से हार गई। 

हालांकि, हवा के कारण परिस्थितियों को उसके लिए चुनौतीपूर्ण बनाने के बावजूद, वह अपने लगातार अच्छे प्रदर्शन से संतुष्ट थीं। 

वेन्नम ने Olympics.com से कहा, "मुझे 13 साल (तीरंदाजी में) हो गए हैं। मैंने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं, लेकिन वर्तमान में यह मेरा सबसे भाग्यशाली समय है। क्योंकि, मैं लगातार अच्छा कर रही हूं और देश के लिए पदक जीत रही हूं।" 

उन्होंने कहा, "हमें कई कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। क्योंकि, क्वालीफिकेशन के दौरान हवा चल रही थी, लेकिन धीरे-धीरे बेहतर होती गई। लेकिन, फाइनल (मिश्रित टीम और टीम) में भी हवा चल रही थी। फिर भी हम अच्छा प्रदर्शन करने में सफल रहे।" 

लेकिन, हर चीज के फायदे और नुकसान होते हैं। 25 वर्षीय ने इस बात पर प्रकाश डाला कि विश्व चैंपियनशिप में उनके उल्लेखनीय प्रदर्शन के कारण आने वाले आयोजनों में उनसे अच्छे प्रदर्शन की उम्मीदें होंगी। हालांकि, वह अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन पर भी केंद्रित रहना चाहती है।

वेन्नम ने कहा, "मुझे अच्छा प्रदर्शन करने की संतुष्टि है। लेकिन, जब तक मैं टूर्नामेंट में भाग ले रही हूं, तब तक अपनी शारीरिक शक्ति और मानसिक दृढ़ता को बनाए रखना महत्वपूर्ण है। मुझे लगता है कि जब आप अच्छा कर रहे हों, तब भी कड़ी मेहनत करना जरूरी है।" 

उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि लगातार शूटिंग करना और देश के लिए पदक जीतना महत्वपूर्ण है। एक बार, जब आप अच्छा प्रदर्शन कर रहे होते हैं, तो यह आप पर बहुत दबाव पैदा करता है। क्योंकि, हर कोई आपके द्वारा खेले जाने वाले प्रत्येक टूर्नामेंट में आपसे पदक की उम्मीद करने लगता है। मुझे लगता है कि प्रदर्शन को एक जैसा बनाए रखना बहुत कठिन होता है।"  

इसके अलावा, 2015 की एशियाई चैंपियनशिप की स्वर्ण पदक विजेता अपने दिन के एक हिस्से का उपयोग मानसिक दृश्य तकनीक से गुजरने और आयोजनों के दौरान बेहतर ध्यान केंद्रित करने के लिए करती हैं। 

वह अपनी तकनीक को बनाए रखने के लिए प्रत्येक प्रशिक्षण सत्र में 300 तीर भी चलाती हैं और 13 नवंबर से बांग्लादेश में होने वाली एशियाई चैंपियनशिप से पहले राष्ट्रीय शिविर में शामिल होने वाली हैं। 

इस शीर्ष तीरंदाज ने कहा, "हाल ही में हमारे चयन ट्रायल हुए थे और इस सप्ताह से राष्ट्रीय शिविर शुरू हो रहे हैं। एक बार जब हम वहां जाएंगे, तो हमारी कोचिंग योजना जारी की जाएगी और हम उसी के अनुसार इसका अनुसरण करेंगे।" 

वह विश्व चैंपियनशिप की व्यक्तिगत स्पर्धा में अपने प्रदर्शन से एशियाई चैंपियनशिप में बेहतर प्रदर्शन करना चाहती हैं, ताकि घर स्वर्ण पदक के साथ वापसी कर सके।

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