इंडोनेशिया मास्टर्स: BWF वर्ल्ड टूर सुपर 750 टूर्नामेंट में कैसा रहा है भारत का रिकॉर्ड?

टोक्यो 2020 की कांस्य पदक विजेता पीवी सिंधु को आगामी इंडोनेशिया मास्टर्स के मुख्य ड्रॉ में दी गई है वरीयता

लेखक भारत शर्मा
फोटो क्रेडिट 2019 Getty Images

डबल-ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु और स्टार पुरुष युगल जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी-चिराग शेट्टी को इंडोनेशिया मास्टर्स 2021 के मुख्य ड्रॉ के लिए वरीयता दी गई है, जो 16 से 21 नवंबर तक बाली में खेला जाएगा।

टोक्यो 2020 में अपने ओलंपिक पदकों की सूची में कांस्य पदक को जोड़ने वाली सिंधु BWF वर्ल्ड टूर सुपर 750 टूर्नामेंट में तीसरी वरीयता प्राप्त है, जबकि उनकी चिर-परिचित विरोधी अकाने यामागुची और रत्चानोक इंतानोन क्रमशः नंबर 1 और 2 नंबर पर हैं। टोक्यो में ओलंपिक में पदार्पण करने वाले सात्विक-चिराग की भारतीय युगल जोड़ी छठी वरीयता प्राप्त है।

2010 में पहली बार इंडोनेशिया मास्टर्स में कदम रखने वाले भारतीय शटलरों ने केवल दो बार ही सफलता का स्वाद चखा है। आइए हम BWF वर्ल्ड टूर सुपर 750 टूर्नामेंट में भारतीय विजेताओं के प्रदर्शन पर डालते हैं एक नजर।

बैडमिंटन मैच के दौरान साइना नेहवाल

एचएस प्रणय, 2014

इंडोनेशिया मास्टर्स 2014 में पांचवीं वरीयता प्राप्त एचएस प्रणय टूर्नामेंट में जीत हासिल करने वाले पहले भारतीय शटलर थे।

दिल्ली में जन्मे इस खिलाड़ी ने अपने अभियान की शुरुआत इंडोनेशिया के पी सुद्रजात (21-14, 21-14), बी पांगिस्थु (21-17, 25-27, 21-18) और ई सुकटमा (21-18, 13-21, 21-15) को हराकर की थी। 

प्रणय ने क्वार्टर फाइनल में रियांतो सुबाग्जा के खिलाफ 21-13, 21-19 से अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा और सेमीफाइनल में मलेशिया के डैरेन ल्यू को 21-14, 14-21, 21-14 से तीन सैटों के रोमांचक मुकाबले में हराया था।

2010 के युवा ओलंपिक रजत पदक विजेता ने बाद में फाइनल में अपना मनोबल ऊंचा रखा और इंडोनेशिया के फ़िरमान अब्दुल खोलिक को 21-11, 22-20 से हराकर पुरुष एकल का खिताब अपने नाम किया।

साइना नेहवाल, 2019

लंदन 2012 की कांस्य पदक विजेता साइना नेहवाल ने 2019 में इंडोनेशिया मास्टर्स में अपनी पहली और एकमात्र सफलता का स्वाद चखा।

आठवीं वरीयता प्राप्त ने अपने अभियान की शुरुआत पहले दौर में डीडी अयुस्टीन को 7-21, 21-16, 21-11 से हराया था। इसके बाद दूसरे दौर में उन्होंने फितरियानी को 21-17, 21-15 से मात दी थी।

नेहवाल ने क्वार्टर फाइनल में थाई स्टार पोर्नपावी चोचुवोंग को 21-7, 21-18 से तथा सेमीफाइनल में छठी वरीयता प्राप्त ही बिंगजियाओ को 18-21, 21-12, 21-18 से हराकर खिताबी मुकाबले में अपनी जगह पक्की की थी।

इसके बाद फाइनल में रियो 2016 की स्वर्ण पदक विजेता कैरोलिना मारिन के पहले गेम के बीच में घुटने की चोट के कारण बाहर होने के बाद नेहवाल को महिला एकल खिताब का विजेता घोषित किया गया था।

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