WTT कंटेंडर बुडापेस्ट टेबल टेनिस के मुख्य ड्रॉ से एक जीत दूर भारत की दीया चितले और स्वास्तिका घोष

भारत की युवा टेबल टेनिस खिलाड़ियों ने क्वालीफाइंग के दूसरे दौर में अपनी जगह पक्की कर ली है, इससे पहले जीत चंद्रा भी यहां पहुंचे थे, बता दें कि सेलेना सेल्वाकुमार पहले ही बाहर हो चुके हैं।

लेखक प्रभात दुबे
फोटो क्रेडिट TTFI

रविवार को भारतीय टेबल टेनिस खिलाड़ी दिया चितले (Diya Chitale), रीथ टेनिसन (Reeth Tennison)  और स्वास्तिका घोष (Swastika Ghosh) ने WTT कंटेंडर बुडापेस्ट में वूमेंस सिंगल्स क्वालीफायर के दूसरे दौर में अपनी जगह पक्की कर ली है।

बता दें कि रविवार को हुए इस मुकाबले में दो बार की युवा राष्ट्रीय चैंपियन दीया चितले ने हंगरी के बुडापेस्ट ओलंपिक स्पोर्ट्स हॉल में चेक गणराज्य की कतेरीना टोमानोव्स्का (Katerina Tomanovska) को 3-1 (11-7, 9-11, 11-4, 11-9) से हराया।

मुख्य ड्रॉ में जगह बनाने के लिए उनका अगला मुकाबला सोमवार को सर्बिया की सबीना सुरजन (Sabina Surjan) से होगा।

जबकि रीथ टेनिसन ने इंग्लैंड के डेनिस पेएट (Denise Payet)  को 3-0 (11-8, 11-7, 11-2) के अंतर से हराया। और अब क्वालीफाइंग के दूसरे दौर में उनका मुकाबला सर्बिया की तिजाना जोकिक (Tijana Jokic)  से होगा।

जूनियर राष्ट्रीय चैम्पियन स्वास्तिका घोष ने स्लोवाकिया की एमा लाबोसोवा (Ema Labosova)  को 3-1 (11-7, 2-11, 11-5, 11-6) से हराकर वूमेंस सिंगल्स में तीन जीत दर्ज कर ली है, मुख्य ड्रॉ में जगह बनाने के लिए अब उनका सामना स्थानीय खिलाड़ी लियोनी हार्टब्रिच (Leonie Hartbrich) से होगा।

साथ ही अब सोमवार को श्रीजा अकुला (Sreeja Akula) की कोशिश होगी कि वो मुख्य ड्रॉ में जगह बना सके। उनका सामना सर्बिया की ड्रैगाना विग्नजेविक (Dragana Vignjevic) से होगा। बता दें कि श्रीजा अकुला को पहले दौर में बाई मिली थी।

भारत की सेलेना सेल्वाकुमार (Selena Selvakumar) रविवार को क्वालिफायर के पहले दौर में ज़्डेना ब्लास्कोवा (Zdena Blaskova) से 3-1 (7-11, 11-9, 7-11, 11-13) से हार गई। वूमेंस सिंगल्स में बाहर होने वाली वो एकमात्र खिलाड़ी थीं।

इससे पहले मेंस सिंगल्स खिलाड़ी जीत चंद्रा (Jeet Chandra) ने क्वालीफाइंग दौर में हंगरी के ओलिवर बोथ (Oliver Both) को 3-1 (4-11, 11-6, 11-2, 11-9) से शिकस्त दी थी।

जीत चंद्रा को मुख्य ड्रॉ में जगह बनाने के लिए क्वालीफाइंग के दो और राउंड से होकर गुजरना होगा।

बता दें कि WTT कंटेंडर बुडापेस्ट में वूमेंस सिंंगल्स में क्वालीफायर के दो राउंड होते हैं, जबकि मेंस सिंगल्स में तीन राउंड होते हैं।