पूर्व भारतीय फुटबॉल खिलाड़ी और ओलंपियन बाबू नारायण का निधन

पूर्व गोलकीपर ने 1956 और 1960 के ओलंपिक में भारतीय फुटबॉल टीम का प्रतिनिधित्व किया था। वह 86 साल के थे।

लेखक शिखा राजपूत
फोटो क्रेडिट Keystone/ Getty Images

गुरुवार को 1956 और 1960 के ओलंपिक में खेलने वाले पूर्व भारतीय फुटबॉलर एसएस 'बाबू' नारायण (SS ‘Babu’ Narayan) का महाराष्ट्र के ठाणे में उनके घर पर निधन हो गया, वह 86 साल के थे।

सुब्रमण्यम शंकर नारायण अपनी बेटी और बेटे के साथ रहते थे।

उनके परिवार के सदस्यों ने कहा कि कुछ दिन पहले एसएस नारायण की सर्जरी हुई थी और छुट्टी मिलने के बाद उन्हें कार्डियक अरेस्ट हुआ था।

उन्होंने मुंबई में घरेलू स्तर पर विभिन्न टीमों के साथ खेला। बाबू नारायण एक प्रसिद्ध गोलकीपर थे और उन्हें 1956 में मेलबर्न में हुए ओलंपिक के लिए भारतीय फुटबॉल टीम में जगह दी गई थी।

भारतीय गोलकीपर ने 1956 के मेलबर्न ओलंपिक में डेब्यू किया था। उन्होंने तत्कालीन यूगोस्लाविया के खिलाफ पीटर थंगराज के साथ मिलकर भारत को सेमीफाइनल में पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। 1956 के गेम्स में भारत चौथे स्थान पर रहा था।

बाबू नारायण ने रोम में 1960 के ओलंपिक में भी भारतीय फुटबॉल टीम का प्रतिनिधित्व किया और 1964 के एएफसी एशियाई कप में दूसरे स्थान पर रहने वाली राष्ट्रीय टीम का भी हिस्सा बने थे।

1958 के एशियाई खेलों में भी नारायण राष्ट्रीय टीम के लिए शॉट-स्टॉपर थे। कांस्य पदक के मैच में इंडोनेशिया से 4-1 की हार के बाद भारत खेलों में चौथे स्थान पर रहा।

10 साल के खेल में बाबू नारायण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नौ कैप अर्जित करने में सफल रहे।

 केरल के पलक्कड़ में जन्मे बाबू नारायण मुंबई फुटबॉल सर्किट में एक जाना-पहचाना चेहरा थे और अपने खेल के दिनों में माटुंगा स्टूडेंट्स, माटुंगा जिमखाना, कैल्टेक्स और टाटा स्पोर्ट्स क्लब का प्रतिनिधित्व करते थे।

दो बार के ओलंपियन 1964 में महाराष्ट्र के संतोष ट्रॉफी विजेता अभियान का भी हिस्सा थे।