वूमेंस हॉकी एशिया कप में भारत के प्रदर्शन पर डालें एक नज़र, दो बार चैंपियन रह चुकी है टीम

वूमेंस हॉकी एशिया कप के पहले संस्करण को छोड़कर, भारत ने इस टूर्नामेंट के हर संस्करण में हिस्सा लिया है। टीम इंडिया ने दो बार खिताब पर कब्जा जमाया है और चार बार टीम फाइनल तक पहुंची है।

लेखक रौशन प्रकाश वर्मा
फोटो क्रेडिट Getty Images

ओमान के मस्कट में 21 जनवरी से शुरु होने वाले वूमेंस हॉकी एशिया कप 2022 में मौजूदा चैंपियन अपना खिताब बचाने के लिए उतरेगी। टीम इंडिया ऐसा करने वाली सिर्फ दूसरी टीम है।

भारत ने चीन को फाइनल में हराकर वूमेंस हॉकी एशिया कप 2017 का खिताब जीता था। ये दूसरी बार था जब भारत को चैंपियन के खिताब से नवाजा गया था। इससे पहले भारत ने वूमेंस हॉकी एशिया कप का खिताब साल 2004 में जीता था।

साल 1985 के उद्घाटन संस्करण को छोड़कर भारतीय वूमेंस हॉकी टीम ने वूमेंस हॉकी एशिया कप के सभी संस्करणों में भाग लिया है। टीम ने इस टूर्नामेंट में अब तक आठ बार हिस्सा लिया है।

फाइनल तक पहुंचने की रेस में भारतीय टीम, साउथ कोरिया के बराबर है। दोनों ही टीमें सबसे ज्यादा चार बार फाइनल तक पहुंची हैं, लेकिन टीम इंडिया साल 1989 और 2007 में अपना बेहतरीन प्रदर्शन करने में असफल रही।  

आइए एक नज़र डालते हैं हर संस्करण में टीम इंडिया के प्रदर्शन पर

वूमेंस हॉकी एशिया कप में भारत 

1989 - चौथा स्थान

भारत ने वूमेंस हॉकी एशिया कप में अपना डेब्यू साल 1989 में किया था। भारत को चीन, जापान, हांगकांग और तत्कालीन चैंपियन साउथ कोरिया के साथ एक ग्रुप में रखा गया था। 

टूर्नामेंट राउंड-रॉबिन फॉर्मेट पर खेला गया था, जहां हर टीम को दूसरी टीम के खिलाफ एक बार खेलना था और चार मैचों के बाद जिस टीम के अंक सबसे ज्यादा होंगे उसे विजेता घोषित किया जाएगा। 

भारत ने टूर्नामेंट में अपनी शुरुआत हांगकांग के खिलाफ 2-0 से जीत से की। हालांकि वे अपना बाकी तीन मैच हार गए (चीन के खिलाफ 2-0 से, साउथ कोरिया के खिलाफ 3-0 से और जापान के खिलाफ 6-2 से)। इस तरह चार मैच खेलकर दो अंकों के साथ भारत का सफर इस टूर्नामेंट से खत्म हो गया। 

चीन ने अपने सभी चारों मैच में जीत हासिल की और उसे टूर्नामेंट का विजेता घोषित किया गया। 

1993 - तीसरा स्थान

टूर्नामेंट में ग्रुप स्टेज और नॉकआउट की शुरुआत साल 1993 से हुई। इस संस्करण में सात टीमों ने भाग लिया। ग्रुप ए में तीन टीम और ग्रुप बी में चार टीमों को जगह मिली। दोनों ही ग्रुप की शीर्ष दो टीमें सेमीफाइनल तक पहुंची। 

भारत को सिंगापुर और साउथ कोरिया के साथ ग्रुप ए में रखा गया था। भारत ने सिंगापुर के खिलाफ 6-0 से जीत दर्ज की और साउथ कोरिया के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ खेलकर अंतिम चार में जगह बनाई। 

हालांकि सेमीफाइनल में भारत को चीन के खिलाफ 3-0 से हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद टीम इंडिया ने जापान को 1-0 से हराकर तीसरा स्थान हासिल किया और कांस्य पदक के साथ पहली बार इस टूर्नामेंट में पोडियम पर अपनी जगह बनाई। 

साउथ कोरिया ने इस संस्करण के फाइनल में चीन को हराकर अपना दूसरा खिताब जीता। 

1999 - उप-विजेता

वूमेंस हॉकी एशिया कप का ये संस्करण 6 टीमों के साथ खेला गया था। सभी टीमों ने राउंड-रॉबिन फॉर्मेट में एक-दूसरे के खिलाफ एक बार खेला और शीर्ष दो टीमें फाइनल तक पहुंची। वहीं तीसरे और चौथे नंबर की टीम को कांस्य पदक के लिए मुकाबला करना पड़ा। 

टूर्नामेंट के इस संस्करण का आयोजन नई दिल्ली में किया गया था। भारत ने बेहतरीन शुरुआत करते हुए मलेशिया को 8-0 और कज़ाकस्तान को 9-0 से करारी शिकस्त दी थी। 

इसके बाद भारत ने जापान के खिलाफ 2-2 और चीन के खिलाफ 0-0 से ड्रॉ खेला और अंत में साउथ कोरिया पर 3-2 से एक रोमांचक जीत दर्ज की। 

भारत ने पांच मैच खेलकर कुल 11 प्वाइंट्स बनाए और टेबल में शीर्ष टीम बनी। भारत और साउथ कोरिया दोनों ने ही टूर्नामेंट में 22 गोल दागे थे। साउथ कोरिया टेबल में दूसरे नंबर की टीम बनी। इन्हीं दोनों टीमों के बीच 1999 वूमेंस हॉकी एशिया कप का फाइनल खेला गया। 

फाइनल मैच में साउथ कोरिया ने शुरुआती बढ़त बना ली थी। हालांकि हाफ टाइम के बाद भारत ने स्कोर को बराबर किया। मैच में सिर्फ चार मिनट का समय बचा था, तब भारत ने साउथ कोरिया पर 2-1 की बढ़त भी बना ली थी। लेकिन साउथ कोरिया ने बेहतरीन खेल दिखाते हुए मैच में दो मिनट रहते हुए स्कोर को 2-2 की बराबरी तक पहुंचा दिया और मैच गोल्डन गोल पीरियड में चला गया- जहां अगला गोल मारने वाली पहली टीम को विजेता घोषित किया जाता है।  

साउथ कोरिया ने गोल्डन गोल पीरियड के चार मिनट गुजरने के बाद अपना तीसरा गोल दागा और दूसरी बार खिताब पर कब्जा किया। वहीं, भारत को सिल्वर मेडल से ही संतोष करना पड़ा। 

2004 - चैंपियंस

वूमेंस हॉकी एशिया कप का आयोजन लगातार दूसरी बार दिल्ली में हो रहा था। इस बार दो ग्रुप में आठ टीमें प्रतिस्पर्धा का हिस्सा थीं। दोनों ही ग्रुप के दो शीर्ष टीमें सेमीफाइनल तक पहुंचीं।

भारतीय टीम पूल ए में थी। भारत ने मलेशिया के खिलाफ 4-2 की जीत से बेहतरीन शुरुआत की। इसके बाद चीन के साथ 1-1 से ड्रॉ खेला और अंत में कज़ाकस्तान के खिलाफ 8-0 से जीत दर्ज करके पूल में शीर्ष टीम बनी। 

भारत की महिला हॉकी टीम ने सेमीफाइनल में साउथ कोरिया को 5-0 से हराया और फिर फाइनल में 1-0 से जापान को हराकर पहली बार खिताब अपने नाम किया। 

2007 - चौथा स्थान

ये संस्करण 9 टीमों के साथ खेला गया, जिसमें 5 टीमें एक ग्रुप में जबकि 4 टीमें दूसरे ग्रुप में रखी गई थी। भारतीय टीम चीन, मलेशिया, थाईलैंड और सिंगापुर के साथ पूल ए में था।

पूल ए के अपने पहले मैच में भारत ने मलेशिया को 6-0 से हराया। इसके बाद टीम इंडिया ने थाईलैंड और सिंगापुर दोनों ही टीमों को 16-0 से करारी शिकस्त दी। भारत, चीन के खिलाफ 4-2 से हारकर पूल ए में दूसरे नंबर पर रहा।

मौजूदा चैंपियन भारत को साउथ कोरिया ने सेमीफाइनल में 5-2 से हराया। इसके बाद चीन के खिलाफ कांस्य पदक मैच में भारत को 4-2 से हार का सामना करना पड़ा और भारतीय टीम इस टूर्नामेंट में चौथे नंबर पर रही। ये पहली बार था जब भारत इस टूर्नामेंट में पोडियम पर जगह नहीं बना सका था। 

वहीं, जापान ने पेनल्टी शूट आउट में साउथ कोरिया को हराकर अपना पहला खिताब जीता। 

2009 - उप-विजेता

इस बार भारत को पूल ए में चीन, मलेशिया, सिंगापुर और थाईलैंड के साथ रखा गया। वूमेंस हॉकी एशिया कप का ये संस्करण 11 टीमों के साथ खेला गया था। पूल बी में 6 टीमों को शामिल किया गया था। 

भारतीय हॉकी टीम ने अपने पहले मैच में सिंगापुर को 13-0 से हराकर बेहतरीन शुरुआत की। इसके बाद अपने फॉर्म को बरकरार रखते हुए टीम ने थाईलैंड को 15-0 के बड़े अंतर से हराया। 

इसके बाद भारत ने मलेशिया और चीन के साथ 1-1 से ड्रॉ खेलकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। सेमीफाइनल में साउथ कोरिया को भारत के हाथों हार का सामना करना पड़ा। बता दें कि भारत लगातार तीसरी बार सेमीफाइनल में साउथ कोरिया के खिलाफ खेल रहा था। इस मैच में साउथ कोरिया को 3-2 से शिकस्त झेलनी पड़ी। 

हालांकि फाइनल में भारत को चीन ने 5-3 से हराकर दूसरी बार खिताब पर कब्जा जमाया। 

2013 - तीसरा स्थान

इस बार टूर्नामेंट आठ टीमों के साथ खेला गया, जिसे चार-चार टीमों को दो ग्रुप में बांटा गया। एक बार फिर से भारत को चीन, मलेशिया और हांगकांग के साथ पूल ए में रखा गया। 

हांगकांग के खिलाफ 13-0 की शानदार जीत से भारत ने टूर्नामेंट की शुरुआत की, जिसके बाद चीन ने भारत को 1-0 से हराया। अंतिम चार में जगह बनाने के लिए भारत ने मलेशिया की टीम को 2-0 से मात दी। 

एक बार फिर से भारतीय टीम सेमीफाइनल में साउथ कोरिया के खिलाफ खेल रही थी, लेकिन इस भारत को 2-1 से मात खानी पड़ी। 

कांस्य पदक के लिए चीन के खिलाफ खेला गया मुकाबला 2-2 से टाई रहा, जिसके बाद भारत ने पेनल्टी शूट आउट के दौरान 3-2 से जीत हासिल कर कांस्य पदक अपने नाम किया। 

फाइनल मैच में जापान ने साउथ कोरिया को हराकर दूसरी बार वूमेंस हॉकी एशिया कप का खिताब हासिल किया। 

2017 - चैंपियंस

2017 का वूमेंस हॉकी एशिया कप भी आठ टीमों के साथ खेला गया। भारत को चीन, मलेशिया और सिंगापुर के साथ पूल ए में रखा गया। 

हालांकि सभी टीमों को क्वार्टर फाइनल तक पहुंचने के लिए नॉकआउट मुकाबला खेलना था। दोनों पूल की शीर्ष टीम अपने पूल की बॉटम टीम के साथ खेलेगी। 

भारत ने सिंगापुर को 1-0, चीन को 4-1 और मलेशिया को 2-0 से हराकर ग्रुप में शीर्ष पर बनी रही। 

इसके बाद क्वार्टर फाइनल में भारत ने कज़ाकस्तान को 7-1 से हराया, फिर सेमीफाइनल में भी भारतीय टीम ने अपना दबदबा कायम रखते हुए जापान को 4-2 से शिकस्त दिया। 

चीन के खिलाफ फाइनल मैच खेलते हुए भारत ने बढ़त बनाई लेकिन चीन ने मैच का नॉर्मल टाइम खत्म होने तक 1-1 से बराबरी कर ली थी। 

हालांकि भारत ने अपना दूसरा खिताब जीतने के लिए चीन को पेनल्टी शूट आउट में 5-4 से हरा दिया।

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