भारत के टोक्यो 2020 पैरालंपिक खेलों के पदक विजेता

भारत ने टोक्यो पैरालंपिक में 18 पदक जीते हैं। निशानेबाज अवनि लखेरा पैरालंपिक में स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं।

लेखक ओलंपिक चैनल
फोटो क्रेडिट GETTY IMAGES

टेबल टेनिस खिलाड़ी भाविना पटेल (Bhavina Patel) ने टोक्यो 2020 पैरालंपिक खेलों के तीसरे दिन भारत के लिए पदक सुनिश्चित किया और इसी के साथ भारत का इस खेल में पदक का खाता खुला।

भाविना पटेल ने वूमेंस सिंगल्स टेबल टेनिस क्लास 4 कैटेगरी के सेमीफाइनल में पहुंचकर भारत के लिए पदक सुनिश्चित किया। बता दें कि टोक्यो पैरालंपिक टेबल टेनिस इवेंट के सेमीफाइनल में जगह बनाने वाले एथलीटों के लिए कांस्य पदक सुनिश्चित है।

पैरालंपिक खेलों की टेबल टेनिस स्पर्धा में यह भारत का पहला मेडल है।

यहां देखिए टोक्यो 2020 पैरालंपिक में भारतीय पदक विजेताओं की लिस्ट

भाविना पटेल - ब्रॉन्ज़ मेडल - वूमेंस सिंगल्स टेबल टेनिस क्लास 4 कैटेगरी

ग्रुप ए में ड्रॉ रही भाविना पटेल ने चीन की दुनिया की नंबर एक झोउ यिंग (Zhou Ying) के खिलाफ अपना पहला ग्रुप मैच गंवा दिया था। वहीं, यह भारतीय एथलीट का पैरालंपिक डेब्यू था।

हालांकि, ग्रेट ब्रिटेन की मेगन शैकलटन (Megan Shackleton) के खिलाफ अपने दूसरे ग्रुप एंगेजमेंट में भाविना पटेल ने शानदार वापसी की। जहां उन्होंने जीत हासिल करते हुए राउंड ऑफ 16 के लिए क्वालीफाई किया। वह यिंग के पीछे ग्रुप ए में दूसरे स्थान पर रहीं।

भारतीय ने नॉकआउट खेलों में अपना प्रदर्शन जारी रखा। जहां पहले राउंड ऑफ 16 में ब्राजील की जॉयस डी ओलिवेरा को 3-0 से हराया और सर्बिया की दुनिया की दूसरे नंबर की एथलीट बोरिसलाव रैंकोविक पेरीक को उसी स्कोर से हराकर अपना पदक सुनिश्चित किया।

हालांकि, स्वर्ण पदक मैच में भारतीय का झोउ यिंग के खिलाफ कड़ा मुकाबला देखने को मिला, आखिर में भाविना को रजत पदक से संतोष करना पड़ा।

निषाद कुमार - रजत पदक - मेंस हाई जंप T47

भारत के निषाद कुमार ने 2.06 मीटर की छलांग के साथ खुद का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और एशियन रिकॉर्ड की भी बराबरी की। इसकी बदौलत टोक्यो पैरालंपिक में मेंस हाई जंप T47 स्पर्धा में रजत पदक जीतने में सफल रहे।

यूएसए के रोडरिक टाउनसेंड-रॉबर्ट्स ने 2.15 मीटर की जंप मारकर ना केवल वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया बल्कि गोल्ड मेडल भी अपने नाम किया। जबकि उनके साथी अमेरिकी डलास वाइज ने निषाद कुमार के साथ सिल्वर मेडल जीता।

इस इवेंट में किसी को कांस्य पदक नहीं मिला क्योंकि दो खिलाड़ियों ने रजत पदक जीते हैं।

अवनि लखेरा - स्वर्ण पदक - महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल शूटिंग स्टैंडिंग SH1

अपने ओलंपिक डेब्यू में, अवनि लखेरा ने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल शूटिंग में SH1 वर्ग के फाइनल में स्वर्ण पदक जीतने के लिए 249.6 का नया पैरालंपिक रिकॉर्ड बनाया। यह इस कैटेगरी में वर्ल्ड रिकॉ़र्ड के बराबर है।

19 साल की अवनि लखेरा ने फाइनल में शानदार फॉर्म दिखाई और उन्होंने चीन की पैरालंपिक चैंपियन क्यूपिंग झांग और यूक्रेन की मौजूदा विश्व चैंपियन इरीना शचेतनिक को पीछे छोड़ गोल्ड मेडल जीता।

देवेंद्र झजारिया - रजत पदक - मेंस जेवलिन थ्रो F46

देवेंद्र झजारिया मेंस जेवलिन थ्रो F46 वर्ग में रजत पदक जीतकर भारत के सबसे सफल पैरालंपियन में से एक बन गए हैं। इससे पहले उन्होंने दो पैरालंपिक एथेंस 2004 और रियो 2016 में गोल्ड मेडल जीता था।

इसके साथ ही देवेंद्र ने जोगिंदर सिंह बेदी की बराबरी कर ली, जिनके नाम तीन पैरालंपिक पदक है। पैरालंपिक में जोगिंदर सिंह के नाम दो कांस्य और एक रजत पदक है।

देवेंद्र झजारिया ने फाइनल में 64.35 मीटर का नए विश्व रिकॉर्ड का थ्रो फेंका, जिसकी बदौलत उन्होंने अपना ही पिछला रिकॉर्ड तोड़ दिया।

हालांकि, श्रीलंका के दिनेश हेराथ ने 67.79 मीटर का और भी बेहतर थ्रो फेंका, जिसकी बदौलत उन्होंने ना केवल नया पैरालंपिक रिकॉर्ड बनाया बल्कि गोल्ड मेडल पर भी कब्जा जमाया।

सुंदर सिंह गुर्जर - कांस्य पदक - मेंस जेवलिन थ्रो F46

सुंदर सिंह गुर्जर ने मेंस जेवलिन थ्रो F46 वर्ग में कांस्य पदक जीता, इस दौरान वह देवेंद्र झाझरिया से पीछे रहे।

सुंदर सिंह गुर्जर ने अपना पहला पैरालंपिक पदक जीतने के लिए 64.01 मीटर का इस सीजन का अपना सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया।

योगेश कथुनिया - रजत पदक - मेंस डिस्कस थ्रो F56

योगेश कथुनिया ने मेंस डिस्कस थ्रो F56 क्लास में 44.58 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ रजत पदक जीता।

भारतीय का यह खिलाड़ी केवल ब्राजील के क्लॉडीनी बतिस्तिया डॉस सैंटोस से पीछे रहा, जिन्होंने स्वर्ण पदक जीतने के लिए 45.59 मीटर के साथ गोल्ड जीता। इस दौरान उन्होंने नया पैरालंपिक रिकॉर्ड भी बनाया।

सुमित अंतिल - स्वर्ण पदक - मेंस जेवलिन थ्रो F64

सुमित अंतिल ने मेंस जेवलिन थ्रो F64 कैटेगरी में स्वर्ण जीतने के लिए अपना ही वर्ल्ड रिकॉर्ड तीन बार तोड़ा।

23 साल के इस एथलीट ने अपने पिछले विश्व रिकॉर्ड 62.88 मीटर को पीछे छोड़ते हुए 66.95 मीटर थ्रो के साथ शुरुआत की। सुमित अंतिल ने अपने दूसरे प्रयास में एक बार फिर 68.08 मीटर थ्रो के साथ एक नया विश्व रिकॉर्ड बनाया।

आखिरी में उन्होंने नया वर्ल्ड रिकॉर्ड क्या 68.55 मीटर के साथ बनाया। यह फाइनल में सुमित का 5वां प्रयास था, जिसकी बदौलत वह पोडियम पर पहला स्थान हासिल करने में कामयाब रहे।

सिंहराज अदाना, कांस्य पदक, मेंस10 मीटर एयर पिस्टल शूटिंग SH1

सिंहराज अदाना ने मेंस 10 मीटर एयर पिस्टल SH1 क्लास में कांस्य के साथ पैरालंपिक में भारत का दूसरा शूटिंग मेडल जीता।
39 साल के सिंहराज अदाना ने फाइनल में 216.8 के स्कोर के साथ कांस्य पदक जीता। गत चैंपियन चीन के चाओ यांग ने पैरालंपिक रिकॉर्ड 237.9 के स्कोर के साथ स्वर्ण पदक जीता। वहीं चीन के ही जिंग हुआंग ने रजत पदक अपने नाम किया।

रियप्पन थंगावेलु - रजत पदक - मेंस हाई जंप T42

मरियप्पन थंगावेलु ने मेंस हाई जंप T42 क्लास में रजत पदक हासिल किया, जो कि दूसरा पैरालंपिक पदक है

शुरुआती अंक आसानी से हासिल करने के बाद, मरियप्पन थंगावेलु ने 1.83 मीटर और 1.86 मीटर के निशान तक पहुंचने के लिए तीन-तीन प्रयास किए। उनकी कोशिश 1.88 मीटर तक पार करके स्वर्ण हासिल करने की थी लेकिन तीन कोशिश पूरी होने जाने के बाद वे आगे नहीं बढ़ सके, और उन्हे रजत पदक हासिल हुआ।

यूएसए के सैम ग्रेवे ने अपनी तीसरी और अंतिम छलांग में 1.88 मीटर की दूरी तय कर स्वर्ण पदक जीता।

रद कुमार - कांस्य पदक - मेंस हाई जंप T42

पोडियम पर हमवतन थंगावेलु के साथ शरद कुमार थे, जिन्होंने मेंस हाई जंप T42 में कांस्य पदक जीता।

शरद कुमार ने 1.83 के पहले चार मार्क को पूरा किया जिसमें उनका पहला जंप उनके लिए पदक को सुनिश्चित करता था। हालांकि अपनी तीन कोशिश के बाद भी वे 1.86 मीटर को पार नहीं कर पाए और आखिरकर उन्हे कांस्य पदक हासिल हुआ।

प्रवीण कुमार - रजत पदक - मेंस हाई जंप T64

प्रवीण कुमार ने टोक्यो पैरालंपिक में मेंस हाई जंप T64 स्पर्धा में रजत के साथ भारत के लिए एथलेटिक्स में आठवां और हाई जंप में चौथा पदक हासिल किया।

प्रवीण कुमार ने फ़ाइनल में 2.07 मीटर की जंप को सफलतापूर्वक पार किया, और पोडियम पर पहुंचने के लिए एक व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ और नया एशियाई रिकॉर्ड बनाया। उन्हें केवल ग्रेट ब्रिटेन के विश्व चैंपियन जोनाथन ब्रूम-एडवर्ड्स ने पछाड़ दिया, जिन्होंने स्वर्ण पदक जीतने के लिए 2.10 मीटर दूरी की हाई जंप की।

अवनि लखेरा - कांस्य पदक - वूमेंस 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन शूटिंग SH1

टोक्यो पैरालंपिक में स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनने के बाद अवनि लखेरा ने वूमेंस 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन SH1 स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया। इसने उन्हें दो पैरालंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बना दिया।

19 वर्षीय अवनि ने फाइनल में 445.9 अंक के साथ कांस्य पदक जीता, चीन के क्यूपिंग झांग, जिन्होंने पैरालंपिक में रिकॉर्ड 457.9 के स्कोर के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया. तो वहीं जर्मनी की नताशा हिलट्रॉप ने 457.1 के स्कोर के साथ रजत पदक जीता।

हरविंदर सिंह - कांस्य पदक - मेंस इंडिविजुअल रिकर्व - ओपन आर्चरी

हरविंदर सिंह ने इतिहास की किताबों में अपना नाम दर्ज कर लिया है, टोक्यो 2020 में मेंस इंडिविजुअल रिकर्व - ओपन आर्चरी में उन्होंने कांस्य पदक हासिल किया।

हरियाणा में जन्में 30 वर्षीय तीरंदाज ने एक रोमांचक प्लेऑफ मैच में दक्षिण कोरिया के किम मिन सु को 6-5 से हराकर पैरालंपिक गेम्स में भारत को अपना पहला तीरंदाजी कांस्य पदक दिलाया।

मनीष नरवाल, गोल्ड मेडल, मेंस 50 मीटर पिस्टल SH1, टोक्यो 2020

भारत के मनीष नरवाल ने टोक्यो में पैरालंपिक में रिकॉर्ड बनाते हुए मेंस 50 मीटर पिस्टल SH1 शूटिंग के स्वर्ण पदक पर दावा किया।

उन्होंने क्वालीफाइंग में सातवें स्थान पर रहते हुए फाइनल के लिए क्वालीफाई किया, लेकिन मेडल राउंड में शानदार प्रदर्शन किया और 218.2 का स्कोर बनाया, जो पैरा खेलों में एक नया रिकॉर्ड है।

सिंहराज अधाना, सिल्वर मेडल, मेंस 50 मीटर पिस्टल SH1, टोक्यो 2020

मनीष नरवाल के हमवतन सिंहराज अधाना ने रजत पदक जीतकर भारत के लिए इस इवेंट में पहला और दूसरा दोनों स्थान हासिल किए।

सिंहराज, जिन्होंने पहले टोक्यो में मेंस 10 मीटर एयर पिस्टल SH1 में कांस्य जीता था, वह क्वालीफाइंग में चौथे स्थान पर रहे। नरवाल से पीछे रहते हुए उन्होंने फाइनल में 216.7 का स्कोर किया। आरपीसी के सर्गेई मालिशेव ने 196.8 के साथ कांस्य पदक जीता।

प्रमोद भगत, गोल्ड मेडल, मेंस सिंगल्स बैडमिंटन SL3, टोक्यो 2020

प्रमोद भगत मेंस सिंगल्स बैडमिंटन SL3 कैटेगरी में पहले पैरालंपिक चैंपियन बने। बैडमिंटन ने पैरालंपिक खेलों में अपना डेब्यू किया।

प्रमोद भगत ने सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई करने के लिए ग्रुप ए में शीर्ष स्थान हासिल किया, जहां उन्होंने जापान के डाइसुके फुजिहारा को 21-11, 21-16 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। फाइनल में भारतीय शटलर ने ग्रेट ब्रिटेन के डेनियल बेथेल को 21-14, 21-17 से हराकर पोडियम के शीर्ष स्थान पर दावा किया।

मनोज सरकार, बॉन्ज़ मेडल, मेंस सिंगल्स बैडमिंटन SL3, टोक्यो 2020

भारत के मनोज सरकार ने इस इवेंट में तीसरे स्थान पर रहते हुए कांस्य पदक जीता।

मनोज सरकार सेमीफाइनल में पहुंचने के दौरान ग्रुप ए में प्रमोद भगत से पीछे रहे, जहां वह अंतिम रजत पदक विजेता डेनियल बेथेल से हार गए। हालांकि, मनोज सरकार ने सेमीफाइनल में हारने वाले जापान के डाइसुके फुजिहारा को 22-20, 21-13 से हराकर कांस्य पदक हासिल किया।

सुहास यतिराज - रजत पदक - मेंस सिंगल्स बैडमिंटन SL4

टोक्यो पैरालंपिक मेंस सिंगल्स बैडमिंटन SL4 इवेंट में सुहास यतिराज का शानदार अभियान सिल्वर मेडल के साथ समाप्त हुआ। फाइनल में उन्हें फ्रांस के मौजूदा विश्व चैंपियन लुकास मजूर के खिलाफ हार झेलनी पड़ी। हालांकि इसके बावजूद वह सिल्वर मेडल जीतने में सफल रहे।

भारत में एक आईएएस अधिकारी के रूप में कार्य करने वाले सुहास यतिराज ने सेमीफाइनल मैच में इंडोनेशियाई शटलर फ्रेडी सेतियावान को हराया था। वहीं ग्रुप ए में वह दूसरे स्थान पर रहे थे। फाइनल में उन्होंने अपने से मजबूत प्रतिद्वंदी के खिलाफ अच्छा प्रयास तो किया लेकिन अंत में उन्हें 21-15, 17-21, 15-21 से हार झेलनी पड़ी।

कृष्णा नागर - स्वर्ण पदक - मेंस सिंगल्स बैडमिंटन SH6

भारत के कृष्णा नागर ने टोक्यो पैरालंपिक में मेंस सिंगल्स SH6 बैडमिंटन में गोल्ड मेडल के साथ भारत के अभियान का समापन किया।

फाइनल के सफर तक सिर्फ एक गेम गंवाने वाले भारतीय शटलर ने खिताबी मैच में हांगकांग के चू मान काई के खिलाफ कड़े मुकाबलें में 21-17, 16-21, 21-17 से जीत दर्ज की।

टोक्यो पैरालंपिक पदक विजेताओं की पूरी सूची
एथलीट इवेंट मेडल
भाविना पटेल वूमेंस सिंगल्स टेबल टेनिस क्लास 4 सिल्वर
निषाद कुमार मेंस हाई जंप T47 सिल्वर
अवनि लखेरा वूमेंस 10 मीटर एयर राइफल शूटिंग स्टैंडिंग SH1 गोल्ड
देवेंद्र झजारिया मेंस जेवलिन थ्रो F46 सिल्वर
सुंदर सिंह गुर्जर मेंस जेवलिन थ्रो F46 ब्रॉन्ज़
योगेश कथुनिया मेंस डिस्कस थ्रो F56 सिल्वर
सुमित अंतिल मेंस जेवलिन थ्रो F64 गोल्ड
सिंहराज अदाना मेंस10 मीटर एयर पिस्टल शूटिंग SH1 ब्रॉन्ज़
मरियप्पन थंगावेलु मेंस हाई जम्प T42 सिल्वर
शरद कुमार मेंस हाई जम्प T42 ब्रॉन्ज़
प्रवीण कुमार मेंस हाई जंप T64 सिल्वर
अवनि लखेरा वूमेंस 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन शूटिंग SH1 ब्रॉन्ज़
हरविंदर सिंह मेंस इंडिविजुअल रिकर्व, आर्चरी ब्रॉन्ज़
मनीष नरवाल मेंस 50 मी पिस्टल SH1 गोल्ड
सिंहराज अधाना मेंस 50 मी पिस्टल SH1 सिल्वर
प्रमोद भगत मेंस सिंगल्स बैडमिंटन SL3 गोल्ड
मनोज सरकार मेंस सिंगल्स बैडमिंटन SL3 ब्रॉन्ज़
सुहास यतिराज मेंस सिंगल्स बैडमिंटन SL4 सिल्वर
कृष्णा नागर
मेंस सिंगल्स बैडमिंटन SH6 गोल्ड

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